मेरठ के चर्चित सौरभ राजपूत हत्याकांड में अदालत ने मुस्कान रस्तोगी और साहिल शुक्ला को दोषी करार दिया है। दोनों की सजा पर फैसला अभी बाकी है।
13 महीने की कानूनी लड़ाई के बाद आया सबसे बड़ा फैसला, मुस्कान-साहिल दोषी करार लेकिन सजा का ऐलान अभी बाकी
मेरठ के नीले ड्रम हत्याकांड में अदालत ने मुस्कान रस्तोगी और साहिल शुक्ला को दोषी करार दिया
प्रत्यक्षदर्शी समाचार | उत्तर प्रदेश डेस्क | 30 सितंबर 2026
खबर में खास
सौरभ राजपूत हत्याकांड में मुस्कान और साहिल दोषी करार
मेरठ जिला अदालत ने सुनाया महत्वपूर्ण फैसला
मामले में हुईं 126 सुनवाई, 22 से अधिक लोगों की गवाही
पुलिस ने दाखिल की थी करीब एक हजार पन्नों की चार्जशीट
दोनों दोषियों की सजा पर अदालत का फैसला अभी बाकी
मेरठ। उत्तर प्रदेश के मेरठ में हुए चर्चित सौरभ राजपूत हत्याकांड में जिला अदालत ने बड़ा फैसला सुनाया है। अदालत ने सौरभ की पत्नी मुस्कान रस्तोगी और साहिल शुक्ला को हत्या के मामले में दोषी करार दिया है। हालांकि, अदालत ने दोनों को मिलने वाली सजा की घोषणा अभी नहीं की है। अब सजा के सवाल पर अलग से सुनवाई के बाद फैसला सुनाया जाएगा।
इस मामले ने उस समय पूरे देश का ध्यान खींचा था, जब सौरभ राजपूत का शव उसके घर में रखे नीले प्लास्टिक ड्रम से बरामद हुआ था। मामले की जांच पूरी होने के बाद पुलिस ने मुस्कान और साहिल के खिलाफ करीब एक हजार पन्नों की चार्जशीट अदालत में दाखिल की थी।
126 सुनवाई के बाद आया अदालत का फैसला
इस मामले की सुनवाई के दौरान अदालत में 126 बार कार्रवाई हुई और 22 से अधिक गवाहों के बयान दर्ज किए गए। अभियोजन पक्ष ने अदालत के सामने परिस्थितिजन्य साक्ष्य, फोरेंसिक रिपोर्ट, कॉल डिटेल, मोबाइल लोकेशन और गवाहों के बयान पेश किए।
दोनों पक्षों की अंतिम बहस पूरी होने के बाद अदालत ने अपना फैसला सुरक्षित रख लिया था। बुधवार को जिला अदालत ने मुस्कान और साहिल को मामले में दोषी करार दे दिया।
मार्च 2025 में सामने आया था मामला
पुलिस के अनुसार, सौरभ राजपूत 24 फरवरी 2025 को लंदन से मेरठ लौटा था। आरोप है कि 3 मार्च को सौरभ को खाने में नशीला पदार्थ देने के बाद उसकी हत्या कर दी गई। इसके बाद उसके शव को नीले ड्रम में रखकर सीमेंट से सील कर दिया गया।
घटना के बाद मुस्कान और साहिल हिमाचल प्रदेश घूमने चले गए थे। 17 मार्च को लौटने के बाद मामला मुस्कान के परिजनों तक पहुंचा। अगले दिन पुलिस ने मेरठ के इंद्रानगर स्थित घर की तलाशी ली, जहां नीले ड्रम से सौरभ का शव बरामद हुआ।
जांच में सामने आए कई महत्वपूर्ण साक्ष्य
पुलिस ने 12 मई 2025 को अदालत में करीब एक हजार पन्नों की चार्जशीट दाखिल की थी। मामले में सौरभ के परिजनों, पुलिसकर्मियों, डॉक्टरों, ड्रम बेचने वाले व्यापारी और अन्य लोगों के बयान दर्ज किए गए।
अदालत में नीले ड्रम और ट्रॉली बैग को भी साक्ष्य के रूप में पेश किया गया। इसके अलावा मोबाइल फोन की चैट, कॉल डिटेल और लोकेशन संबंधी रिपोर्ट भी न्यायालय के सामने रखी गई।
परिवार ने की कड़ी सजा की मांग
अदालत का फैसला आने से पहले सौरभ राजपूत के परिवार ने मुस्कान और साहिल को फांसी की सजा देने की मांग की थी। परिवार का कहना है कि अपराध की गंभीरता को देखते हुए दोनों दोषियों को कठोरतम सजा मिलनी चाहिए।
अब सभी की नजर अदालत की अगली सुनवाई पर रहेगी, जिसमें मुस्कान और साहिल की सजा पर निर्णय लिया जाएगा। अदालत परिस्थितियों, उपलब्ध साक्ष्यों और दोनों पक्षों की दलीलों के आधार पर सजा तय करेगी।
करीब 13 महीने की सुनवाई, 126 अदालती कार्रवाइयों और 22 से ज्यादा गवाहों के बाद मुस्कान और साहिल को दोषी करार दिया गया है। अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि देश को झकझोर देने वाले इस हत्याकांड में अदालत दोनों दोषियों को फांसी, उम्रकैद या कोई दूसरी सजा सुनाएगी।