Ashutosh Ranka Attack: आशुतोष रांका पर हमले से भड़के अखिलेश, बोले- 'BJP के लिए शिक्षा व्यापार है'

जयपुर के रामपुरा-कंवरपुरा में स्कूल देखने पहुंची CJP टीम से मारपीट और गाड़ियों में तोड़फोड़ के बाद सपा प्रमुख ने घटना को बताया बेहद निंदनीय; BJP ने हमले में अपने कार्यकर्ताओं की भूमिका से किया इनकार

Ashutosh Ranka Attack: आशुतोष रांका पर हमले से भड़के अखिलेश, बोले- 'BJP के लिए शिक्षा व्यापार है'

जयपुर में CJP के आशुतोष रांका और कार्यकर्ताओं पर कथित हमले के बाद अखिलेश यादव ने BJP पर निशाना साधा है। सपा प्रमुख ने कहा कि स्कूलों की बदहाली दिखाने वाले युवाओं पर हिंसा बेहद निंदनीय है और आरोप लगाया कि BJP के लिए शिक्षा 'व्यापार' है, मानव संसाधन विकास का विषय नहीं।

लखनऊ/जयपुर: राजस्थान के जयपुर में सरकारी स्कूल की स्थिति देखने पहुंची कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) की टीम के साथ हुई मारपीट और वाहनों में तोड़फोड़ का मामला अब उत्तर प्रदेश की राजनीति तक पहुंच गया है। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने CJP के सह-संयोजक आशुतोष रांका और कार्यकर्ताओं के साथ हुई घटना की कड़ी निंदा करते हुए BJP पर तीखा हमला बोला है।

अखिलेश यादव ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर घटना को लेकर कहा कि स्कूलों की खराब स्थिति लोगों के सामने लाने की कोशिश कर रहे युवा आंदोलनकारियों के साथ राजस्थान में हुई हिंसा और उनकी गाड़ियों के शीशे तोड़े जाने की घटना बेहद निंदनीय है। उन्होंने इसके लिए BJP से जुड़े लोगों को जिम्मेदार ठहराया, हालांकि हमलावरों की राजनीतिक पहचान की स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हुई है।

'शिक्षा भाजपाइयों के लिए व्यापार है' 

Akhilesh Yadav Reacts to Ashutosh Ranka CJP Attack in Jaipur
जयपुर में आशुतोष रांका और CJP कार्यकर्ताओं के साथ हुई हिंसा के बाद अखिलेश यादव ने BJP पर निशाना साधते हुए कहा कि उसके लिए शिक्षा 'व्यापार' है।

अखिलेश यादव ने अपने बयान में शिक्षा व्यवस्था को लेकर BJP पर गंभीर राजनीतिक आरोप लगाए।

उन्होंने कहा कि हिंसा हताशा का उग्र रूप होती है और आरोप लगाया कि BJP तथा उसके सहयोगी नहीं चाहते कि लोग शिक्षा के जरिए जागरूक हों और सत्ता से सवाल करें।

इसी दौरान अखिलेश ने कहा कि “शिक्षा भाजपाइयों के लिए व्यापार है, मानव संसाधन विकास का मुद्दा नहीं।” उन्होंने अपने बयान के आखिर में “छात्र कहे आज का, नहीं चाहिए भाजपा” का नारा भी दिया।

यह अखिलेश यादव का राजनीतिक आरोप है; इसे शिक्षा व्यवस्था पर किसी स्वतंत्र जांच या आधिकारिक निष्कर्ष के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए।

आखिर जयपुर में हुआ क्या था?

यह पूरा विवाद जयपुर के बगरू विधानसभा क्षेत्र के रामपुरा-कंवरपुरा गांव से जुड़ा है। CJP की टीम अपने 'School Thik Karo' अभियान के तहत गांव के सरकारी प्राथमिक विद्यालय की स्थिति देखने पहुंची थी।

आशुतोष रांका का दावा है कि विद्यालय का मुख्य भवन जर्जर और असुरक्षित होने के कारण लंबे समय से बंद है और बच्चों की पढ़ाई पास के एक शेड में कराई जा रही है। उन्होंने इसे “भैंसों के तबेले” में चलने वाला स्कूल बताया।

टीम के गांव पहुंचने से पहले ही बड़ी संख्या में लोग मौके पर जमा हो गए और CJP के प्रवेश का विरोध शुरू हो गया।

मारपीट, पथराव और गाड़ियों में तोड़फोड़

घटना के सामने आए वीडियो और रिपोर्ट्स में CJP कार्यकर्ताओं तथा विरोध कर रहे लोगों के बीच धक्का-मुक्की और टकराव दिखाई देता है। टीम की गाड़ियों पर पत्थर फेंके गए और कम से कम एक वाहन का पिछला शीशा टूट गया।

आशुतोष रांका ने आरोप लगाया कि उनकी टीम के लोगों को पीटा गया, कपड़े फाड़े गए और एक कार्यकर्ता के हाथ में फ्रैक्चर हुआ। Hindustan Times ने भी एक CJP स्वयंसेवक के हाथ में fracture होने का दावा रांका के हवाले से रिपोर्ट किया है।

CJP ने BJP पर लगाया आरोप

आशुतोष रांका और CJP संस्थापक अभिजीत दिपके ने दावा किया कि हमला स्थानीय ग्रामीणों ने नहीं बल्कि बाहर से आए BJP से जुड़े लोगों ने किया।

रांका ने यहां तक आरोप लगाया कि घटना राजस्थान के शिक्षा मंत्री मदन दिलावर के इशारे पर हुई। हालांकि इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है और BJP ने इन्हें खारिज किया है।

रांका ने मीडिया से यह भी कहा कि गांव के लोगों को हमले के लिए जिम्मेदार न ठहराया जाए, क्योंकि उनके मुताबिक गांव के ही कुछ लोगों ने टीम को स्कूल की हालत देखने के लिए बुलाया था।

BJP ने क्या जवाब दिया?

BJP ने CJP के आरोपों से इनकार किया है।

राजस्थान सरकार में मंत्री जवाहर सिंह बेढम ने आरोप लगाया कि CJP के पीछे कांग्रेस से जुड़े लोग काम कर रहे हैं और गांव में शांति भंग करने की कोशिश की जा रही है।

मंत्री अविनाश गहलोत ने CJP को “अराजक तत्वों” की पार्टी बताया और कहा कि लोग ऐसे प्रयासों का विरोध कर रहे हैं। जयपुर के BJP विधायक गोपाल शर्मा ने भी CJP पर कटाक्ष किया।

शिक्षा मंत्री मदन दिलावर ने CJP पर क्या कहा?

राजस्थान के शिक्षा मंत्री मदन दिलावर की प्रतिक्रिया भी बेहद तीखी रही।

उन्होंने दावा किया कि ग्रामीण CJP के लोगों को स्कूल में नहीं आने देना चाहते क्योंकि उनके अनुसार ऐसे लोगों के आने से विद्यालय का माहौल और बच्चों की पढ़ाई प्रभावित हो सकती है।

दिलावर ने CJP को लेकर आपत्तिजनक राजनीतिक भाषा का इस्तेमाल करते हुए आरोप लगाया कि संगठन कांग्रेस के समर्थन से काम कर रहा है और स्कूलों में व्यवधान पैदा करना चाहता है। उन्होंने कहा कि सरकार किसी भी दल या संगठन को बच्चों की पढ़ाई में बाधा डालने की अनुमति नहीं देगी।

यह मदन दिलावर का पक्ष है और इसे हमले के कारण या हिंसा के औचित्य के रूप में नहीं देखा जा सकता।

ग्रामीणों ने भी CJP के दावों को नकारा

स्थानीय निवासी जुगल किशोर शर्मा ने ANI से बातचीत में मारपीट के आरोपों से इनकार किया। उन्होंने दावा किया कि CJP के लोग बड़ी संख्या में आए थे और गाड़ी के शीशे उन्होंने खुद तोड़े।

ग्रामीण ने यह भी कहा कि स्कूल की मरम्मत के लिए करीब ₹12 लाख की राशि निर्धारित हो चुकी है और काम स्थानीय जनप्रतिनिधियों के माध्यम से कराया जाएगा।

इस तरह घटना को लेकर CJP और स्थानीय लोगों के संस्करण एक-दूसरे से बिल्कुल अलग हैं।

CJP ने शिक्षा मंत्री को दिया 48 घंटे का अल्टीमेटम

हमले के बाद CJP ने राजस्थान सरकार के खिलाफ अपना रुख और सख्त कर लिया है।

आशुतोष रांका ने शिक्षा मंत्री मदन दिलावर को 48 घंटे का अल्टीमेटम देते हुए कथित हमलावरों की गिरफ्तारी और स्कूलों में प्रवेश संबंधी आदेश वापस लेने की मांग की है।

CJP ने चेतावनी दी है कि कार्रवाई नहीं हुई तो राजस्थान भर में आंदोलन शुरू किया जाएगा और शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग भी उठाई जाएगी।

अभिजीत दिपके ने भी कहा है कि स्कूल की मरम्मत का काम शुरू नहीं होने और जिम्मेदार लोगों की गिरफ्तारी न होने पर जयपुर में बड़ा धरना दिया जा सकता है।

अखिलेश के बयान से बढ़ा राजनीतिक दायरा

अब अखिलेश यादव के इस विवाद में उतरने से जयपुर की स्थानीय घटना का राजनीतिक दायरा बढ़ गया है।

एक तरफ CJP इसे सरकारी स्कूलों की बदहाली सामने लाने वालों पर हमला बता रही है और अखिलेश यादव ने भी इसी आधार पर BJP को घेरा है। दूसरी तरफ BJP और राजस्थान सरकार CJP पर राजनीतिक एजेंडा चलाने और विद्यालयों का माहौल बिगाड़ने का आरोप लगा रहे हैं।

इस पूरे विवाद के बीच मूल सवाल उस सरकारी विद्यालय की स्थिति का भी है, जहां मुख्य भवन की खराब हालत के कारण छात्रों को दूसरी जगह पढ़ाए जाने की बात सामने आई है।

अब आगे पुलिस की जांच से यह स्पष्ट होना महत्वपूर्ण होगा कि मारपीट और तोड़फोड़ में कौन लोग शामिल थे और क्या किसी राजनीतिक दल से उनका संबंध था।

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