योगी सरकार के मंत्री राकेश सचान की अखिलेश यादव और सपा नेताओं के साथ तस्वीर वायरल होने से यूपी की राजनीति में अटकलें तेज हो गई हैं। सचान ने सफाई देते हुए कहा कि विधानसभा अध्यक्ष ने उन्हें चाय पर बुलाया था और अखिलेश यादव वहां पहले से मौजूद थे।
एक तस्वीर, कई सवाल: अखिलेश यादव के साथ दिखे योगी सरकार के मंत्री राकेश सचान, बोले—‘साथ बैठकर चाय-कॉफी पी’
विधानसभा अध्यक्ष के कक्ष में अखिलेश यादव और अन्य नेताओं के साथ मंत्री राकेश सचान
प्रत्यक्षदर्शी समाचार | उत्तर प्रदेश डेस्क | 1 अक्टूबर 2026
खबर में खास
अखिलेश यादव के साथ दिखाई दिए मंत्री राकेश सचान
विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना के कक्ष की है तस्वीर
सचान बोले—राजनीतिक अर्थ निकालना गलत
राज्यसभा चुनाव के बीच क्रॉस वोटिंग की चर्चा तेज
मंत्री ने तीसरी बार भाजपा सरकार बनने का किया दावा
उत्तर प्रदेश में राज्यसभा चुनाव की तैयारियों के बीच एक तस्वीर ने राजनीतिक चर्चाओं को तेज कर दिया है। योगी सरकार के कैबिनेट मंत्री और भाजपा विधायक राकेश सचान समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव तथा सपा नेताओं के साथ दिखाई दिए। तस्वीर सोशल मीडिया पर वायरल हुई तो इसे संभावित क्रॉस वोटिंग और बदलते राजनीतिक समीकरणों से जोड़कर देखा जाने लगा।
वायरल तस्वीर में अखिलेश यादव, सपा के राज्यसभा उम्मीदवार धनराज परिमल नाथवानी, विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना और मंत्री राकेश सचान दिखाई दे रहे हैं। तस्वीर सामने आने के बाद सवाल उठने लगे कि क्या राज्यसभा चुनाव से पहले पर्दे के पीछे कोई नया राजनीतिक समीकरण तैयार हो रहा है।
चाय पर हुई मुलाकात या कोई राजनीतिक संकेत?
राजनीतिक अटकलें बढ़ने के बाद राकेश सचान ने मुलाकात की पूरी कहानी बताई। उन्होंने कहा कि विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना ने उन्हें चाय पर बुलाया था। जब वह विधानसभा अध्यक्ष के कक्ष में पहुंचे तो अखिलेश यादव और सपा के अन्य नेता वहां पहले से मौजूद थे।
सचान के अनुसार, सभी लोग कुछ समय तक साथ बैठे और चाय-कॉफी पी। उन्होंने स्पष्ट किया कि इस मुलाकात का कोई राजनीतिक अर्थ नहीं निकाला जाना चाहिए। सोशल मीडिया पर उनके सपा के संपर्क में होने से संबंधित चल रही चर्चाओं को उन्होंने भ्रामक बताया।
राज्यसभा चुनाव के कारण बढ़ीं अटकलें
इस तस्वीर की सबसे ज्यादा चर्चा इसके समय को लेकर हो रही है। उत्तर प्रदेश की 10 राज्यसभा सीटों के लिए चुनाव होना है। सपा ने रामगोपाल यादव और धनराज परिमल नाथवानी को उम्मीदवार बनाया है, जबकि अखिलेश यादव तीसरा उम्मीदवार उतारने का संकेत भी दे चुके हैं।
सपा के पास अपने दम पर दो उम्मीदवारों को जिताने का संख्या बल माना जा रहा है। तीसरे उम्मीदवार की जीत के लिए दूसरी पार्टियों के विधायकों के समर्थन या क्रॉस वोटिंग की आवश्यकता पड़ सकती है। इसी कारण भाजपा सरकार के मंत्री की अखिलेश यादव के साथ तस्वीर ने राजनीतिक अटकलों को हवा दे दी।
अखिलेश यादव ने क्या कहा?
तस्वीर को लेकर सवाल किए जाने पर अखिलेश यादव ने भी किसी राजनीतिक बदलाव की संभावना को खारिज किया। उन्होंने कहा कि वह विधानसभा अध्यक्ष से मिलने गए थे। अखिलेश ने सवाल किया कि यदि वह स्पीकर से मिले हैं तो क्या इसका अर्थ यह निकाला जाए कि सरकार बदलने जा रही है?
सपा अध्यक्ष ने तस्वीर को लेकर ज्यादा अटकलें लगाने के बजाय कहा कि अब जनता के बीच जाने और उनके मुद्दों पर बात करने का समय है।
राकेश सचान ने भाजपा के प्रति दोहराई प्रतिबद्धता
राकेश सचान ने कहा कि वह भाजपा के विधायक और उत्तर प्रदेश सरकार में कैबिनेट मंत्री हैं। उन्होंने भाजपा के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराते हुए दावा किया कि प्रदेश में लगातार तीसरी बार भाजपा की सरकार बनेगी।
सचान ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व की प्रशंसा करते हुए कहा कि उत्तर प्रदेश निवेश और औद्योगिक विकास के क्षेत्र में तेजी से आगे बढ़ रहा है।
सपा से रहा है राकेश सचान का पुराना संबंध
राकेश सचान का राजनीतिक सफर समाजवादी पार्टी से भी जुड़ा रहा है। वह सपा के टिकट पर विधायक और सांसद रह चुके हैं। बाद में उन्होंने कांग्रेस का दामन थामा और फिर वर्ष 2022 में भाजपा में शामिल हो गए।
सपा से उनके पुराने संबंध के कारण भी अखिलेश यादव के साथ सामने आई तस्वीर को लेकर चर्चाएं तेज हुईं। हालांकि सचान ने साफ कर दिया है कि यह केवल विधानसभा अध्यक्ष के कक्ष में हुई सामान्य मुलाकात थी।
राज्यसभा चुनाव से पहले सामने आई इस तस्वीर ने भले ही यूपी की राजनीति में नई चर्चा छेड़ दी हो, लेकिन राकेश सचान ने किसी भी राजनीतिक बदलाव से इनकार किया है। इसके बावजूद तीसरे उम्मीदवार और क्रॉस वोटिंग पर बने सस्पेंस के कारण विधानसभा में होने वाली हर मुलाकात पर सियासी नजरें टिकी रहेंगी।