सौरभ राजपूत हत्याकांड में दोषी मुस्कान रस्तोगी और साहिल शुक्ला को अदालत 14 अक्टूबर को सजा सुनाएगी। सौरभ की मां ने दोनों के लिए फांसी की मांग की है।
दोषी करार दिए जाने के बाद अब सजा की बारी, 14 अक्टूबर के फैसले पर टिकी पूरे देश की नजर
सौरभ राजपूत हत्याकांड में दोषी मुस्कान और साहिल को 14 अक्टूबर को सजा सुनाई जाएगी
प्रत्यक्षदर्शी समाचार | उत्तर प्रदेश डेस्क | 30 सितंबर 2026
खबर में खास
मुस्कान रस्तोगी और साहिल शुक्ला दोषी करार
अदालत 14 अक्टूबर को सुनाएगी दोनों की सजा
सौरभ की मां ने की फांसी देने की मांग
अभियोजन पक्ष ने भी मांगी है कठोरतम सजा
फांसी या उम्रकैद के सवाल पर टिकी नजर
मेरठ। देशभर में चर्चित नीले ड्रम हत्याकांड में मुस्कान रस्तोगी और साहिल शुक्ला को दोषी करार दिए जाने के बाद अब उनकी सजा की तारीख सामने आ गई है। मेरठ की जिला अदालत 14 अक्टूबर को दोनों दोषियों की सजा पर अपना फैसला सुनाएगी।
मुस्कान और साहिल को सौरभ राजपूत की हत्या के मामले में दोषी ठहराया गया है। अदालत ने बुधवार को दोषसिद्धि का फैसला सुनाया, लेकिन सजा की घोषणा नहीं की। अब सजा के सवाल पर अभियोजन और बचाव पक्ष की दलीलें सुनने के बाद अंतिम निर्णय लिया जाएगा।
सौरभ की मां ने मांगी फांसी
अदालत के फैसले के बाद सौरभ राजपूत की मां ने मुस्कान और साहिल के लिए फांसी की मांग की है। उन्होंने कहा कि उनके बेटे के साथ जो हुआ, उसके लिए दोनों दोषियों को कठोरतम सजा मिलनी चाहिए।
सौरभ के परिवार ने न्यायालय के फैसले पर संतोष व्यक्त किया, लेकिन कहा कि उन्हें पूर्ण न्याय तभी मिलेगा, जब दोनों दोषियों को उनके अपराध की गंभीरता के अनुसार सजा दी जाएगी।
अभियोजन ने भी की कठोर सजा की मांग
मामले की सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने अदालत के सामने परिस्थितिजन्य साक्ष्य, फोरेंसिक रिपोर्ट, कॉल डिटेल, मोबाइल लोकेशन और गवाहों के बयान प्रस्तुत किए थे। अभियोजन ने अपराध की प्रकृति को देखते हुए कठोरतम सजा की मांग की है।
हालांकि, अंतिम सजा अदालत ही तय करेगी। न्यायालय दोषियों की भूमिका, अपराध की परिस्थितियों, उपलब्ध साक्ष्यों और कानून के प्रावधानों को ध्यान में रखते हुए निर्णय सुनाएगा।
126 सुनवाई के बाद दोषी करार
इस मामले में लगभग 13 महीने तक सुनवाई चली। अदालत में 126 बार कार्रवाई हुई और 22 से अधिक गवाहों के बयान दर्ज किए गए। पुलिस ने जांच के बाद करीब एक हजार पन्नों की चार्जशीट दाखिल की थी।
मामला मार्च 2025 में सामने आया था, जब मेरठ के इंद्रानगर स्थित घर से सौरभ राजपूत का शव नीले प्लास्टिक ड्रम से बरामद हुआ था। इसके बाद पुलिस ने मुस्कान और साहिल को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था।
14 अक्टूबर के फैसले पर नजर
अदालत के सामने अब सबसे महत्वपूर्ण सवाल दोनों दोषियों की सजा का है। मामले की गंभीरता को देखते हुए अभियोजन और सौरभ के परिवार ने फांसी की मांग की है। बचाव पक्ष सजा कम कराने के लिए अपनी दलीलें रख सकता है।
14 अक्टूबर को अदालत के फैसले से स्पष्ट होगा कि मुस्कान और साहिल को मृत्युदंड, उम्रकैद या कानून के तहत कोई दूसरी सजा दी जाती है।
मुस्कान और साहिल को दोषी करार दिया जा चुका है, लेकिन सौरभ के परिवार की न्याय की लड़ाई अभी पूरी नहीं हुई है। अब 14 अक्टूबर का फैसला तय करेगा कि देश को झकझोर देने वाले नीले ड्रम हत्याकांड में दोनों दोषियों को फांसी मिलेगी, उम्रकैद होगी या अदालत कोई दूसरी सजा सुनाएगी।