यूपी BJP में टिकट से पहले सर्वे, नितिन नवीन ने नाराज कार्यकर्ताओं को मनाने के दिए निर्देश

गोरखपुर में योगी आदित्यनाथ की मौजूदगी में भाजपा कोर कमेटी की बैठक। प्रत्याशियों के सर्वे, जातीय समीकरण और पूर्वांचल में संगठन की स्थिति पर मंथन।

यूपी चुनाव 2027 के लिए गोरखपुर में भाजपा कोर कमेटी की बैठक हुई। नितिन नवीन ने नाराज कार्यकर्ताओं को मनाने और बूथ मजबूत करने के निर्देश दिए। क्या टिकटों पर फैसला हुआ?

प्रत्यक्षदर्शी समाचार | गोरखपुर/लखनऊ | 5 नवंबर 2026
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भाजपा राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ । गोरखपुर में 4 नवंबर की देर रात हुई कोर कमेटी बैठक में 2027 चुनाव की तैयारियों की समीक्षा की गई।
उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2027 से पहले भारतीय जनता पार्टी ने उम्मीदवारों और संगठन की तैयारियों की समीक्षा तेज कर दी है। बुधवार, 4 नवंबर की देर रात गोरखपुर के एनेक्सी भवन में राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन की अध्यक्षता में प्रदेश भाजपा कोर कमेटी की बैठक हुई। इसमें मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, दोनों उपमुख्यमंत्री और अन्य वरिष्ठ नेता शामिल हुए। बैठक में संभावित उम्मीदवारों के अंदरूनी सर्वे, जातीय समीकरण और पिछले चुनावों के नतीजों पर चर्चा हुई।

खबर में खास

  • भाजपा कोर कमेटी की बैठक में उम्मीदवारों के आंतरिक सर्वे पर चर्चा।
  • नितिन नवीन ने नाराज और निष्क्रिय कार्यकर्ताओं से संपर्क बढ़ाने को कहा।
  • पूर्वांचल के MLC चुनाव परिणामों की समीक्षा की गई।
  • प्रत्येक क्षेत्र में सामाजिक समीकरण और बूथ की स्थिति पर ध्यान देने के निर्देश।
  • अभी किसी विधायक का टिकट काटने की आधिकारिक घोषणा नहीं हुई।

बैठक में कौन-कौन मौजूद था?

गोरखपुर की बैठक में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के अलावा उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य और ब्रजेश पाठक, प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी, प्रदेश प्रभारी विनोद तावड़े और संगठन महामंत्री धर्मपाल सिंह मौजूद रहे।
लाइव हिंदुस्तान की रिपोर्ट के अनुसार, चर्चा का प्रमुख केंद्र पूर्वांचल और आगामी विधानसभा चुनाव की तैयारियां रहीं। नेताओं ने पिछले विधानसभा और लोकसभा चुनावों में पार्टी के प्रदर्शन तथा अलग-अलग सीटों के राजनीतिक समीकरणों की समीक्षा की।

पुराने विधायकों के टिकट पर क्या फैसला हुआ?

बैठक में संभावित उम्मीदवारों से जुड़े आंतरिक सर्वे और उनकी स्थानीय स्थिति पर चर्चा हुई।
भाजपा नेतृत्व ने विधानसभा क्षेत्रवार पिछले चुनावों के वोटों के अंतर और संगठन की कमजोरियों पर ध्यान देने को कहा।
हालांकि इस बैठक के बाद किसी मौजूदा विधायक का टिकट काटने, किसी सीट पर उम्मीदवार बदलने या टिकट वितरण की अंतिम सूची जारी होने की पुष्टि नहीं हुई है।
इसलिए सर्वे पर चर्चा को टिकट कटने का फैसला मानना सही नहीं होगा।

नाराज कार्यकर्ताओं को मनाने का निर्देश

नितिन नवीन ने जनप्रतिनिधियों से कहा कि जो पुराने कार्यकर्ता नाराज या निष्क्रिय हैं, उनसे संपर्क किया जाए और उनकी समस्याओं का समाधान किया जाए।
उन्होंने बूथ और शक्ति केंद्र स्तर पर संगठन की गतिविधियां बढ़ाने तथा पुराने चुनाव परिणामों के आधार पर कमजोर क्षेत्रों की पहचान करने पर जोर दिया।
मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, विभिन्न सामाजिक वर्गों के प्रमुख लोगों से संवाद बढ़ाने के लिए स्थानीय स्तर पर सूचियां तैयार करने की बात भी सामने आई।

MLC चुनाव के नतीजों पर क्यों हुई चर्चा?

पूर्वांचल में हाल के शिक्षक और स्नातक विधान परिषद चुनाव के परिणामों को भी समीक्षा में शामिल किया गया।
वाराणसी की दोनों सीटों पर भाजपा की हार और गोरखपुर में करीबी मुकाबले के बाद पार्टी ने संबंधित क्षेत्रों की संगठनात्मक स्थिति पर विचार किया।
बैठक में यह भी चर्चा हुई कि समाजवादी पार्टी और कांग्रेस के राजनीतिक मुद्दों के जवाब में भाजपा अपना चुनावी अभियान किस तरह चलाएगी।

सपा के PDA के जवाब में भाजपा का क्या एजेंडा?

भाजपा नेतृत्व ने राष्ट्रवाद, विकास योजनाओं, सुशासन और कानून-व्यवस्था को अपने चुनावी अभियान में प्रमुखता देने पर चर्चा की।
समाजवादी पार्टी अपने पिछड़ा, दलित और अल्पसंख्यक (PDA) राजनीतिक समीकरण को आगे बढ़ा रही है। दूसरी ओर भाजपा अपनी सरकार की उपलब्धियों और संगठनात्मक संपर्क पर जोर देने की तैयारी कर रही है।
ये दोनों दलों की घोषित या रिपोर्ट की गई राजनीतिक रणनीतियां हैं। इनसे किसी चुनाव परिणाम का निष्कर्ष नहीं निकाला जा सकता।

अब आगे क्या देखना होगा?

भाजपा की कोर कमेटी में चुनावी तैयारियों पर विचार हुआ है, लेकिन उम्मीदवारों की अंतिम सूची जारी नहीं हुई है।
आगे महत्वपूर्ण सवाल यह होगा कि पार्टी अपने आंतरिक सर्वे और कार्यकर्ताओं के फीडबैक का इस्तेमाल उम्मीदवार चयन में किस तरह करती है।
फिलहाल बैठक का पुष्ट निष्कर्ष यही है कि भाजपा ने संगठन, संभावित उम्मीदवारों और क्षेत्रवार चुनावी तैयारियों की समीक्षा की है। टिकट वितरण का निर्णय अभी बाकी है।

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