मेरठ के चर्चित सौरभ राजपूत हत्याकांड में आज जिला अदालत का फैसला आने वाला है। पत्नी मुस्कान रस्तोगी और साहिल शुक्ला पर हत्या कर शव को नीले ड्रम में छिपाने का आरोप है। सौरभ के परिवार ने दोनों आरोपियों के लिए फांसी की मांग की है।
126 तारीखों की सुनवाई के बाद ‘नीले ड्रम’ कांड में फैसले की घड़ी, मुस्कान-साहिल की सजा पर टिकी पूरे देश की नजर
मेरठ के चर्चित सौरभ राजपूत ‘नीला ड्रम’ हत्याकांड में मुस्कान रस्तोगी और साहिल शुक्ला पर आज अदालत का फैसला आने वाला है।
प्रत्यक्षदर्शी समाचार | उत्तर प्रदेश डेस्क | 30 सितंबर 2026
खबर में खास
मेरठ के चर्चित सौरभ राजपूत हत्याकांड में आज फैसला
मुस्कान रस्तोगी और साहिल शुक्ला मामले में आरोपी
सुनवाई के दौरान 22 से अधिक गवाहों के बयान दर्ज
पीड़ित परिवार ने आरोपियों के लिए फांसी की मांग की
कचहरी परिसर और आसपास अतिरिक्त पुलिस बल तैनात
उत्तर प्रदेश के मेरठ में सामने आए चर्चित ‘नीले ड्रम’ हत्याकांड में बुधवार को फैसले की घड़ी आ गई है। जिला न्यायाधीश अरविंद कुमार मिश्रा की अदालत सौरभ राजपूत हत्याकांड में अपना निर्णय सुनाने वाली है। मामले में सौरभ की पत्नी मुस्कान रस्तोगी और उसके कथित प्रेमी साहिल शुक्ला को आरोपी बनाया गया है।
इस सनसनीखेज मामले की करीब 126 तारीखों पर सुनवाई हुई और अभियोजन पक्ष की ओर से 22 से अधिक गवाहों के बयान दर्ज कराए गए। अब अदालत उपलब्ध साक्ष्यों और गवाहियों के आधार पर तय करेगी कि आरोपियों के खिलाफ लगाए गए आरोप कितने साबित हुए हैं। फैसले से पहले कचहरी परिसर और उसके आसपास सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है।
सौरभ के परिवार ने की फांसी की मांग
फैसले से पहले सौरभ राजपूत के भाई राहुल ने कहा कि इस घटना के कारण पूरा परिवार बुरी तरह टूट गया। उन्होंने दोनों आरोपियों के लिए फांसी की सजा की मांग करते हुए कहा कि परिवार को अदालत से न्याय मिलने की उम्मीद है।
सौरभ की मां रेणु देवी ने भी दोषियों को कड़ी सजा देने की मांग की। उनका कहना है कि केवल उनका परिवार ही नहीं, बल्कि पूरे देश की नजर इस मामले पर है। उन्होंने न्याय मिलने में हो रही देरी पर चिंता भी जताई।
क्या है मेरठ का ‘नीला ड्रम’ मामला?
अभियोजन पक्ष के अनुसार, मार्च 2025 में मेरठ के ब्रह्मपुरी क्षेत्र स्थित घर में सौरभ राजपूत की हत्या कर दी गई थी। आरोप है कि हत्या के बाद शव को ठिकाने लगाने के लिए उसके टुकड़े करके नीले ड्रम में रखा गया और उसे सीमेंट से भरकर छिपाने का प्रयास किया गया।
पुलिस ने मामले में सौरभ की पत्नी मुस्कान रस्तोगी और साहिल शुक्ला को गिरफ्तार किया था। जांच के दौरान पुलिस और फॉरेंसिक टीम ने घटनास्थल से मिले साक्ष्यों को अदालत में पेश किया। अभियोजन पक्ष का दावा है कि गवाहियों और परिस्थितिजन्य साक्ष्यों की कड़ियां आरोपियों तक पहुंचती हैं। हालांकि आरोपों पर अंतिम निर्णय अदालत को सुनाना है।
फैसले से पहले बदला आरोपियों का व्यवहार
मेरठ जेल प्रशासन के अनुसार, फैसले की तारीख नजदीक आने के बाद दोनों आरोपियों के व्यवहार में बदलाव देखने को मिला। साहिल कथित रूप से कई दिनों से खामोश था, जबकि मुस्कान अपना अधिक समय पूजा में बिता रही थी। दोनों की पेशी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से कराए जाने की संभावना जताई गई है।
वरिष्ठ अभियोजन अधिकारी केके चौबे के अनुसार, अभियोजन पक्ष की सभी गवाहियां पूरी हो चुकी हैं और अदालत से आरोपियों को कड़ी सजा देने की मांग की गई है। अदालत का अंतिम फैसला कानून और पेश किए गए साक्ष्यों के आधार पर होगा।
नीले ड्रम से सौरभ का शव मिलने के बाद पूरे देश को झकझोर देने वाला यह मामला अब निर्णायक मोड़ पर पहुंच गया है। 126 तारीखों की लंबी सुनवाई के बाद आने वाला अदालत का फैसला न केवल आरोपियों का भविष्य तय करेगा, बल्कि न्याय की प्रतीक्षा कर रहे सौरभ के परिवार के लिए भी बेहद महत्वपूर्ण होगा।