UP Election 2027: BJP ने लखनऊ में उतारे 200 टेलीकॉलर, दिसंबर तक 1000 का प्लान; योगी की बैठक के बाद नए वोटरों पर फोकस

उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव से पहले भाजपा ने बूथ स्तर तक संपर्क बढ़ाने की तैयारी तेज की। विनोद तावड़े की पहल पर बने कॉल सेंटरों की निगरानी प्रदेश महामंत्री संजय राय कर रहे हैं। पार्टी ने मतदाता सूची में पात्र लोगों के पंजीकरण पर जोर दिया है।

UP Election 2027 से पहले भाजपा ने लखनऊ में 200 टेलीकॉलर्स के साथ संपर्क अभियान शुरू किया है। दिसंबर तक संख्या 1000 करने की योजना, मतदाता सूची पर फोकस।

प्रत्यक्षदर्शी समाचार | लखनऊ | 27 अक्टूबर 2026
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यूपी विधानसभा चुनाव 2027 की तैयारियों के तहत भाजपा ने लखनऊ में टेलीकॉलर आधारित संपर्क व्यवस्था शुरू की।

खबर में खास

  • लखनऊ में भाजपा की संपर्क व्यवस्था में शुरुआती 200 टेलीकॉलर काम कर रहे हैं।
  • दिसंबर तक टेलीकॉलर्स की संख्या 1,000 पहुंच सकती है।

  • मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 24 अक्टूबर को पार्टी नेताओं के साथ वर्चुअल बैठक की थी।

  • जिला और मंडल स्तर के नेताओं को पात्र मतदाताओं के पंजीकरण में सहयोग करने को कहा गया।

  • अप्रैल 2027 में विधानसभा चुनाव होने की संभावना जताई गई है, लेकिन आधिकारिक चुनाव कार्यक्रम घोषित नहीं हुआ है।

विधानसभा चुनाव से पहले BJP ने बढ़ाई तैयारी

उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2027 को लेकर भारतीय जनता पार्टी ने संगठनात्मक स्तर पर नई तैयारियां शुरू कर दी हैं।
पार्टी की योजना अब बूथ स्तर तक संपर्क मजबूत करने, कार्यकर्ताओं से नियमित संवाद करने और मतदाता सूची से जुड़े अभियान में सक्रिय भूमिका निभाने की है।
इकोनॉमिक टाइम्स की 27 अक्टूबर की रिपोर्ट के अनुसार, भाजपा ने लखनऊ में कॉल सेंटर स्थापित किए हैं। इनमें शुरुआत में लगभग 200 टेलीकॉलर तैनात किए जा रहे हैं।
ये टेलीकॉलर पार्टी कार्यकर्ताओं से संपर्क कर संगठनात्मक कार्यक्रमों और वरिष्ठ नेताओं के दौरों की जानकारी पहुंचा रहे हैं। साथ ही अलग-अलग क्षेत्रों से जानकारी और फीडबैक जुटाने की व्यवस्था बनाई जा रही है।

दिसंबर तक 1000 टेलीकॉलर का लक्ष्य?

मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, भाजपा के राष्ट्रीय महामंत्री और उत्तर प्रदेश प्रभारी विनोद तावड़े की पहल पर लखनऊ में कॉल सेंटर स्थापित किए गए हैं।
इनकी देखरेख प्रदेश महामंत्री संजय राय कर रहे हैं। संजय राय इससे पहले उत्तर प्रदेश भाजपा के आईटी सेल का नेतृत्व कर चुके हैं।
सूत्रों के अनुसार, 15 नवंबर तक टेलीकॉलर्स की संख्या बढ़ाने और दिसंबर तक इसे लगभग 1,000 तक पहुंचाने की योजना है।
इसके लिए प्रदेश में अन्य स्थानों पर भी नए कॉल सेंटर स्थापित करने की तैयारी बताई गई है।
हालांकि 1,000 टेलीकॉलर अभी तैनात हो चुके हैं, ऐसी पुष्टि नहीं है। यह दिसंबर तक की संभावित संगठनात्मक योजना है।

24 अक्टूबर की बैठक में योगी ने क्या निर्देश दिए?

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 24 अक्टूबर को भाजपा के वरिष्ठ प्रदेश नेताओं और कार्यसमिति सदस्यों के साथ वर्चुअल बैठक की थी।
रिपोर्ट के अनुसार, पार्टी नेतृत्व ने जिला और मंडल स्तर के पदाधिकारियों को पात्र मतदाताओं के नाम निर्वाचन सूची में जुड़वाने की प्रक्रिया में सहायता करने तथा संभावित त्रुटियों पर ध्यान देने के लिए कहा।
इसके साथ मतदाता सूची से जुड़ी गलत जानकारी या भ्रम दूर करने पर भी जोर दिया गया।
यह भाजपा का संगठनात्मक अभियान है। मतदाता सूची तैयार करना या किसी नाम को स्वीकृत करना चुनाव आयोग और संबंधित निर्वाचन अधिकारियों की जिम्मेदारी है।

SSR के जरिए नए मतदाताओं पर नजर

उत्तर प्रदेश में निर्वाचन आयोग विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण यानी SSR के माध्यम से मतदाता सूची को अपडेट कर रहा है।
इस प्रक्रिया में नए पात्र मतदाताओं के नाम जोड़ने, गलत विवरण सुधारने और निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार आपत्तियों का निस्तारण किया जाएगा।
चुनाव आयोग के निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार:

प्रक्रिया

तारीख

मतदाता सूची का प्रारूप प्रकाशन

12 नवंबर 2026

दावे और आपत्तियां

12 नवंबर से 11 दिसंबर 2026

दावों-आपत्तियों का निस्तारण

28 दिसंबर 2026 तक

अंतिम मतदाता सूची का प्रकाशन

4 जनवरी 2027

यह कार्यक्रम निर्वाचन आयोग का है, भाजपा का नहीं। आयोग का उद्देश्य पात्र नागरिकों का पंजीकरण और मतदाता सूची की शुद्धता सुनिश्चित करना है।

नए मतदाता अपना नाम कैसे जुड़वाएं?

चुनाव आयोग के नियमों के अनुसार, पात्र भारतीय नागरिक मतदाता पंजीकरण के लिए फॉर्म-6 भर सकते हैं।
आवेदन चुनाव आयोग के आधिकारिक Voters' Service Portal से किया जा सकता है।
मतदाता अपना नाम Electoral Search पर भी जाँच सकते हैं।
किसी राजनीतिक दल का कार्यकर्ता आवेदन की प्रक्रिया समझाने में सहायता कर सकता है, लेकिन नाम जोड़ने का निर्णय संबंधित निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार लेते हैं।

क्या अप्रैल 2027 में होंगे विधानसभा चुनाव?

इकोनॉमिक टाइम्स और नवभारत टाइम्स की रिपोर्टों में सूत्रों के आधार पर अगले वर्ष अप्रैल में चुनाव होने की संभावना जताई गई है।
उत्तर प्रदेश विधानसभा का कार्यकाल मई 2027 में समाप्त होने वाला है। इस कारण राजनीतिक दल उससे पहले चुनाव की तैयारियां कर रहे हैं।
हालांकि निर्वाचन आयोग ने अभी मतदान की तारीख घोषित नहीं की है। इसलिए अप्रैल को चुनाव की निश्चित तारीख बताना सही नहीं होगा।
फिलहाल भाजपा ने मतदाता सूची, बूथ संगठन और कार्यकर्ताओं के साथ संपर्क बढ़ाने पर ध्यान केंद्रित किया है।
आगे यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि प्रस्तावित कॉल सेंटर किस स्तर तक सक्रिय होते हैं और पार्टी की संगठनात्मक योजना का वास्तविक क्रियान्वयन किस तरह होता है।

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