मोदी का विरोध अलग, लेकिन एलन मस्क भारत को आदेश नहीं देंगे! ओवैसी ने BJP से भी पूछा सवाल

स्टारलिंक विवाद में ओवैसी ने एलन मस्क की टिप्पणी पर आपत्ति जताई और भाजपा से सवाल किया। राहुल गांधी ने अंबानी पर मस्क के आरोपों को लेकर सरकार को घेरा, जबकि रिलायंस ने कहा कि वह प्रतिस्पर्धा से नहीं डरती।

Elon Musk Starlink Controversy: ओवैसी ने मस्क के 'प्रधानमंत्री अंबानी' वाले तंज का विरोध किया। जानिए राहुल गांधी का जवाब, भाजपा से सवाल और रिलायंस का पक्ष।

प्रत्यक्षदर्शी समाचार | नई दिल्ली/हैदराबाद | 16 अक्टूबर 2026
asaduddin-owaisi-elon-musk-starlink-ambani-controversy-2026.webp (2)
स्टारलिंक को भारत में मंजूरी मिलने के विवाद पर ओवैसी ने एलन मस्क की टिप्पणी का विरोध किया और भाजपा से सवाल उठाए।
एलन मस्क की कंपनी स्टारलिंक को भारत में मंजूरी मिलने में देरी को लेकर शुरू हुआ विवाद अब राजनीतिक बहस में बदल गया है। AIMIM प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने मस्क की टिप्पणियों पर आपत्ति जताते हुए कहा कि वह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के राजनीतिक विरोधी हैं, लेकिन इसका मतलब यह नहीं कि कोई विदेशी कारोबारी भारत के फैसले तय करे।
ओवैसी ने भाजपा से भी सवाल पूछा कि राष्ट्रवाद की बात करने वाली पार्टी मस्क के बयानों पर खुलकर जवाब क्यों नहीं दे रही है।

खबर में खास

  • ओवैसी ने कहा कि मोदी का विरोध करना और विदेशी कारोबारी के दबाव को स्वीकार करना अलग बातें हैं।
  • एलन मस्क ने स्टारलिंक की मंजूरी में देरी पर मुकेश अंबानी को लेकर सवाल उठाए थे।

  • राहुल गांधी ने मस्क के बयान के बहाने सरकार और उद्योगपतियों के रिश्तों पर निशाना साधा।

  • रिलायंस ने कहा कि वह स्टारलिंक से प्रतिस्पर्धा का स्वागत करती है और खुद भी मंजूरी का इंतजार कर रही है।

एलन मस्क को लेकर ओवैसी ने क्या कहा?

हैदराबाद में पत्रकारों से बातचीत के दौरान असदुद्दीन ओवैसी ने एलन मस्क की उस टिप्पणी पर सवाल उठाए, जिसमें उन्होंने मुकेश अंबानी को व्यंग्यात्मक तरीके से भारत का प्रधानमंत्री बताया था।
ओवैसी ने कहा कि वे नरेंद्र मोदी के खिलाफ रहे हैं और आगे भी उनका राजनीतिक विरोध करेंगे। लेकिन कोई विदेशी कारोबारी भारत के प्रधानमंत्री और देश की निर्णय प्रक्रिया को लेकर इस तरह कैसे बोल सकता है?
उन्होंने सवाल उठाया कि भाजपा और मोदी सरकार विदेशी ताकतवर कारोबारियों के सामने उतनी मुखर क्यों नहीं दिखती, जितनी घरेलू राजनीतिक विरोधियों के खिलाफ दिखाई देती है।
ओवैसी ने कहा कि देश के संसाधनों का इस्तेमाल कैसे होगा, यह निर्णय भारत को ही करना चाहिए।

एलन मस्क ने अंबानी को 'प्रधानमंत्री' क्यों कहा?

विवाद की शुरुआत स्टारलिंक की भारत में व्यावसायिक सेवाएं शुरू करने की अनुमति में देरी से हुई।
एलन मस्क ने आरोप लगाया कि कुछ प्रभावशाली कारोबारी हित अपने मौजूदा दबदबे को बचाने के लिए स्टारलिंक की बाजार में एंट्री रोकना चाहते हैं।
उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर सवाल किया कि क्या मुकेश अंबानी भारत के असली बॉस हैं?
बाद में मस्क ने व्यंग्य करते हुए अंबानी को 'प्रधानमंत्री अंबानी' भी कहा।
हालांकि, मस्क के इस आरोप की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है कि भारत सरकार किसी कारोबारी के दबाव में स्टारलिंक की मंजूरी रोक रही है।

राहुल गांधी ने मस्क के बयान पर क्या प्रतिक्रिया दी?

लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने भी इस विवाद पर प्रतिक्रिया दी।
जब मस्क ने मुकेश अंबानी के प्रभाव को लेकर सवाल उठाया, तब राहुल गांधी ने X पर उनका स्वागत करते हुए एक अन्य प्रभावशाली कारोबारी का संकेत दिया।
राहुल ने किसी व्यक्ति का नाम सीधे नहीं लिया, लेकिन उनके बयान को गौतम अडानी के संदर्भ में देखा गया।
उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी और अडानी की एक पुरानी तस्वीर भी साझा की।
कांग्रेस पहले भी सरकार पर कुछ बड़े उद्योगपतियों को विशेष लाभ पहुंचाने के आरोप लगाती रही है। हालांकि, इस विवाद में ऐसे आरोपों की पुष्टि नहीं हुई है।

रिलायंस ने पहली बार क्या जवाब दिया?

16 अक्टूबर को रिलायंस इंडस्ट्रीज ने एलन मस्क के आरोपों पर अपनी पहली औपचारिक प्रतिक्रिया दी।
कंपनी ने कहा कि उसे प्रतिस्पर्धा से डर नहीं है और वह स्टारलिंक सहित सभी कंपनियों से निष्पक्ष मुकाबले का स्वागत करती है।
रिलायंस के अनुसार, जियो की अपनी सैटेलाइट इंटरनेट सेवा भी सरकारी मंजूरी का इंतजार कर रही है।
कंपनी ने इस दावे का विरोध किया कि वह स्टारलिंक को भारतीय बाजार में आने से रोक रही है।

भारत में Starlink इंटरनेट कब शुरू होगा?

केंद्र सरकार के अनुसार, स्टारलिंक, जियो की सैटेलाइट सेवा और भारती समूह समर्थित यूटेलसैट वनवेब को संबंधित लाइसेंस मिल चुके हैं।
लेकिन व्यावसायिक सेवाएं शुरू करने से पहले अंतिम सुरक्षा मंजूरी और स्पेक्ट्रम से जुड़ी आवश्यक प्रक्रियाएं पूरी करना जरूरी है।
सरकार का कहना है कि सभी कंपनियों के लिए नियम समान हैं।
सैटेलाइट इंटरनेट से दूरदराज के गांवों और पहाड़ी इलाकों में इंटरनेट पहुंच बेहतर हो सकती है, लेकिन भारत में स्टारलिंक की अंतिम लॉन्च तारीख और आधिकारिक उपभोक्ता कीमतें अभी तय नहीं हैं।
फिलहाल ओवैसी के बयान ने स्टारलिंक विवाद में नया राजनीतिक सवाल जोड़ दिया है—विदेशी निवेश और प्रतिस्पर्धा को बढ़ावा देते हुए भारत अपनी नियामकीय स्वतंत्रता और सुरक्षा हितों को कैसे सुरक्षित रखेगा?

About The Author

Advertisement

LatestNews

संसद के मानसून सत्र पर नया विवाद, Kharge के पत्र पर Rijiju का जवाब- कोई तय समयसीमा नहीं
CJP प्रदर्शन पर Supriya Sule का बड़ा बयान, बोलीं- सरकार गिराना या सत्ता बदलना हमारा मकसद नहीं
रामपुर से ओवैसी का बड़ा हमला, बोले- अब नेहरू, गांधी या यादव को नेता नहीं बनाएंगे
EVM पर फिर छिड़ी बहस, Congress ने की Ballot Paper से चुनाव कराने की मांग; BJP पर लगाए आरोप
राहुल गांधी के ‘Expiry Date’ बयान पर शिवराज का पलटवार, बोले- ‘हर बार फेल हुआ Product ऐसी बात कर रहा’
Mahayuti में बढ़ी तकरार, BJP उम्मीदवारों के खिलाफ उतरे Shinde Sena के नेता; चुनाव से पहले बढ़ी मुश्किल
राहुल गांधी की विदेश यात्रा पर BJP का हमला, पूछा- ‘Holiday Mode’ में किससे मिलने जा रहे हैं?