EC मार्च के बीच राहुल पर DMK प्रवक्ता का हमला: तमिलनाडु SIR पर पूछा—विजय से सवाल क्यों नहीं?
सरवनन अन्नादुरई ने राहुल गांधी से पूछा—तमिलनाडु में SIR के बाद हटे नामों पर क्या रुख है, खड़गे के सभी सदन भंग करने वाले बयान का समर्थन करते हैं या नहीं; DMK आज के EC मार्च में शामिल नहीं हुई
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दिल्ली में SIR और चुनाव आयोग के खिलाफ विपक्षी सांसदों के मार्च के बीच DMK प्रवक्ता सरवनन अन्नादुरई ने राहुल गांधी और कांग्रेस पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने पूछा कि तमिलनाडु में SIR के दौरान मतदाता सूची से हटाए गए नामों पर राहुल गांधी का क्या रुख है और क्या वह मल्लिकार्जुन खड़गे की सभी निर्वाचित सदनों को भंग कर नए चुनाव कराने की मांग का तमिलनाडु में भी समर्थन करेंगे। उन्होंने मुख्यमंत्री विजय को लेकर भी राहुल से सवाल किया।
दिल्ली में EC पर हमला, तमिलनाडु को लेकर राहुल से DMK के सवाल
प्रत्यक्षदर्शी समाचार | राष्ट्रीय डेस्क | 6 अक्टूबर 2026
खबर में खास
- DMK प्रवक्ता सरवनन अन्नादुरई ने राहुल गांधी पर सवाल उठाए
- मुद्दा तमिलनाडु में हुई SIR और वोटर लिस्ट से नाम हटने का
- राहुल से पूछा—तमिलनाडु SIR पर आपका रुख क्या है?
- मल्लिकार्जुन खड़गे के सभी सदन भंग करने वाले बयान का भी जिक्र
- सवाल उठाया—क्या यही मांग तमिलनाडु की विजय सरकार पर भी लागू होगी?
- DMK आज के चुनाव आयोग विरोधी मार्च में शामिल नहीं हुई
- 30 सितंबर की विपक्षी बैठक से भी DMK ने दूरी बनाई थी
- तमिलनाडु विधानसभा चुनाव के बाद Congress और DMK के रिश्ते बिगड़े
- कांग्रेस ने विजय की TVK सरकार को समर्थन दिया
- TVK अब INDIA गठबंधन के राष्ट्रीय ढांचे में शामिल हो चुकी है
- तमिलनाडु SIR में अंतिम सूची से करीब 70 लाख नाम हटे, जबकि 27 लाख से ज्यादा नाम जुड़े
दिल्ली में EC मार्च, तमिलनाडु से राहुल के लिए आया नया सवाल
नई दिल्ली: SIR और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर मंगलवार को विपक्ष के बड़े प्रदर्शन के बीच एक नया राजनीतिक विवाद सामने आया है।
जब राहुल गांधी, प्रियंका गांधी, अखिलेश यादव और दूसरे विपक्षी नेता चुनाव आयोग की ओर मार्च कर रहे थे, उसी समय DMK प्रवक्ता सरवनन अन्नादुरई ने राहुल गांधी और कांग्रेस पर तमिलनाडु के SIR को लेकर सवाल उठा दिए।
DMK खुद मंगलवार के इस विरोध मार्च में शामिल नहीं हुई।
DMK प्रवक्ता ने राहुल गांधी से क्या पूछा?
सरवनन अन्नादुरई ने सवाल उठाया कि तमिलनाडु में SIR के जरिए मतदाता सूची से हटाए गए नामों पर राहुल गांधी का क्या रुख है?
उन्होंने यह भी पूछा कि कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने जिन चुनावों और निर्वाचित सरकारों की वैधता पर सवाल उठाकर उन्हें भंग करने तथा नए चुनाव कराने की मांग की है, क्या राहुल गांधी उस मांग को तमिलनाडु पर भी लागू मानते हैं।
विजय को लेकर राहुल पर सीधा सवाल
DMK प्रवक्ता ने तमिलनाडु के मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय का नाम लेकर भी राहुल गांधी को घेरा।
उनका सवाल था कि अगर कांग्रेस SIR को लेकर देशभर में इतनी आक्रामक है तो वह तमिलनाडु में मुख्यमंत्री विजय और उनकी सरकार से उसी तीखे अंदाज में सवाल क्यों नहीं कर रही।
अन्नादुरई ने राहुल गांधी पर इस मुद्दे पर दोहरा रवैया अपनाने का आरोप लगाया। यह DMK प्रवक्ता का राजनीतिक आरोप है, कोई स्थापित तथ्य नहीं।
तमिलनाडु में SIR के दौरान कितने नाम हटे?
यह सवाल इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि तमिलनाडु में 2026 विधानसभा चुनाव से पहले Special Intensive Revision यानी SIR की प्रक्रिया पूरी हुई थी।
फरवरी 2026 में प्रकाशित अंतिम मतदाता सूची के अनुसार SIR के दौरान करीब 70 लाख नाम मतदाता सूची से हटाए गए, जबकि 27 लाख से अधिक नए मतदाता जोड़े गए।
अंतिम मतदाता सूची में राज्य में करीब 5.67 करोड़ मतदाता दर्ज हुए।
हालांकि यहां यह समझना जरूरी है कि मतदाता सूची से हटाए गए सभी नामों को अपने-आप “गलत तरीके से हटाया गया” नहीं माना जा सकता। निर्वाचन सूची revision में मृत्यु, स्थान परिवर्तन, duplicate entries और दूसरे कारण भी शामिल हो सकते हैं। राजनीतिक विवाद इस बात को लेकर है कि पात्र मतदाताओं के नाम गलत तरीके से हटे या नहीं।
खड़गे ने आखिर क्या कहा था?
3 अक्टूबर को कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने देश की मौजूदा चुनाव व्यवस्था और SIR पर गंभीर आरोप लगाए थे।
उन्होंने लोकसभा और राज्य विधानसभाओं को भंग कर ballot paper से नए चुनाव कराने की मांग की और मौजूदा चुनाव प्रक्रिया की वैधता पर सवाल उठाया। India Today
इसी बयान को आधार बनाकर DMK प्रवक्ता ने राहुल गांधी से पूछा कि अगर कांग्रेस यही सिद्धांत मानती है तो तमिलनाडु में भी उसका रुख क्या होगा।
तमिलनाडु की राजनीति ने सवाल को और पेचीदा किया
इस विवाद की जड़ सिर्फ SIR नहीं है।
2026 के तमिलनाडु विधानसभा चुनाव के बाद कांग्रेस और DMK का पुराना राजनीतिक रिश्ता टूट गया था। किसी भी दल को स्पष्ट बहुमत नहीं मिलने के बाद कांग्रेस ने अभिनेता से नेता बने विजय की TVK को सरकार बनाने के लिए समर्थन दिया। Scroll.in
विजय बाद में तमिलनाडु के मुख्यमंत्री बने।
यही बदलाव कांग्रेस और DMK के बीच तनाव की बड़ी वजह बना।
TVK अब INDIA गठबंधन में
इस राजनीतिक दूरी के बाद एक और बड़ा बदलाव हुआ।
विजय की Tamilaga Vettri Kazhagam यानी TVK ने अक्टूबर की शुरुआत में INDIA गठबंधन के राष्ट्रीय ढांचे में प्रवेश किया।
इससे स्थिति और दिलचस्प हो गई क्योंकि तमिलनाडु में कभी INDIA गठबंधन का प्रमुख चेहरा रही DMK अब दूरी पर है, जबकि कांग्रेस के समर्थन से सरकार चला रही विजय की पार्टी विपक्षी गठबंधन से जुड़ गई है।
DMK आज के मार्च में क्यों नहीं थी?
DMK ने सिर्फ मंगलवार के चुनाव आयोग मार्च से ही दूरी नहीं बनाई।
30 सितंबर को हुई विपक्षी दलों की उस महत्वपूर्ण बैठक में भी पार्टी शामिल नहीं हुई थी जिसमें SIR और चुनाव आयोग के खिलाफ आंदोलन की आगे की रणनीति तय की गई थी।
DMK की नाराजगी का बड़ा कारण तमिलनाडु में कांग्रेस का विजय और TVK के साथ जाना माना जाता है।
AAP भी मार्च में शामिल नहीं हुई
मंगलवार के मार्च से आम आदमी पार्टी ने भी दूरी बनाई, लेकिन उसका कारण DMK से अलग था।
AAP ने कहा कि वह SIR और चुनाव आयोग से जुड़े मुद्दे पर अपनी लड़ाई अपने तरीके से लड़ रही है।
इसलिए AAP और DMK के मार्च में शामिल न होने को एक ही राजनीतिक वजह से जोड़ना सही नहीं होगा।
दिल्ली में दूसरी ओर क्या हो रहा था?
जिस समय DMK प्रवक्ता ने राहुल गांधी पर सवाल उठाए, दिल्ली में विपक्षी सांसद चुनाव आयोग मुख्यालय की ओर मार्च कर रहे थे।
पुलिस ने मार्च को निर्वाचन सदन पहुंचने से पहले रोक दिया। राहुल गांधी, प्रियंका गांधी, अखिलेश यादव, अभिषेक बनर्जी और कई दूसरे नेताओं को कुछ समय के लिए हिरासत में लिया गया।
प्रदर्शनकारी CEC ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे और SIR प्रक्रिया की समीक्षा की मांग कर रहे थे।
अब असली राजनीतिक सवाल क्या है?
इस घटनाक्रम ने INDIA गठबंधन के सामने एक नया सवाल खड़ा कर दिया है।
राष्ट्रीय स्तर पर कांग्रेस SIR के खिलाफ अभियान चला रही है। दूसरी ओर तमिलनाडु में उसकी सहयोगी TVK की सरकार है, जिसका गठन SIR के बाद हुए विधानसभा चुनाव के आधार पर हुआ।
इसी विरोधाभास को DMK प्रवक्ता ने राहुल गांधी के सामने उठाया है।
लेकिन कांग्रेस या राहुल गांधी की ओर से इस खास सवाल पर तत्काल विस्तृत जवाब सामने नहीं आया था।
क्या DMK फिर INDIA गठबंधन में लौट सकती है?
फिलहाल ऐसा कोई औपचारिक संकेत नहीं है।
DMK ने विपक्षी बैठकों और मंगलवार के मार्च से दूरी बनाई है, जबकि TVK अब गठबंधन में शामिल हो चुकी है। तमिलनाडु में कांग्रेस-TVK और DMK के बीच राजनीतिक प्रतिस्पर्धा जारी है। The Times of India
इसलिए आने वाले दिनों में राहुल गांधी या कांग्रेस की ओर से तमिलनाडु SIR और विजय सरकार को लेकर दिया गया कोई भी जवाब इस विवाद में नया मोड़ ला सकता है।
दिल्ली में चुनाव आयोग के खिलाफ विपक्ष का बड़ा मार्च जहां SIR को राष्ट्रीय मुद्दा बनाने की कोशिश कर रहा है, वहीं तमिलनाडु की राजनीति ने उसी मुद्दे पर कांग्रेस के सामने नया सवाल खड़ा कर दिया है। DMK प्रवक्ता ने राहुल गांधी से पूछा है कि अगर SIR के बाद हुए चुनावों पर कांग्रेस सवाल उठा रही है तो विजय सरकार पर उसका रुख क्या है। अब नजर इस बात पर रहेगी कि राहुल गांधी और कांग्रेस इस सवाल का क्या जवाब देते हैं और क्या इससे कांग्रेस-DMK की राजनीतिक दूरी और बढ़ती है।
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