‘नौकरी के चक्कर में मत पड़ो, ई-रिक्शा चलाओ’, ब्रजेश पाठक का बयान वायरल; जानिए पूरा मामला
लखनऊ में Bharat Taxi के कार्यक्रम के दौरान उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने ड्राइवरों को अपना काम करने और परिवार के साथ समय बिताने के फायदे बताए। बयान वायरल होने के बाद विपक्ष ने सरकार को घेरा।
यूपी के उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक का ‘नौकरी के चक्कर में मत पड़ो, ई-रिक्शा चलाओ’ वाला बयान सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। यह बात उन्होंने सभी युवाओं से नहीं, बल्कि लखनऊ में Bharat Taxi के कार्यक्रम में मौजूद ड्राइवरों को स्वरोजगार के लिए प्रोत्साहित करते हुए कही थी।
आधा बयान वायरल, पूरा संदर्भ सामने आने पर बदली कहानी
ब्रजेश पाठक के ‘नौकरी छोड़ो, ई-रिक्शा चलाओ’ बयान का पूरा सच
प्रत्यक्षदर्शी समाचार | उत्तर प्रदेश डेस्क | 28 सितंबर 2026
खबर में खास
ब्रजेश पाठक का ई-रिक्शा वाला बयान हुआ वायरल
कहा—नौकरी के चक्कर में मत पड़ो, अपना काम करो
Bharat Taxi के कार्यक्रम में मौजूद ड्राइवरों से कही थी बात
ड्राइवरों को स्वरोजगार के फायदे बता रहे थे उपमुख्यमंत्री
सपा सांसद पुष्पेंद्र सरोज ने बयान पर उठाए सवाल
वायरल क्लिप को लेकर सोशल मीडिया पर छिड़ी बहस
उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो में वह कहते सुनाई दे रहे हैं, “नौकरी के चक्कर में मत पड़ो, अपना चार घंटा चलाओ और दोपहर में अपने बच्चों के साथ रहो।”
उनके इस बयान को लेकर विपक्ष और सोशल मीडिया यूजर्स सरकार पर सवाल उठा रहे हैं। कई लोगों ने इसे प्रदेश के बेरोजगार युवाओं को नौकरी के बदले ई-रिक्शा चलाने की सलाह बताया है। हालांकि पूरे कार्यक्रम का संदर्भ सामने आने पर तस्वीर कुछ अलग दिखाई देती है।
Bharat Taxi के कार्यक्रम में दिया था बयान
ब्रजेश पाठक ने यह बात 23 सितंबर को लखनऊ में आयोजित Bharat Taxi सेवा के शुभारंभ कार्यक्रम में कही थी। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भी मौजूद थे और सामने बैठे ज्यादातर लोग टैक्सी एवं दूसरे वाहन चलाने वाले ड्राइवर थे।
ब्रजेश पाठक ड्राइवरों को अपना काम करने के फायदे बता रहे थे। उन्होंने कहा कि नौकरी में व्यक्ति को दूसरों के समय के हिसाब से काम करना पड़ता है, जबकि अपनी टैक्सी या ई-रिक्शा चलाने वाला व्यक्ति अपने हिसाब से काम और परिवार के लिए समय तय कर सकता है।
ब्रजेश पाठक ने क्या कहा?
वायरल वीडियो में ब्रजेश पाठक कहते हैं, “नौकरी के चक्कर में मत पड़ो। अपना चार घंटा चलाओ। दोपहर में लड़के-बच्चों के साथ रहो। दूसरे की नौकरी करोगे तो क्या बच्चों के साथ दो घंटे बैठ पाओगे?”
उन्होंने आगे कहा कि ड्राइवर दोपहर के समय घर के पास की आखिरी सवारी लेकर अपने परिवार के पास जा सकता है। कुछ समय घर पर बिताने के बाद वह शाम को दोबारा काम शुरू कर सकता है। उन्होंने “पराधीन सपनेहु सुख नाहीं” कहते हुए अपना रोजगार करने पर जोर दिया।
सपा सांसद ने उठाया सवाल
ब्रजेश पाठक के बयान पर समाजवादी पार्टी के सांसद पुष्पेंद्र सरोज ने प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि आज का युवा देश चलाएगा और अगर उपमुख्यमंत्री को रिक्शा चलाने का शौक है तो वह उन्हें ई-रिक्शा उपहार में भेज सकते हैं।
इसके बाद सोशल मीडिया पर भी बहस शुरू हो गई। कुछ लोगों ने बयान को बेरोजगार युवाओं का अपमान बताया, जबकि दूसरे लोगों ने कहा कि वीडियो का केवल एक हिस्सा दिखाकर ब्रजेश पाठक की बात को गलत संदर्भ में पेश किया जा रहा है।
सभी युवाओं से नहीं कही थी नौकरी छोड़ने की बात
उपमुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में सभी युवाओं को नौकरी छोड़ने की सलाह नहीं दी थी। वह कार्यक्रम में मौजूद ड्राइवरों को टैक्सी और ई-रिक्शा के जरिए स्वरोजगार के लिए प्रोत्साहित कर रहे थे। इसके बावजूद उनके शब्दों के चुनाव ने विपक्ष को सरकार की रोजगार नीति पर सवाल उठाने का मौका दे दिया है।
ब्रजेश पाठक का बयान ड्राइवरों को स्वरोजगार के लिए प्रोत्साहित करने के संदर्भ में दिया गया था, लेकिन ‘नौकरी के चक्कर में मत पड़ो’ वाली लाइन ने पूरे संदेश को विवाद में बदल दिया। अब सवाल यह है कि क्या बयान को गलत संदर्भ में वायरल किया गया या रोजगार जैसे गंभीर मुद्दे पर उपमुख्यमंत्री को अपने शब्द अधिक सावधानी से चुनने चाहिए थे?