UP चुनाव 2027: ओवैसी के गठबंधन प्रस्ताव पर कांग्रेस का जवाब! इमरान मसूद ने '80:20 फॉर्मूले' पर उठाए सवाल, BJP को फायदा होने की आशंका जताई
असदुद्दीन ओवैसी के INDIA गठबंधन में शामिल होने के प्रस्ताव पर कांग्रेस सांसद इमरान मसूद ने असहमति जताई। कहा कि ओवैसी की राजनीतिक बयानबाजी कांग्रेस के विचारों से मेल नहीं खाती और इससे धार्मिक ध्रुवीकरण बढ़ सकता है।
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UP Election 2027: कांग्रेस नेता इमरान मसूद ने ओवैसी की AIMIM से गठबंधन की संभावना पर सवाल उठाए। उन्होंने '80:20 फॉर्मूले' और सांप्रदायिक ध्रुवीकरण का मुद्दा उठाते हुए कहा कि गठबंधन पर अंतिम फैसला पार्टी नेतृत्व करेगा।
प्रत्यक्षदर्शी समाचार | लखनऊ/नई दिल्ली | 30 अक्टूबर 2026
खबर में खास
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ओवैसी के गठबंधन प्रस्ताव पर कांग्रेस सांसद इमरान मसूद की नई प्रतिक्रिया।
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मसूद ने AIMIM के साथ चुनावी समझौते पर गंभीर आपत्ति जताई।
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'80:20 फॉर्मूले' का उल्लेख करते हुए धार्मिक ध्रुवीकरण पर सवाल उठाए।
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मसूद के मुताबिक ऐसी राजनीति से भाजपा को फायदा हो सकता है।
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गठबंधन पर अंतिम निर्णय कांग्रेस नेतृत्व के स्तर पर होगा।
लखनऊ/नई दिल्ली। उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2027 से पहले विपक्षी दलों के संभावित गठबंधन को लेकर शुक्रवार को नया राजनीतिक बयान सामने आया है। कांग्रेस सांसद और उत्तर प्रदेश कांग्रेस के कार्यकारी अध्यक्ष इमरान मसूद ने AIMIM प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी के गठबंधन प्रस्ताव पर असहमति जताई है।
मसूद ने कहा कि ओवैसी के राजनीतिक भाषण और बयान कांग्रेस की विचारधारा से मेल नहीं खाते। उन्होंने धार्मिक ध्रुवीकरण की राजनीति पर चिंता जताते हुए दावा किया कि इसका चुनावी लाभ भाजपा को मिल सकता है। उनका बयान शुक्रवार सुबह मीडिया रिपोर्टों में सामने आया।
ओवैसी के प्रस्ताव पर इमरान मसूद ने क्या कहा?
इमरान मसूद ने गठबंधन के सवाल पर कहा कि किसी पार्टी के साथ चुनावी समझौता करना या नहीं करना कांग्रेस नेतृत्व का फैसला होगा।
हालांकि उन्होंने स्पष्ट किया कि ओवैसी जिस तरह के राजनीतिक मुद्दे उठाते हैं, उनसे उनकी वैचारिक असहमति है।
मसूद ने विशेष रूप से '80:20 फॉर्मूले' का उल्लेख किया और कहा कि कांग्रेस की लड़ाई धर्मनिरपेक्षता के लिए है।
उन्होंने तर्क दिया कि एक समुदाय को एकजुट करने के नाम पर की जाने वाली राजनीति दूसरे समुदाय में भी समान प्रतिक्रिया पैदा कर सकती है
BJP को फायदा होने की आशंका क्यों जताई?
इमरान मसूद का कहना है कि धार्मिक पहचान के आधार पर राजनीतिक लामबंदी बढ़ने से चुनावी ध्रुवीकरण हो सकता है।
उन्होंने आशंका जताई कि ऐसी परिस्थितियों का लाभ भाजपा को मिल सकता है। मसूद के अनुसार, इससे अंततः उन्हीं लोगों को नुकसान उठाना पड़ सकता है जिनके हितों की रक्षा करने की बात AIMIM करती है।
यह मसूद का राजनीतिक आकलन है। इससे आगामी विधानसभा चुनाव में किसी दल को फायदा या नुकसान होने की पुष्टि नहीं होती।
कैराना में ओवैसी ने दिया था गठबंधन का प्रस्ताव
इस विवाद की पृष्ठभूमि में असदुद्दीन ओवैसी का हालिया पश्चिमी उत्तर प्रदेश दौरा है।
26 अक्टूबर को कैराना की सभा में ओवैसी ने 2027 के चुनाव, मुस्लिम राजनीतिक प्रतिनिधित्व और विपक्षी दलों के गठबंधन पर अपनी बात रखी थी।
उन्होंने भाजपा का विरोध करने वाले दलों के साथ समझौते की संभावना जताई थी। साथ ही समाजवादी पार्टी और कांग्रेस की राजनीति पर भी सवाल उठाए थे।
उस समय ओवैसी के बयान में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, अखिलेश यादव और कांग्रेस का उल्लेख भी आया था। इस घटनाक्रम को प्रत्यक्षदर्शी समाचार ने पहले प्रकाशित किया था।
अब इमरान मसूद की प्रतिक्रिया के बाद गठबंधन की इस चर्चा में कांग्रेस का एक नया पक्ष सामने आया है।
क्या INDIA गठबंधन ने AIMIM के लिए दरवाजे बंद कर दिए?
इमरान मसूद के बयान को INDIA गठबंधन का सामूहिक और अंतिम निर्णय नहीं माना जा सकता।
मसूद कांग्रेस के वरिष्ठ नेता हैं, लेकिन उन्होंने स्वयं कहा है कि गठबंधन का फैसला पार्टी नेतृत्व के स्तर पर होगा।
अभी तक उपलब्ध इस घटनाक्रम में AIMIM और INDIA गठबंधन के बीच किसी औपचारिक सीट-बंटवारे या चुनावी समझौते की घोषणा नहीं हुई है।
इसीलिए मसूद की प्रतिक्रिया को गठबंधन की संभावना पर कांग्रेस के एक नेता की आपत्ति के रूप में समझना अधिक सटीक है।
2027 चुनाव से पहले क्या है राजनीतिक स्थिति?
उत्तर प्रदेश विधानसभा की कुल 403 सीटों पर अगले वर्ष चुनाव होने हैं।
भाजपा के नेतृत्व वाला गठबंधन, समाजवादी पार्टी, कांग्रेस और AIMIM सहित अलग-अलग दल चुनावी तैयारियों में जुटे हैं।
ओवैसी के गठबंधन प्रस्ताव और मसूद की प्रतिक्रिया के बीच एक महत्वपूर्ण सवाल यह है कि विपक्षी दल चुनावी सहयोग के लिए किन राजनीतिक और वैचारिक शर्तों पर सहमत हो सकते हैं।
फिलहाल कांग्रेस नेतृत्व की किसी नई औपचारिक घोषणा के बिना AIMIM से गठबंधन होने या पूरी तरह समाप्त होने का निष्कर्ष निकालना जल्दबाजी होगी।
अब देखने वाली बात होगी कि ओवैसी इमरान मसूद के इस नए बयान का क्या जवाब देते हैं और कांग्रेस नेतृत्व गठबंधन प्रस्ताव पर अपनी आधिकारिक स्थिति कब स्पष्ट करता है।
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