‘आप घर वापसी करिए, साथ नमाज पढ़ेंगे और बिरयानी खाएंगे’, मुसलमानों पर रामदेव के बयान का AIMIM ने ऐसे दिया जवाब
बाबा रामदेव ने कहा था कि भारत के सभी मुसलमान कन्वर्टेड हैं और उनके पूर्वज राम-कृष्ण तथा प्राचीन ऋषि थे। इस बयान पर AIMIM नेता शौकत अली ने तीखा पलटवार किया है।
मुसलमानों के पूर्वजों और धर्म परिवर्तन को लेकर बाबा रामदेव के बयान पर विवाद बढ़ गया है। AIMIM नेता शौकत अली ने रामदेव को ‘घर वापसी’ करने की सलाह देते हुए साथ नमाज पढ़ने और बिरयानी खाने की बात कही।
बाबा रामदेव ने भारतीय मुसलमानों को बताया ‘कन्वर्टेड’, AIMIM नेता शौकत अली के जवाब से छिड़ी पूर्वजों और धर्म परिवर्तन पर नई राजनीतिक बहस
मुसलमानों को लेकर बाबा रामदेव के बयान पर AIMIM नेता शौकत अली ने किया पलटवार
प्रत्यक्षदर्शी समाचार | उत्तर प्रदेश डेस्क | 1 अक्टूबर 2026
खबर में खास
बाबा रामदेव ने भारतीय मुसलमानों को बताया कन्वर्टेड
राम और कृष्ण को बताया मुस्लिम समुदाय का भी पूर्वज
AIMIM नेता शौकत अली ने रामदेव पर किया पलटवार
‘घर वापसी’ करके साथ नमाज पढ़ने का दिया निमंत्रण
हिंदू-मुस्लिम एकता की बात भी बोले बाबा रामदेव
भारतीय मुसलमानों के पूर्वजों और धर्म परिवर्तन को लेकर योग गुरु बाबा रामदेव के बयान पर राजनीतिक विवाद शुरू हो गया है। AIMIM नेता शौकत अली ने रामदेव के बयान पर पलटवार करते हुए उन्हें ही ‘घर वापसी’ करने की सलाह दे दी।
दरअसल, बाबा रामदेव ने AIMIM प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी के एक बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा था कि भारत में रहने वाले मुसलमानों को अपने इतिहास और पूर्वजों को पहचानना चाहिए। उन्होंने भगवान राम, भगवान कृष्ण और भारत के प्राचीन ऋषियों को मुस्लिम समुदाय का भी पूर्वज बताया।
बाबा रामदेव ने क्या कहा था?
बाबा रामदेव ने कहा था कि भारत के सभी मुसलमान कन्वर्टेड हैं। उन्होंने मुस्लिम समुदाय से अपने मूल पूर्वजों से जुड़ने की अपील करते हुए कहा कि ऐसा करने के बाद वे खुद को कमजोर महसूस नहीं करेंगे।
रामदेव ने कहा कि हिंदू और मुसलमान मिलकर रहेंगे तो दोनों समुदाय मजबूत होंगे और देश भी मजबूत बनेगा। उनका यह बयान मथुरा के बरसाना में चल रही पंडित प्रदीप मिश्रा की श्रीशिव महापुराण कथा में शामिल होने के दौरान सामने आया था।
शौकत अली ने दिया जवाब
रामदेव के बयान पर AIMIM नेता शौकत अली ने पलटवार करते हुए कहा कि हमारे और आपके पूर्वज ‘अब्बा आदम’ हैं और आपने अपना धर्म बदल लिया है।
इसके बाद शौकत अली ने कहा, “घर वापसी करिए। क्या मजा आएगा, जब हम मिलकर नमाज भी पढ़ेंगे और बिरयानी भी खाएंगे।”
शौकत अली के इस बयान के बाद सोशल मीडिया पर बहस छिड़ गई है। एक तरफ रामदेव के समर्थक उनके बयान को साझा इतिहास और सामाजिक एकता से जोड़ रहे हैं, जबकि दूसरी तरफ AIMIM नेताओं का आरोप है कि किसी समुदाय की धार्मिक पहचान को इस तरह परिभाषित करना उचित नहीं है।
ओवैसी के किस बयान पर बोले थे रामदेव?
इससे पहले AIMIM प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने दावा किया था कि देश के राजनीतिक दल नहीं चाहते कि मुसलमानों की अपनी स्वतंत्र राजनीतिक आवाज बने। उन्होंने कहा था कि मुस्लिम समुदाय को केवल वोट बैंक के रूप में देखा जाता है।
ओवैसी के इसी बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए रामदेव ने मुसलमानों के पूर्वजों और उनके धर्म परिवर्तन का उल्लेख किया था। उन्होंने दोनों समुदायों से मिलकर रहने और देश को मजबूत बनाने की अपील भी की।
रेवंत रेड्डी के बयान पर भी जताई आपत्ति
बाबा रामदेव ने तेलंगाना के मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी की राम और शिव को लेकर की गई टिप्पणी पर भी आपत्ति जताई। रामदेव ने कहा कि भगवान के नाम पर अमीर-गरीब या किसी दूसरे आधार पर भेदभाव नहीं फैलाया जाना चाहिए।
उन्होंने कहा कि राम, कृष्ण, शिव, हनुमान, सीताराम और राधा-कृष्ण के बीच भेद पैदा करने की कोशिश नहीं होनी चाहिए। सनातन धर्म के नाम पर भ्रम और भेदभाव फैलाना समाज के हित में नहीं है।
बाबा रामदेव और AIMIM नेता शौकत अली के बयानों ने पूर्वजों, धर्म परिवर्तन और धार्मिक पहचान की बहस को फिर गरमा दिया है। दोनों नेताओं ने अपने-अपने तरीके से एकता की बात जरूर कही, लेकिन इस्तेमाल किए गए शब्द सियासी टकराव बढ़ा सकते हैं। अब सवाल यह है कि ऐसे बयान समाज को करीब लाते हैं या धार्मिक विभाजन को और गहरा करते हैं।