14 आपत्तियां, फिर भी सर्वसम्मति से फैसले कैसे? चुनाव आयोग की सफाई के बाद उठे नए सवाल
चुनाव आयोग का कहना है कि पिछले एक साल में अंतिम फैसले सभी आयुक्तों की सहमति से हुए, लेकिन अब सवाल उठ रहा है कि दो आयुक्तों की कड़ी आपत्तियां आखिर कैसे दूर हुईं?
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चुनाव आयोग के भीतर दो आयुक्तों की कम से कम 14 लिखित आपत्तियों की रिपोर्ट के बाद आयोग ने कहा कि अंतिम फैसले सर्वसम्मति से लिए गए। अब बहस इस बात पर है कि जिन मुद्दों पर शुरुआत में गंभीर सवाल उठे, उन पर आखिर सहमति कैसे बनी और क्या आयोग इससे जुड़े दस्तावेज सार्वजनिक करेगा।
आपत्तियां दर्ज हुईं, फिर सहमति कैसे बनी? अब इसी जवाब पर टिकी नजर
प्रत्यक्षदर्शी समाचार | राष्ट्रीय डेस्क | 25 सितंबर 2026
खबर में खास
- दो चुनाव आयुक्तों ने 10 महीनों में कम से कम 14 बार आपत्ति दर्ज की—रिपोर्ट
- चुनाव आयोग का दावा—अंतिम फैसले सर्वसम्मति से लिए गए
- Form-6, ECINet और मतदाता सूची से जुड़े मामलों पर उठे थे सवाल
- आयोग ने मतभेद को सामान्य विचार-विमर्श का हिस्सा बताया
- अब सवाल—आपत्तियों से अंतिम सहमति तक की पूरी प्रक्रिया क्या थी?
