समाजवादी पार्टी अध्यक्ष अखिलेश यादव ने पूर्व IAS दिव्या मित्तल को पार्टी में आने का खुला संदेश दिया है। उन्होंने कहा कि अब दिव्या मित्तल को तय करना होगा कि वह हरा-लाल गमछा डाल लें। हालांकि दिव्या ने राजनीति में आने की घोषणा करते समय किसी पार्टी के झंडे तले न जाने की बात कही थी।
प्रशासनिक सेवा छोड़ राजनीति में उतरीं दिव्या मित्तल पर अखिलेश यादव ने चला बड़ा दांव, अब पूर्वांचल से चुनाव लड़ने की चर्चाओं ने पकड़ा जोर
समाजवादी पार्टी अध्यक्ष अखिलेश यादव ने पूर्व IAS दिव्या मित्तल से हरा-लाल गमछा पहनने का फैसला करने की बात कही है।
प्रत्यक्षदर्शी समाचार | उत्तर प्रदेश डेस्क | 30 सितंबर 2026
खबर में खास
पूर्व IAS दिव्या मित्तल को अखिलेश यादव का खुला संदेश
बोले—हरा और लाल रंग का गमछा पहनने का फैसला करें
दिव्या ने यूपी से राजनीतिक यात्रा शुरू करने की घोषणा की
फिलहाल किसी पार्टी में शामिल होने से किया है इनकार
पूर्वांचल की किसी सीट से चुनाव लड़ने की अटकलें तेज
उत्तर प्रदेश की राजनीति में एंट्री का ऐलान कर चुकीं पूर्व IAS अधिकारी दिव्या मित्तल को समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने पार्टी में शामिल होने का खुला संदेश दिया है। मीडिया के सवाल का जवाब देते हुए अखिलेश यादव ने कहा कि अब दिव्या मित्तल को तय करना पड़ेगा कि वह हरा और लाल रंग का गमछा पहन लें।
हरा और लाल समाजवादी पार्टी के प्रमुख रंग हैं। ऐसे में अखिलेश यादव के इस बयान को दिव्या मित्तल के लिए सपा में आने के प्रस्ताव के रूप में देखा जा रहा है। हालांकि अखिलेश ने किसी टिकट, पद या चुनाव क्षेत्र की औपचारिक घोषणा नहीं की है।
राजनीति में आने का ऐलान कर चुकी हैं दिव्या
उत्तर प्रदेश कैडर की 2013 बैच की पूर्व IAS अधिकारी दिव्या मित्तल ने हाल ही में करीब 13 वर्ष की प्रशासनिक सेवा के बाद राजनीति में उतरने का ऐलान किया था। उन्होंने उत्तर प्रदेश को अपनी कर्मभूमि बताते हुए कहा था कि उनकी राजनीतिक यात्रा यहीं से शुरू होगी।
दिव्या मित्तल ने जनता से जुड़े सवाल उठाने और उन लोगों की आवाज बनने की बात कही थी, जिनकी समस्याएं सरकारी कार्यालयों तक नहीं पहुंच पातीं। उन्होंने स्कूल, सड़क, जमीन और पेपर लीक जैसे मुद्दों का उल्लेख करते हुए व्यवस्था से जवाब मांगने की बात कही थी।
फिलहाल किसी पार्टी में जाने से इनकार
राजनीति में कदम रखने की घोषणा करते समय दिव्या मित्तल ने स्पष्ट किया था कि फिलहाल वह किसी राजनीतिक पार्टी के झंडे के नीचे नहीं जा रही हैं। उनका कहना था कि वह स्वतंत्र रूप से जनता के मुद्दों को उठाना चाहती हैं।
इसी वजह से अखिलेश यादव के प्रस्ताव के बाद सबसे बड़ा सवाल यह है कि क्या दिव्या मित्तल अपने पहले फैसले पर कायम रहेंगी या समाजवादी पार्टी के साथ अपनी राजनीतिक यात्रा शुरू करेंगी। खबर लिखे जाने तक दिव्या मित्तल ने अखिलेश यादव के बयान पर कोई सार्वजनिक प्रतिक्रिया नहीं दी है।
अखिलेश ने पहले भी किया था समर्थन
दिव्या मित्तल के IAS पद से इस्तीफा देने के बाद भी अखिलेश यादव ने उनका जिक्र किया था। उस समय सपा प्रमुख ने भाजपा सरकार पर आरोप लगाते हुए कहा था कि उत्तर प्रदेश में ईमानदार अधिकारियों को काम नहीं करने दिया जा रहा और वे व्यवस्था से परेशान हैं।
अब राजनीति में आने की घोषणा के बाद अखिलेश ने सीधे सपा के हरे-लाल गमछे की बात कहकर अपने इरादे जाहिर कर दिए हैं। माना जा रहा है कि सपा प्रशासनिक अनुभव और साफ छवि वाले नए चेहरों को 2027 के चुनाव से पहले अपने साथ जोड़ना चाहती है।
पूर्वांचल से चुनाव लड़ने की चर्चा
दिव्या मित्तल ने मिर्जापुर और संतकबीरनगर सहित उत्तर प्रदेश के कई जिलों में प्रशासनिक जिम्मेदारियां निभाई हैं। उनके राजनीति में आने की घोषणा के बाद से पूर्वांचल की किसी विधानसभा सीट से चुनाव लड़ने की अटकलें लगाई जा रही हैं।
हालांकि उन्होंने अभी किसी सीट या पार्टी का नाम घोषित नहीं किया है। ऐसे में उम्मीदवार बनने या पूर्वांचल से चुनाव लड़ने की चर्चाएं केवल राजनीतिक अटकलें हैं। तस्वीर तभी स्पष्ट होगी, जब दिव्या मित्तल अपने अगले कदम की औपचारिक घोषणा करेंगी।
अखिलेश यादव ने हरे-लाल गमछे का जिक्र कर दिव्या मित्तल के सामने सपा का दरवाजा खोल दिया है, लेकिन अंतिम फैसला पूर्व IAS अधिकारी को करना है। अगर दिव्या सपा का प्रस्ताव स्वीकार करती हैं, तो प्रशासनिक अनुभव और साफ छवि के सहारे वह UP Election 2027 में पार्टी का चर्चित चेहरा बन सकती हैं।