अभिजीत दिपके के जन्मदिन पर CJP प्रवक्ता आशुतोष रांका ने उन्हें भावुक अंदाज में बधाई दी। उनका संदेश सोशल मीडिया पर तेजी से चर्चा में आ गया है।
जन्मदिन पर सामने आया आशुतोष रांका और अभिजीत दिपके की दोस्ती का खास रिश्ता, भावुक संदेश के साथ फिर चर्चा में आया CJP का आंदोलन
अभिजीत दिपके के जन्मदिन पर आशुतोष रांका ने साझा किया भावुक संदेश
प्रत्यक्षदर्शी समाचार | राष्ट्रीय डेस्क | 29 सितंबर 2026
खबर में खास
अभिजीत दिपके का 29 सितंबर को जन्मदिन
आशुतोष रांका ने लिखा भावुक संदेश
सोशल मीडिया पर समर्थकों ने दी बधाई
NEET-UG आंदोलन से चर्चा में आया था CJP
2 अक्टूबर के प्रस्तावित प्रदर्शन पर टिकी नजर
कॉकरोच जनता पार्टी यानी CJP के संस्थापक अभिजीत दिपके के जन्मदिन पर पार्टी प्रवक्ता आशुतोष रांका का भावुक संदेश सोशल मीडिया पर चर्चा में आ गया है। रांका ने दिपके को अपना भाई बताते हुए उनके साथ बिताए संघर्ष और उम्मीद से जुड़े पलों का जिक्र किया।
‘जब उम्मीद खोने लगा, तुमने हौसला बढ़ाया’
आशुतोष रांका ने सोशल मीडिया पर अभिजीत दिपके को जन्मदिन की शुभकामनाएं देते हुए लिखा कि जब वह उम्मीद खोने लगे थे, तब दिपके ने उनका हौसला बढ़ाया। उन्होंने आने वाले शानदार पलों की उम्मीद जताते हुए दिपके के लिए अपना प्यार भी जाहिर किया।
रांका के इस संदेश के बाद समर्थकों और सोशल मीडिया उपयोगकर्ताओं ने अभिजीत दिपके को जन्मदिन की बधाई देना शुरू कर दिया। पोस्ट पर बड़ी संख्या में प्रतिक्रियाएं सामने आईं और दोनों नेताओं की दोस्ती की चर्चा तेज हो गई।
व्यंग्यात्मक अभियान से आंदोलन तक पहुंचा CJP
CJP की शुरुआत सोशल मीडिया पर एक व्यंग्यात्मक राजनीतिक अभियान के रूप में हुई थी। इसके बाद संगठन ने युवाओं, विद्यार्थियों और प्रतियोगी परीक्षाओं से जुड़े मुद्दों को उठाना शुरू किया। NEET-UG विवाद और परीक्षा व्यवस्था को लेकर किए गए प्रदर्शन के बाद CJP को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिली।
संगठन ने बाद में सरकारी स्कूलों, गिग वर्कर्स और विभिन्न भर्ती परीक्षाओं में कथित गड़बड़ियों जैसे मुद्दों को भी अपने अभियान में शामिल किया। अभिजीत दिपके ने स्पष्ट किया था कि CJP फिलहाल चुनावी राजनीति में उतरने के बजाय एक प्रेशर ग्रुप की भूमिका निभाएगा।
असम की कार्रवाई के बाद भी चर्चा में संगठन
हाल ही में असम में आशुतोष रांका और CJP से जुड़े कई स्वयंसेवकों को पुलिस ने हिरासत में लिया था। बाद में उन्हें रिहा कर दिया गया। CJP नेताओं ने पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए इसे अपने अभियान को रोकने की कोशिश बताया था। हालांकि, इन आरोपों पर संबंधित प्रशासन का पक्ष भी महत्वपूर्ण है।
अब 2 अक्टूबर के प्रदर्शन पर नजर
CJP ने चुनाव आयोग, मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR और चुनावी पारदर्शिता से जुड़े मुद्दों को लेकर 2 अक्टूबर से प्रदर्शन शुरू करने की घोषणा की है। संगठन के अनुसार अभियान की शुरुआत मुंबई से की जाएगी और बाद में इसे दूसरे शहरों तक ले जाया जा सकता है।
जन्मदिन पर आया आशुतोष रांका का भावुक संदेश केवल निजी दोस्ती तक सीमित नहीं रहा, बल्कि इससे CJP का पूरा आंदोलन एक बार फिर चर्चा में आ गया है। अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि सोशल मीडिया से सड़क तक पहुंचा यह संगठन 2 अक्टूबर के प्रस्तावित प्रदर्शन से कितनी बड़ी राजनीतिक हलचल पैदा कर पाएगा।