'आप अयोध्या से नामांकन कीजिए, मैं भी करूंगा', अखिलेश की चुनौती पर CM योगी का पलटवार
बलरामपुर की सभा में CM योगी ने अखिलेश यादव की अयोध्या से चुनाव लड़ने की चुनौती का जवाब दिया। कहा कि वह अयोध्या राजनीति के लिए नहीं, बल्कि आस्था और विकास के लिए जाते हैं।
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अखिलेश यादव की अयोध्या से चुनाव लड़ने की चुनौती पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने जवाब दिया है। बलरामपुर में उन्होंने अखिलेश को भी उसी सीट से नामांकन करने को कहा। राम मंदिर, विकास और पिछली सरकार के कामकाज पर भी निशाना साधा।
अयोध्या सीट पर अखिलेश की चुनौती का योगी ने दिया जवाब, दोनों के नामांकन की बात कही; 2027 से पहले राजनीतिक बयानबाजी तेज
प्रत्यक्षदर्शी समाचार | बलरामपुर, उत्तर प्रदेश | 10 अक्टूबर 2026
उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2027 से पहले अयोध्या सीट को लेकर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और समाजवादी पार्टी अध्यक्ष अखिलेश यादव के बीच राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। अखिलेश यादव ने मुख्यमंत्री को अयोध्या से चुनाव लड़ने की चुनौती दी थी। अब योगी आदित्यनाथ ने बलरामपुर की जनसभा में इसका जवाब देते हुए अखिलेश को भी उसी सीट से नामांकन करने को कहा है।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि अयोध्या उनके लिए आस्था का केंद्र है और वह वहां राजनीति करने नहीं, बल्कि विकास कार्यों के लिए जाते हैं। उन्होंने अखिलेश यादव को चुनौती देते हुए कहा कि दोनों अयोध्या से चुनाव लड़कर देख सकते हैं।
योगी ने इस दौरान समाजवादी पार्टी की पिछली सरकारों के कामकाज, माफिया और कानून-व्यवस्था को लेकर भी आरोप लगाए। वहीं राम मंदिर और काशी विश्वनाथ धाम का जिक्र करते हुए विपक्ष की आलोचना की।
खबर में खास
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अखिलेश यादव की चुनौती पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बलरामपुर में जवाब दिया।
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योगी ने अखिलेश को भी अयोध्या विधानसभा सीट से नामांकन करने को कहा।
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मुख्यमंत्री बोले—अयोध्या राजनीति नहीं, आस्था और विकास का केंद्र है।
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योगी ने पिछली सपा सरकारों पर माफिया और जमीन कब्जे को लेकर आरोप लगाए।
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उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने अखिलेश के राम मंदिर न जाने पर सवाल उठाए।
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2022 के विधानसभा चुनाव में अयोध्या सीट पर भाजपा ने सपा को 19,990 वोटों से हराया था।
'आप भी नामांकन करिए और मैं भी', योगी ने स्वीकार की चुनावी चुनौती
बलरामपुर की जनसभा में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अयोध्या से चुनाव लड़ने के सवाल पर अखिलेश यादव को जवाब दिया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि अयोध्या उनके लिए पवित्र धाम है। वह वहां राजनीतिक लाभ लेने के उद्देश्य से नहीं जाते, बल्कि विकास कार्यों और आस्था के कारण जाते हैं।
इसके बाद योगी ने अखिलेश यादव को भी अयोध्या से नामांकन करने की चुनौती दी।
उन्होंने कहा कि यदि अखिलेश चाहें तो दोनों इसी विधानसभा सीट से चुनाव लड़ सकते हैं और जनता का फैसला देख सकते हैं।
हालांकि, मुख्यमंत्री का यह बयान राजनीतिक चुनौती के जवाब में दिया गया है। भाजपा की ओर से योगी आदित्यनाथ को अयोध्या विधानसभा सीट का उम्मीदवार घोषित करने की कोई आधिकारिक जानकारी इस बयान में नहीं दी गई है।
अखिलेश यादव ने CM योगी को क्या चुनौती दी थी?
इससे पहले समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव अयोध्या पहुंचे थे। वह पूर्व मंत्री तेज नारायण पांडेय उर्फ पवन पांडेय के यहां आयोजित श्रीमद्भागवत कथा में शामिल हुए और संतों का आशीर्वाद लिया।
इस दौरान उन्होंने भाजपा की अयोध्या में चुनावी तैयारियों पर सवाल उठाए।
अखिलेश यादव ने दावा किया था कि भाजपा को अयोध्या विधानसभा सीट पर समाजवादी पार्टी के उम्मीदवार का मुकाबला करने के लिए उपयुक्त प्रत्याशी नहीं मिल रहा है।
उन्होंने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को चुनौती दी थी कि यदि उन्हें अपने काम और जनसमर्थन पर भरोसा है, तो वह खुद अयोध्या से विधानसभा चुनाव लड़कर दिखाएं।
अखिलेश ने चुनाव आयोग और प्रशासन की भूमिका पर भी सवाल उठाए थे। हालांकि, भाजपा को उम्मीदवार नहीं मिलने की बात उनका राजनीतिक दावा था।
'अयोध्या हमारे लिए आस्था का केंद्र', योगी ने किया विकास का जिक्र
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अखिलेश की चुनौती के जवाब में अयोध्या से अपने जुड़ाव का उल्लेख किया।
उन्होंने कहा कि उनकी सरकार अयोध्या में विकास कार्यों को आगे बढ़ा रही है और यह शहर उनके लिए केवल चुनावी राजनीति का विषय नहीं है।
राम मंदिर और काशी विश्वनाथ धाम का जिक्र करते हुए योगी ने विपक्षी दलों की आलोचना की।
उन्होंने आरोप लगाया कि जो राजनीतिक दल पहले इन धार्मिक स्थलों के विकास में रुकावट पैदा करते थे, वे अब केंद्र सरकार का विरोध कर रहे हैं।
मुख्यमंत्री ने कांग्रेस और उसके सहयोगियों पर राजनीतिक विरोध के दौरान अनुचित भाषा इस्तेमाल करने का भी आरोप लगाया।
ये मुख्यमंत्री के राजनीतिक आरोप हैं। संबंधित दलों की भूमिका का आकलन अलग तथ्यात्मक रिकॉर्ड के आधार पर होना चाहिए।
बलरामपुर में पिछली सपा सरकार पर भी साधा निशाना
बलरामपुर की जनसभा में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उत्तर प्रदेश की पिछली सरकारों की कानून-व्यवस्था पर भी सवाल उठाए।
उन्होंने आरोप लगाया कि पहले माफिया और आपराधिक तत्व लोगों की जमीन तथा संपत्ति पर कब्जा करते थे।
योगी ने यह भी दावा किया कि समाजवादी पार्टी की सरकार के दौरान व्यापारियों को धमकियों और अवैध कब्जे जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ता था।
मुख्यमंत्री ने बलरामपुर की सड़कों का उदाहरण देते हुए कहा कि 2017 से पहले जिले की स्थिति खराब थी, जबकि उनकी सरकार ने विकास कार्यों के जरिए बदलाव लाने का प्रयास किया है।
उन्होंने बलरामपुर को अधिक अवसरों वाला जिला बनाने पर काम करने की बात कही।
हालांकि, कानून-व्यवस्था और विकास से जुड़े इन दावों का स्वतंत्र आकलन सरकारी आंकड़ों तथा स्थानीय स्थिति के आधार पर किया जाना चाहिए।
केशव प्रसाद मौर्य ने भी अखिलेश से पूछा सवाल
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के बयान से पहले उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने भी अखिलेश यादव की अयोध्या यात्रा पर सवाल उठाए थे।
मौर्य ने कहा था कि अखिलेश यादव श्रीमद्भागवत कथा में शामिल होने के लिए अयोध्या गए, लेकिन राम मंदिर में दर्शन करने नहीं पहुंचे।
उन्होंने इस मुद्दे पर समाजवादी पार्टी के रुख की आलोचना की।
वहीं अखिलेश यादव ने रामलला के दर्शन को लेकर कहा है कि वह पार्टी नेताओं के साथ उचित तारीख तय करके मंदिर जाएंगे।
अयोध्या के धार्मिक स्थलों पर नेताओं की यात्राएं और उनके चुनावी बयान अलग-अलग घटनाक्रम हैं।
अयोध्या विधानसभा सीट पर 2022 में किसकी जीत हुई थी?
अयोध्या विधानसभा सीट पर पिछले चुनाव के आंकड़े भी महत्वपूर्ण हैं।
2022 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में भाजपा के वेद प्रकाश गुप्ता ने समाजवादी पार्टी के तेज नारायण पांडेय उर्फ पवन पांडेय को हराया था।
उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट |
|---|---|---|
वेद प्रकाश गुप्ता | भाजपा | 1,13,414 |
तेज नारायण पांडेय | सपा | 93,424 |
भाजपा ने यह चुनाव 19,990 वोटों के अंतर से जीता था।
2024 में फैजाबाद लोकसभा सीट सपा जीती, लेकिन अयोध्या में भाजपा रही आगे
2024 के लोकसभा चुनाव में समाजवादी पार्टी के अवधेश प्रसाद ने फैजाबाद संसदीय सीट पर भाजपा के लल्लू सिंह को 54,567 वोटों से हराया था।
लेकिन इस संसदीय क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले अयोध्या विधानसभा खंड में भाजपा को बढ़त मिली थी।
अयोध्या विधानसभा खंड के ईवीएम मतों में भाजपा के लल्लू सिंह को 1,04,671 और सपा के अवधेश प्रसाद को 1,00,004 वोट मिले थे। यानी भाजपा यहां 4,667 वोटों से आगे रही।
इससे स्पष्ट है कि फैजाबाद लोकसभा सीट का समग्र परिणाम और उसके भीतर अयोध्या विधानसभा क्षेत्र की मतगणना के आंकड़े अलग थे।
अखिलेश ने महिलाओं को सालाना 40 हजार रुपये देने का किया था वादा
अयोध्या दौरे के दौरान अखिलेश यादव ने आगामी विधानसभा चुनाव को लेकर अपनी पार्टी की योजनाओं का भी जिक्र किया था।
उन्होंने कहा था कि उत्तर प्रदेश में समाजवादी पार्टी की सरकार बनने पर महिलाओं को सालाना 40 हजार रुपये की आर्थिक सहायता दी जाएगी।
अखिलेश ने विकास कार्यों में भेदभाव न करने, लोगों के मकान और दुकान बिना उचित आधार न उजाड़ने तथा अयोध्या के विकास पर ध्यान देने की बात भी कही थी।
यह समाजवादी पार्टी अध्यक्ष की चुनावी घोषणा है। इसे वर्तमान में लागू सरकारी योजना नहीं समझना चाहिए।
क्या योगी और अखिलेश वास्तव में अयोध्या से चुनाव लड़ेंगे?
