UP 2027: INDIA में स्वामी प्रसाद मौर्य की एंट्री, लेकिन टिकट किसके कोटे से? कांग्रेस के सामने नया सवाल
राहुल गांधी से मुलाकात के बाद गठबंधन के साथ चुनाव लड़ने का ऐलान, रिपोर्ट में करीब दर्जनभर सीटों की मांग; आराधना मिश्रा ने साफ किया—सीट बंटवारे का अंतिम फैसला शीर्ष नेतृत्व करेगा
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उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2027 से पहले स्वामी प्रसाद मौर्य के INDIA गठबंधन के साथ आने के बाद अब सीट-बंटवारे का नया सवाल खड़ा हो गया है। मौर्य ने राहुल गांधी से मुलाकात के बाद गठबंधन के साथ चुनाव लड़ने की बात कही है। रिपोर्ट के मुताबिक वह करीब एक दर्जन सीटें और अपने पार्टी सिंबल पर चुनाव चाहते हैं, जबकि कांग्रेस उन्हें अपने चुनाव चिह्न पर उतारना चाहती है। UP कांग्रेस अध्यक्ष आराधना मिश्रा ने साफ किया है कि गठबंधन और सीट-sharing का अंतिम फैसला केंद्रीय नेतृत्व करेगा।
स्वामी की एंट्री के बाद अब सवाल—सीट कांग्रेस देगी या SP?
प्रत्यक्षदर्शी समाचार | उत्तर प्रदेश डेस्क | 5 अक्टूबर 2026
खबर में खास
- स्वामी प्रसाद मौर्य ने राहुल गांधी से की मुलाकात
- INDIA गठबंधन के साथ UP चुनाव लड़ने की बात कही
- सीटों की संख्या पर अभी कोई आधिकारिक समझौता नहीं
- रिपोर्ट के मुताबिक मौर्य ने करीब एक दर्जन सीटों की इच्छा जताई
- मौर्य अपनी पार्टी के चुनाव चिह्न पर लड़ना चाहते हैं
- कांग्रेस उन्हें अपने सिंबल पर उतारने की इच्छुक बताई गई
- आराधना मिश्रा बोलीं—seat sharing का फैसला शीर्ष नेतृत्व करेगा
- कांग्रेस-SP के बीच पहले से सीटों की संख्या को लेकर बयानबाजी
- छोटे दल भी राहुल गांधी और कांग्रेस नेतृत्व के संपर्क में
- अखिलेश यादव का जोर सीटों की संख्या से ज्यादा winnability पर है
स्वामी प्रसाद मौर्य की एंट्री के बाद नया सवाल
लखनऊ: उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2027 से पहले विपक्षी गठबंधन में सीटों का गणित लगातार दिलचस्प होता जा रहा है। समाजवादी पार्टी और कांग्रेस के बीच सीट-sharing पर अभी अंतिम फॉर्मूला सामने नहीं आया है और इसी बीच पूर्व मंत्री स्वामी प्रसाद मौर्य ने राहुल गांधी से मुलाकात के बाद INDIA गठबंधन के साथ चुनाव लड़ने की घोषणा कर दी है।
अब सवाल सिर्फ यह नहीं है कि स्वामी प्रसाद मौर्य गठबंधन में रहेंगे या नहीं। असली सवाल है—उनकी पार्टी को सीटें किसके हिस्से से मिलेंगी और उम्मीदवार किस चुनाव चिह्न पर उतरेंगे?
राहुल गांधी से मुलाकात में क्या हुआ?
3 अक्टूबर को स्वामी प्रसाद मौर्य ने दिल्ली में कांग्रेस नेता और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी से मुलाकात की।
मुलाकात के बाद मौर्य ने कहा कि उनकी पार्टी INDIA गठबंधन के साथ रहेगी और 2027 का उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव गठबंधन के साथ मिलकर लड़ेगी। हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि भविष्य की रणनीति और उनकी पार्टी कितनी सीटों पर चुनाव लड़ेगी, इस पर आगे बातचीत होगी।
यानी गठबंधन के साथ जाने की राजनीतिक घोषणा हो चुकी है, लेकिन seat-sharing अभी बाकी है।
करीब एक दर्जन सीटों की मांग?
इस कहानी का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा सीटों की संख्या है।
स्वामी प्रसाद मौर्य ने करीब एक दर्जन विधानसभा सीटों की मांग की है। रिपोर्ट यह भी कहती है कि वह अपने दल के चुनाव चिह्न पर प्रत्याशी उतारना चाहते हैं।
लेकिन यहीं दूसरा सवाल शुरू होता है।
उसी रिपोर्ट के मुताबिक कांग्रेस चाहती है कि मौर्य से जुड़े उम्मीदवार कांग्रेस के चुनाव चिह्न पर मैदान में उतरें। इस पर अभी कोई अंतिम समझौता घोषित नहीं हुआ है।
टिकट किसके कोटे से आएगा?
2027 के चुनाव में कांग्रेस और समाजवादी पार्टी को पहले आपस में तय करना है कि दोनों कितनी-कितनी सीटों पर लड़ेंगे।
अगर कांग्रेस को अपने हिस्से की सीटों में से स्वामी प्रसाद मौर्य या दूसरे छोटे सहयोगी दलों को भी जगह देनी पड़ती है, तो इससे कांग्रेस के अपने उम्मीदवारों के लिए उपलब्ध सीटों की संख्या घट सकती है।
India Today ने रिपोर्ट किया है कि स्वामी प्रसाद मौर्य के अलावा संजय चौहान और अपना दल (कमेरावादी) से जुड़े पंकज निरंजन जैसे छोटे दलों के नेता भी राहुल गांधी से मिल चुके हैं। इनमें से कई दल कांग्रेस के जरिए विपक्षी गठबंधन में जगह तलाश रहे हैं।
आराधना मिश्रा ने क्या साफ किया?
उत्तर प्रदेश कांग्रेस की नई अध्यक्ष आराधना मिश्रा ‘मोना’ पहले ही स्पष्ट कर चुकी हैं कि INDIA गठबंधन सिर्फ उत्तर प्रदेश स्तर का गठबंधन नहीं है और सीट-sharing जैसे फैसले केंद्रीय नेतृत्व के स्तर पर होंगे।
उन्होंने Indian Express से बातचीत में कहा कि कितनी सीटें होंगी, सीट बंटवारा कब होगा और गठबंधन का स्वरूप क्या होगा—इन सभी मुद्दों का फैसला पार्टी का केंद्रीय नेतृत्व करेगा।
इसका मतलब है कि प्रदेश कांग्रेस स्तर से अभी यह घोषित नहीं किया जा सकता कि स्वामी प्रसाद मौर्य को कौन-सी सीट मिलेगी या वह सीट कांग्रेस के कोटे से आएगी।
403 सीटों पर कांग्रेस कर रही तैयारी
आराधना मिश्रा ने यह भी कहा है कि कांग्रेस सभी 403 विधानसभा क्षेत्रों में अपनी संगठनात्मक स्थिति का आकलन कर रही है।
पार्टी पहले हर विधानसभा क्षेत्र की रिपोर्ट तैयार करेगी और उसके आधार पर सीट-sharing की बातचीत में केंद्रीय नेतृत्व को जानकारी उपलब्ध कराएगी।
यह इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि कांग्रेस अपने सहयोगियों से बातचीत शुरू होने से पहले यह जानना चाहती है कि किन सीटों पर उसका संगठन और संभावित उम्मीदवार मजबूत स्थिति में हैं।
200 सीटों वाले बयान के बाद और उलझा गणित
इसी बीच UP कांग्रेस प्रभारी राजेंद्र पाल गौतम ने सीट-sharing पर कांग्रेस के लिए “बराबर सम्मान और बराबर हिस्सेदारी” की बात करते हुए 200 सीटों का जिक्र किया है।
उन्होंने ANI से कहा था कि 150 सीटों की बात किसने की, उन्होंने तो 200 सीटों की बात कही थी। हालांकि उन्होंने यह भी साफ किया कि गठबंधन को आगे बढ़ाने के लिए कांग्रेस बातचीत में लचीला रुख अपना सकती है।
इसे कांग्रेस का final 200-seat agreement नहीं समझा जाना चाहिए। सीटों पर अंतिम सहमति अभी बाकी है।
अखिलेश यादव का क्या रुख है?
समाजवादी पार्टी अध्यक्ष अखिलेश यादव सीटों की संख्या से ज्यादा जीतने की क्षमता यानी winnability पर जोर दे रहे हैं।
उन्होंने हाल में कहा कि गठबंधन के लिए यह ज्यादा महत्वपूर्ण है कि चुनाव जीता जाए, न कि सिर्फ यह कि किस पार्टी को कितनी सीटें मिलीं। पर्दाफाश
इसलिए स्वामी प्रसाद मौर्य और दूसरे छोटे दलों की सीटों पर अंतिम निर्णय में उम्मीदवार की स्थानीय ताकत भी एक प्रमुख मुद्दा बन सकती है।
मौर्य कांग्रेस में शामिल हुए हैं या गठबंधन में?
इस पर भी साफ फर्क समझना जरूरी है।
स्वामी प्रसाद मौर्य ने कांग्रेस में विलय की घोषणा नहीं की है। उन्होंने कहा कि फिलहाल उनकी पार्टी के कांग्रेस में विलय पर कोई बातचीत नहीं हुई है और चर्चा INDIA गठबंधन का हिस्सा बनने को लेकर हुई है।
