शाहजहांपुर के एक हनुमान मंदिर में रहने वाले दो साधुओं की हत्या के बाद उनके शव जलाए जाने का सनसनीखेज मामला सामने आया है। पुलिस ने आरोपी सुमित सिंह को गिरफ्तार कर लिया है। शुरुआती जांच में मंदिर की जमीन और प्रबंधन पर कब्जे से जुड़ा विवाद सामने आया है।
मंदिर से उठा धुआं तो अंदर दिखा खौफनाक मंजर, शाहजहांपुर में दो साधुओं की हत्या कर जलाए शव; आरोपी गिरफ्तार
शाहजहांपुर के हनुमान मंदिर में दो साधुओं की हत्या के बाद जांच में जुटी पुलिस
प्रत्यक्षदर्शी समाचार | उत्तर प्रदेश डेस्क | 1 अक्टूबर 2026
खबर में खास
हनुमान मंदिर परिसर में मिले दो साधुओं के जले हुए शव
मृतकों की पहचान गोपाल दास और बिहारी दास के रूप में हुई
मंदिर की जमीन और प्रबंधन पर कब्जे का आरोप
आरोपी सुमित सिंह को पुलिस ने किया गिरफ्तार
पोस्टमार्टम रिपोर्ट से स्पष्ट होगा हत्या का पूरा तरीका
उत्तर प्रदेश के शाहजहांपुर से दिल दहला देने वाली वारदात सामने आई है। खुदागंज थाना क्षेत्र के सूथा गांव स्थित हनुमान मंदिर में रहने वाले दो साधुओं की हत्या के बाद उनके शवों को आग लगा दी गई। गुरुवार सुबह मंदिर परिसर से धुआं उठता देखकर ग्रामीण मौके पर पहुंचे तो अंदर का दृश्य देखकर स्तब्ध रह गए।
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और फोरेंसिक टीम मौके पर पहुंची। मृतकों की पहचान गोपाल दास और बिहारी दास के रूप में हुई है। पुलिस ने शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेजकर मामले की जांच शुरू कर दी है।
मंदिर परिसर में मिले जले हुए शव
बताया जा रहा है कि दोनों साधु लंबे समय से मंदिर परिसर में रहकर पूजा-पाठ और मंदिर की देखभाल करते थे। गुरुवार सुबह करीब सात बजे मंदिर से धुआं उठता दिखाई दिया। ग्रामीणों ने अंदर जाकर देखा तो दोनों साधुओं के शव जली हुई अवस्था में पड़े थे।
घटना सामने आते ही पूरे गांव में सनसनी फैल गई और बड़ी संख्या में लोग मंदिर परिसर के बाहर जमा हो गए। पुलिस अधिकारियों ने घटनास्थल का निरीक्षण किया और फोरेंसिक टीम ने वहां से जरूरी साक्ष्य जुटाए।
आरोपी को पुलिस ने किया गिरफ्तार
पुलिस ने गांव के ही रहने वाले सुमित सिंह को गिरफ्तार कर पूछताछ शुरू कर दी है। आरोप है कि उसने किसी भारी वस्तु से दोनों साधुओं पर हमला किया और इसके बाद शवों पर ज्वलनशील पदार्थ डालकर आग लगा दी।
हालांकि साधुओं को पहले मार दिया गया था या उन्हें जिंदा जलाया गया, इसकी आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है। पुलिस का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जांच पूरी होने के बाद वारदात का सही क्रम स्पष्ट होगा।
मंदिर पर कब्जे की कोशिश का आरोप
शुरुआती जांच में मंदिर की जमीन और उसके प्रबंधन को लेकर विवाद की बात सामने आई है। ग्रामीणों का आरोप है कि आरोपी मंदिर परिसर में रहना और उसके प्रबंधन पर नियंत्रण करना चाहता था। वह कथित तौर पर साधुओं पर मंदिर छोड़ने का दबाव भी बना रहा था।
पुलिस के अनुसार, आरोपी कुछ समय पहले ही जेल से बाहर आया था। उसके पुराने आपराधिक मामलों की जानकारी भी जुटाई जा रही है। पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि वारदात अचानक हुए विवाद में हुई या इसकी योजना पहले से तैयार की गई थी।
लंबे समय से मंदिर में रह रहे थे साधु
गोपाल दास करीब दो दशक से मंदिर में रहकर पूजा-पाठ और उसकी देखभाल कर रहे थे। बिहारी दास भी उनके साथ मंदिर परिसर में रहते थे। दोनों की हत्या की जानकारी मिलने के बाद ग्रामीणों और उनके परिचितों में आक्रोश है।
पुलिस ने हत्या का मामला दर्ज कर लिया है। आरोपी से पूछताछ के साथ मंदिर की जमीन से जुड़े दस्तावेज, पुराने विवाद और घटनास्थल पर मिले साक्ष्यों की जांच की जा रही है।
मंदिर में पूजा-पाठ करने वाले दो साधुओं की हत्या और शव जलाए जाने की इस वारदात ने पूरे शाहजहांपुर को झकझोर दिया है। अब पोस्टमार्टम रिपोर्ट और पुलिस जांच से ही स्पष्ट होगा कि साधुओं को पहले मारा गया या आग लगाकर उनकी जान ली गई। मंदिर की जमीन पर कब्जे के आरोप की सच्चाई भी जांच के बाद सामने आएगी।