सम्राट कैबिनेट के 30 बड़े फैसले: 21 हजार घरों को बिजली, किसानों और आंगनबाड़ी कर्मियों को बड़ी राहत
2554 कृषि फीडरों का होगा सोलराइजेशन, आंगनबाड़ी कर्मियों के मानदेय के लिए 477 करोड़ और हीमोफीलिया मरीजों के इलाज को नई योजना मंजूर
बिहार की सम्राट चौधरी सरकार ने कैबिनेट बैठक में 30 प्रस्ताव मंजूर किए। बिजली, कृषि, स्वास्थ्य, सड़क, रोजगार और आंगनबाड़ी कर्मियों से जुड़े कई महत्वपूर्ण फैसले लिए गए हैं।
बिजली से स्वास्थ्य तक सम्राट सरकार के बड़े फैसले, हजारों परिवारों और कर्मचारियों को सीधे लाभ मिलने का दावा
प्रत्यक्षदर्शी समाचार | बिहार डेस्क | 30 सितंबर 2026
खबर में खास
- सम्राट कैबिनेट ने 30 प्रस्तावों को दी मंजूरी
- कैमूर और रोहतास के 21,644 घरों तक पहुंचेगी बिजली
- 2554 कृषि फीडरों के सोलराइजेशन पर खर्च होंगे ₹2761.55 करोड़
- आंगनबाड़ी कर्मियों के मानदेय के लिए ₹477 करोड़ मंजूर
- हीमोफीलिया मरीजों के इलाज के लिए शुरू होगी नई योजना
पटना। बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की अध्यक्षता में बुधवार को हुई कैबिनेट बैठक में 30 महत्वपूर्ण प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। कैबिनेट के फैसलों में बिजली, कृषि, स्वास्थ्य, सड़क, पर्यटन, कानून-व्यवस्था और कर्मचारियों के मानदेय से जुड़े प्रस्ताव शामिल हैं।
सरकार ने बिहार हरित हाइड्रोजन नीति-2026 के प्रारूप को भी स्वीकृति दी है। इसके माध्यम से राज्य में स्वच्छ ऊर्जा को बढ़ावा देने और भविष्य में हरित निवेश आकर्षित करने की तैयारी की जाएगी।
21,644 घरों तक पहुंचेगी बिजली
कैबिनेट ने कैमूर और रोहतास जिलों की 177 बसावटों और 132 गांवों में रहने वाले 21,644 परिवारों को ग्रिड से बिजली देने वाली योजना की संशोधित लागत को मंजूरी दी है। इस परियोजना के लिए ₹351.85 करोड़ स्वीकृत किए गए हैं।
इसके पूरा होने से उन ग्रामीण और दुर्गम क्षेत्रों में बिजली पहुंचाने में मदद मिलेगी, जहां अभी तक नियमित ग्रिड कनेक्शन उपलब्ध नहीं है।
किसानों के लिए सोलर होंगे 2554 कृषि फीडर
सरकार ने राज्य के शेष 2554 कृषि फीडरों के सोलराइजेशन को मंजूरी दी है। इसके अंतर्गत 2585 मेगावाट क्षमता वाले सौर ऊर्जा संयंत्र लगाए जाएंगे। योजना के लिए कुल ₹2761.55 करोड़ के अनुदान को स्वीकृति दी गई है।
सरकार का कहना है कि इस फैसले से किसानों को सिंचाई के लिए बिजली की उपलब्धता बेहतर होगी और पारंपरिक ऊर्जा पर निर्भरता कम की जा सकेगी।
आंगनबाड़ी कर्मियों के मानदेय के लिए ₹477 करोड़
कैबिनेट ने आंगनबाड़ी केंद्रों पर कार्यरत सेविका और सहायिकाओं के मानदेय भुगतान के लिए ₹477 करोड़ की अग्रिम राशि मंजूर की है। इससे आईसीडीएस निदेशालय, जिला कार्यक्रम कार्यालय और बाल विकास परियोजना कार्यालयों के विभिन्न कर्मियों का मानदेय भी दिया जाएगा।
हीमोफीलिया मरीजों के लिए नई योजना
बिहार सरकार ने हीमोफीलिया से पीड़ित मरीजों के बेहतर इलाज के लिए मुख्यमंत्री हीमोफीलिया योजना शुरू करने का फैसला किया है। योजना के पहले वर्ष में आवश्यक दवा की खरीद के लिए ₹26.33 करोड़ की प्रशासनिक स्वीकृति दी गई है।
यह योजना मुख्यमंत्री चिकित्सा सहायता कोष के अंतर्गत संचालित होगी और गंभीर बीमारी से जूझ रहे मरीजों को महंगे इलाज में सहायता मिलने की उम्मीद है।
सड़क और पर्यटन परियोजनाओं को मंजूरी
मुंगेर के तारापुर बाईपास की संशोधित परियोजना के लिए ₹115.90 करोड़ और एक अन्य बाईपास निर्माण के लिए ₹87.63 करोड़ मंजूर किए गए हैं। पटना में मीठापुर-महुली एलिवेटेड रोड से डाउन रैंप एवं सड़क निर्माण के लिए ₹82.26 करोड़ की स्वीकृति दी गई है।
पटना में दो विश्वस्तरीय क्रूज टर्मिनल विकसित करने के लिए भारतीय अंतर्देशीय जलमार्ग प्राधिकरण को जमीन लीज पर देने का फैसला भी किया गया है। इसके अलावा होटल ताज सिटी सेंटर से जुड़े प्रस्ताव को पर्यटन नीति के तहत वित्तीय मंजूरी मिली है।
कानून-व्यवस्था के लिए खरीदे जाएंगे नए वाहन
प्रदेश में कानून-व्यवस्था मजबूत करने के लिए 30 वाटर कैनन और 86 वज्र वाहन खरीदे जाएंगे। इनके लिए कुल ₹62.52 करोड़ की प्रशासनिक स्वीकृति दी गई है।
कैबिनेट ने दो विश्वविद्यालयों में 34-34 नए पदों के सृजन और कुशल युवा कार्यक्रम के संचालन के लिए 871 संचालकों को काम जारी रखने की अनुमति भी प्रदान की है।
