धीरेंद्र शास्त्री पर अखिलेश का बड़ा हमला! आजीवन प्रतिबंध की मांग, पप्पू यादव थाने पहुंचे; बाबा ने मांगी माफी

भगवान राम और श्रीकृष्ण की तुलना से उठे विवाद पर अखिलेश यादव ने धीरेंद्र शास्त्री के कार्यक्रमों पर प्रतिबंध लगाने की मांग की। सांसद पप्पू यादव भी पुलिस से शिकायत करने पहुंचे।

धीरेंद्र शास्त्री की राम-कृष्ण टिप्पणी पर सियासी बवाल बढ़ गया है। अखिलेश यादव ने उनके कार्यक्रमों पर प्रतिबंध और कानूनी कार्रवाई की मांग की है, जबकि पप्पू यादव शिकायत लेकर थाने पहुंचे हैं। विवाद बढ़ने के बाद धीरेंद्र शास्त्री ने सफाई देते हुए माफी भी मांगी है।

प्रत्यक्षदर्शी समाचार | लखनऊ/नई दिल्ली | 3 नवंबर 2026
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धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री के बयान को लेकर अखिलेश यादव ने कार्रवाई की मांग की।

खबर में खास

  • धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री की राम-कृष्ण संबंधी टिप्पणी पर विवाद बढ़ा।
  • अखिलेश यादव ने आजीवन प्रतिबंध और कानूनी कार्रवाई की मांग की।
  • सांसद पप्पू यादव दिल्ली के संसद मार्ग थाने पहुंचे।
  • धीरेंद्र शास्त्री ने सफाई देते हुए श्रद्धालुओं से माफी मांगी।
  • ब्रज के संतों और अन्य राजनीतिक नेताओं ने भी बयान पर आपत्ति जताई।
लखनऊ/नई दिल्ली। बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री की भगवान श्रीराम और श्रीकृष्ण के संबंध में की गई टिप्पणी अब बड़े राजनीतिक विवाद में बदल गई है। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई और आजीवन प्रतिबंध लगाने की मांग की है। वहीं, मंगलवार को सांसद पप्पू यादव दिल्ली के संसद मार्ग थाने में शिकायत करने पहुंचे। विवाद बढ़ने के बाद धीरेंद्र शास्त्री ने अपना पक्ष रखते हुए माफी भी मांगी है।

आखिर धीरेंद्र शास्त्री ने क्या कहा था?

मध्य प्रदेश के शिवपुरी जिले के करैरा में श्रीराम कथा के दौरान धीरेंद्र शास्त्री ने भगवान राम और श्रीकृष्ण की मुद्राओं और व्यवहार की तुलना की थी। उन्होंने राम को सीधा बताते हुए श्रीकृष्ण की त्रिभंगी मुद्रा और बांसुरी बजाने का उल्लेख किया था।
उनके बयान का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ। कई श्रद्धालुओं और ब्रज के संतों ने इसे दोनों आराध्य देवताओं की अनुचित तुलना बताया। आपत्ति इस बात पर भी उठी कि ऐसी तुलना से श्रद्धालुओं की धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंच सकती है।

अखिलेश यादव ने क्यों मांगा आजीवन प्रतिबंध?

अखिलेश यादव ने सोशल मीडिया पर टिप्पणी को लेकर कड़ी नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने इसे धार्मिक आस्था का अपमान बताते हुए कहा कि मानवीय भूल क्षमा की जा सकती है, लेकिन उनके अनुसार ईशनिंदा को स्वीकार नहीं किया जा सकता।
सपा प्रमुख ने मांग की कि संबंधित कथावाचक के कार्यक्रम रद्द किए जाएं, नए आयोजनों की अनुमति न मिले और कानूनी कार्रवाई की जाए।
उन्होंने सवाल उठाया कि भगवान राम और श्रीकृष्ण के बीच तुलना करके सनातन समाज में मतभेद पैदा करने की कोशिश क्यों हो रही है। अखिलेश ने इसके पीछे संभावित साजिश की जांच की मांग भी की। हालांकि, ऐसी किसी साजिश का स्वतंत्र प्रमाण सामने नहीं आया है।

पप्पू यादव पहुंचे थाने, क्या FIR दर्ज हुई?

मंगलवार, 3 नवंबर को सांसद पप्पू यादव धीरेंद्र शास्त्री के बयान की शिकायत करने दिल्ली के संसद मार्ग थाने पहुंचे। उन्होंने धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने का आरोप लगाते हुए FIR दर्ज कराने की बात कही।
हालांकि, उपलब्ध रिपोर्ट में नई FIR दर्ज होने की आधिकारिक पुष्टि नहीं मिली है। इसलिए शिकायत करने पहुंचने और FIR दर्ज होने को अलग-अलग समझना जरूरी है।
राजद नेता तेजस्वी यादव सहित अन्य राजनीतिक नेताओं ने भी टिप्पणी पर नाराजगी जताई है।

धीरेंद्र शास्त्री ने माफी में क्या कहा?

विवाद बढ़ने के बाद धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने वीडियो जारी करके सफाई दी। उनका कहना था कि उन्होंने किसी आराध्य का अपमान करने या राम और कृष्ण के भक्तों में अंतर पैदा करने के उद्देश्य से टिप्पणी नहीं की थी।
उन्होंने अपनी बात को भक्ति साहित्य में प्रचलित प्रेमपूर्ण उलाहने के संदर्भ में बताया। शास्त्री ने कहा कि वह स्वयं भगवान श्रीकृष्ण और ब्रज परंपरा के भक्त हैं। साथ ही, यदि उनकी बात से किसी की भावना आहत हुई है तो उन्होंने क्षमा मांगी।

UP की राजनीति में क्यों महत्वपूर्ण है यह विवाद?

उत्तर प्रदेश में 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले धार्मिक पहचान, सामाजिक एकता और जनभावनाओं से जुड़े मुद्दे राजनीतिक चर्चा का हिस्सा बने हुए हैं।
ऐसे माहौल में अखिलेश यादव की प्रतिक्रिया ने इस विवाद को धार्मिक चर्चा से आगे राजनीतिक बहस का विषय बना दिया है। एक ओर सपा प्रमुख कार्रवाई की मांग कर रहे हैं, दूसरी ओर धीरेंद्र शास्त्री अपने बयान का संदर्भ स्पष्ट करके विवाद शांत करने का प्रयास कर रहे हैं।
अब महत्वपूर्ण प्रश्न यह है कि क्या इस मामले में कोई औपचारिक कानूनी कार्रवाई आगे बढ़ेगी या स्पष्टीकरण और माफी के बाद विवाद शांत होगा।

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