‘यश ठाकुर बनकर मिला था शाहनवाज’, लखनऊ कार कांड की पीड़िता ने सुनाई पूरी कहानी; शादी को लेकर लगाए गंभीर आरोप
लखनऊ में कार के बोनट पर युवती को घसीटने के मामले में गिरफ्तार शाहनवाज पर पीड़िता ने पहचान छिपाने और शादी का दबाव बनाने समेत कई आरोप लगाए हैं। पुलिस ने हत्या के प्रयास की धारा में केस दर्ज कर जांच शुरू की है।
लखनऊ के जनेश्वर मिश्र पार्क के पास कार के बोनट पर युवती को घसीटने के वायरल मामले में पीड़िता ने अब अपने रिश्ते और घटना को लेकर विस्तार से आरोप लगाए हैं। पीड़िता का कहना है कि आरोपी शाहनवाज ने शुरुआत में खुद को ‘यश ठाकुर’ बताकर उससे दोस्ती की थी। बाद में असली पहचान सामने आने और रिश्ते को लेकर विवाद बढ़ने का आरोप है। युवती ने शादी और धर्मांतरण को लेकर दबाव डालने के भी आरोप लगाए हैं। पुलिस ने शाहनवाज को गिरफ्तार कर कार कब्जे में ले ली है और हत्या के प्रयास समेत धाराओं में FIR दर्ज की है। हालांकि पुलिस ने यह भी स्पष्ट किया था कि युवती की शुरुआती तहरीर में धर्मांतरण का आरोप नहीं था और इस पहलू पर बयान के आधार पर आगे जांच की जाएगी।
प्रत्यक्षदर्शी समाचार | लखनऊ | 17 सितंबर 2026
लखनऊ कार कांड की पीड़िता ने आरोपी शाहनवाज पर पहचान छिपाने समेत कई गंभीर आरोप लगाए हैं।
खबर में खास
लखनऊ कार कांड में पीड़िता का नया इंटरव्यू
शाहनवाज पर ‘यश ठाकुर’ नाम बताने का आरोप
शादी और धर्मांतरण के दबाव के भी आरोप
आरोपी गिरफ्तार, हत्या के प्रयास समेत धाराओं में FIR
लखनऊ के जनेश्वर मिश्र पार्क के सामने युवती को कार के बोनट पर घसीटने के वायरल वीडियो के बाद अब इस मामले में पीड़िता का विस्तृत पक्ष सामने आया है।
पीड़िता ने आरोपी शाहनवाज के साथ अपने रिश्ते की शुरुआत से लेकर 16 सितंबर की सुबह हुई घटना तक कई गंभीर आरोप लगाए हैं।
पुलिस शाहनवाज को गिरफ्तार कर चुकी है और घटना में इस्तेमाल कार भी कब्जे में ली गई है।
‘मुझे यश ठाकुर नाम बताया था’
पीड़िता का आरोप है कि करीब एक साल पहले उसकी मुलाकात शाहनवाज से हुई थी और उस समय उसने अपना परिचय ‘यश ठाकुर’ के रूप में दिया था।
युवती के मुताबिक इसी पहचान के आधार पर दोनों के बीच बातचीत और बाद में रिश्ता शुरू हुआ।
बाद में उसे आरोपी की वास्तविक पहचान शाहनवाज होने की जानकारी मिली। पहचान छिपाकर रिश्ता बनाने का यह दावा फिलहाल पीड़िता का आरोप है।
शादी को लेकर क्या आरोप लगाया?
पीड़िता ने आरोपी पर शादी को लेकर दबाव बनाने का भी आरोप लगाया है।
उत्तर प्रदेश राज्य महिला आयोग के सामने भी पीड़िता ने कहा कि शाहनवाज उस पर जबरन शादी करने का दबाव बना रहा था। आयोग की उपाध्यक्ष अपर्णा यादव ने पीड़िता से मुलाकात के बाद इस पहलू की जांच की बात कही।
कुछ मीडिया रिपोर्टों में पीड़िता की ओर से धर्मांतरण का दबाव बनाने का आरोप भी सामने आया है।
लेकिन यहां एक महत्वपूर्ण तथ्य है—लखनऊ पुलिस के मुताबिक युवती की शुरुआती लिखित तहरीर में धर्मांतरण का उल्लेख नहीं था। पुलिस ने कहा था कि पीड़िता के आगे के बयान में ऐसी बात सामने आती है तो उस बिंदु पर भी कार्रवाई की जाएगी।
16 सितंबर की सुबह क्या हुआ?
पुलिस और मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक घटना 16 सितंबर की सुबह करीब 6:30 बजे जनेश्वर मिश्र पार्क के गेट नंबर 4 के पास हुई।
पीड़िता वहां चाय पीने पहुंची थी। इसी दौरान शाहनवाज कार से वहां आया। उसके साथ उसका दोस्त दानिश और अन्य युवतियां भी मौजूद थीं।
पीड़िता का आरोप है कि इसके बाद दोनों पक्षों में विवाद हुआ और जब उसने कार रोकने की कोशिश की तो शाहनवाज ने गाड़ी आगे बढ़ा दी।
बोनट पर पहुंच गई युवती
घटना के वायरल वीडियो में युवती कार के बोनट पर दिखाई देती है और आसपास मौजूद लोग गाड़ी रोकने की कोशिश करते नजर आते हैं।
पीड़िता का आरोप है कि कार की टक्कर के बाद वह बोनट पर पहुंच गई और वाइपर पकड़कर खुद को बचाने की कोशिश करती रही।
अलग-अलग रिपोर्टों में कार के बोनट पर घसीटे जाने की दूरी करीब 100 से 300 मीटर बताई गई है, इसलिए इसकी सटीक दूरी को लेकर एक समान जानकारी नहीं है।
पीड़िता का आरोप है कि नीचे गिरने के बाद भी उसे कार से कुचलने की कोशिश की गई।
हत्या के प्रयास की धारा में FIR
मामले में गोमती नगर विस्तार थाने में शाहनवाज और उसके साथी दानिश के खिलाफ FIR दर्ज की गई है।
Aaj Tak के मुताबिक FIR में BNS की धारा 109 यानी हत्या के प्रयास समेत अन्य धाराएं लगाई गई हैं।
शाहनवाज को पुलिस गिरफ्तार कर चुकी है। कार भी पुलिस के कब्जे में है, जबकि रिपोर्टिंग के समय दानिश की तलाश की जा रही थी।
महिला आयोग की भी हुई एंट्री
वायरल वीडियो सामने आने के बाद उत्तर प्रदेश राज्य महिला आयोग ने भी मामले का संज्ञान लिया।
आयोग की उपाध्यक्ष अपर्णा यादव ने इसे कथित तौर पर पहचान छिपाकर संबंध बनाने और शादी के दबाव से जोड़ते हुए जांच की बात कही है। उन्होंने इसे “लव जिहाद” का मामला बताया है।
यह अपर्णा यादव का वर्णन/आकलन है। पुलिस की शुरुआती जानकारी के मुताबिक पीड़िता की मूल तहरीर में “लव जिहाद” या धर्मांतरण का उल्लेख नहीं था।
अब जांच में किन सवालों के जवाब बाकी?
पुलिस जांच में अब आरोपी द्वारा कथित रूप से गलत नाम बताने, दोनों के रिश्ते की प्रकृति, शादी या धर्मांतरण के कथित दबाव और कार की घटना के पीछे की मंशा जैसे पहलुओं की जांच महत्वपूर्ण होगी।
वायरल वीडियो घटना का एक हिस्सा दिखाता है, जबकि पीड़िता द्वारा लगाए गए बाकी आरोपों की जांच पुलिस और आगे की न्यायिक प्रक्रिया में होगी।