'चाहे कुछ भी हो, जंतर-मंतर पहुंचूंगा', अभिजीत दीपके का ऐलान; हजारों युवाओं की हिरासत का आरोप
10 अक्टूबर के प्रदर्शन से पहले CJP ने देशभर में युवाओं को हिरासत में लेने का आरोप लगाया है। अभिजीत दीपके ने कहा कि वह दिल्ली पहुंचकर जंतर-मंतर तक मार्च करेंगे।
On
दिल्ली में 10 अक्टूबर को प्रस्तावित CJP प्रदर्शन से पहले अभिजीत दीपके ने हजारों युवाओं को हिरासत में लेने का दावा किया है। उन्होंने कहा कि ऐसी कार्रवाई से युवा नहीं डरेंगे और वह हर हाल में जंतर-मंतर तक मार्च करेंगे।
दिल्ली में कल CJP का प्रदर्शन, अभिजीत दीपके ने हिरासत के आरोपों के बीच जंतर-मंतर जाने का किया ऐलान
प्रत्यक्षदर्शी समाचार | राष्ट्रीय डेस्क | 9 अक्टूबर 2026
दिल्ली के जंतर-मंतर पर 10 अक्टूबर को प्रस्तावित विरोध प्रदर्शन से पहले कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के संस्थापक अभिजीत दीपके ने केंद्र सरकार पर गंभीर आरोप लगाए हैं। दीपके का दावा है कि प्रदर्शन में शामिल होने जा रहे हजारों युवाओं को देश के अलग-अलग हिस्सों में हिरासत में लिया जा रहा है।
उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को संबोधित करते हुए कहा कि इस तरह की कार्रवाई से देश के युवा डरने वाले नहीं हैं। दीपके ने घोषणा की कि वह शनिवार को दिल्ली पहुंचेंगे और किसी भी परिस्थिति में जंतर-मंतर तक मार्च करने के अपने फैसले पर कायम रहेंगे।
वहीं दिल्ली पुलिस ने प्रस्तावित प्रदर्शन को अनुमति नहीं दी है। पुलिस के मुताबिक, आयोजकों ने निर्धारित समयसीमा के भीतर सूचना नहीं दी थी और नई दिल्ली इलाके में निषेधाज्ञा लागू है।
खबर में खास
-
अभिजीत दीपके ने देशभर में हजारों युवाओं को हिरासत में लेने का आरोप लगाया।
-
दीपके ने 10 अक्टूबर को दिल्ली पहुंचकर जंतर-मंतर मार्च करने का ऐलान किया।
-
CJP ने पुणे से दिल्ली जा रहे छात्रों को रास्ते में रोके जाने का दावा किया।
-
तेलंगाना के चार कार्यकर्ताओं को भोपाल में हिरासत में लेने का भी आरोप।
-
राजस्थान, यूपी, महाराष्ट्र और पश्चिम बंगाल में पुलिस कार्रवाई के दावे।
-
दिल्ली पुलिस ने 10 अक्टूबर के जंतर-मंतर प्रदर्शन को अनुमति नहीं दी।
अभिजीत दीपके ने पीएम मोदी से क्या कहा?
10 अक्टूबर के प्रदर्शन से एक दिन पहले अभिजीत दीपके ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर एक पोस्ट साझा की।
इसमें उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार ने देशभर में हजारों युवाओं को हिरासत में लिया है ताकि वे दिल्ली में प्रस्तावित प्रदर्शन में शामिल न हो सकें।
दीपके ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को संबोधित करते हुए कहा कि युवाओं को डराने की कोशिश सफल नहीं होगी। उन्होंने दावा किया कि देश के युवा अब ऐसी कार्रवाई से डरने वाले नहीं हैं।
उन्होंने शनिवार को दिल्ली पहुंचकर जंतर-मंतर तक मार्च करने की घोषणा की। हालांकि, पुलिस की ओर से प्रदर्शन की अनुमति नहीं मिलने के कारण यह स्पष्ट नहीं है कि प्रस्तावित मार्च किस तरह आगे बढ़ेगा।
पुणे से दिल्ली आ रहे छात्रों को हिरासत में लेने का आरोप
CJP ने गुरुवार, 8 अक्टूबर को दावा किया था कि पुणे से छात्रों का एक समूह दिल्ली के प्रदर्शन में शामिल होने के लिए निकला था।
संगठन के मुताबिक, रास्ते में पुलिस ने छात्रों को हिरासत में लिया और उन्हें एक बस में बैठाकर दूसरी जगह ले जाया गया।
CJP ने मध्य प्रदेश में चलती बस के अंदर का एक वीडियो भी साझा किया था। वीडियो में एक युवक कथित तौर पर पुलिस द्वारा हिरासत में लिए जाने की बात कहता है।
हालांकि, वीडियो की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। यह भी स्पष्ट नहीं है कि संबंधित छात्रों के खिलाफ कोई औपचारिक कानूनी कार्रवाई की गई थी या नहीं।
भोपाल में तेलंगाना के चार कार्यकर्ताओं को रोकने का दावा
CJP ने आरोप लगाया कि तेलंगाना के चार स्वयंसेवकों को दिल्ली आने से पहले भोपाल में हिरासत में ले लिया गया।
संगठन के सह-संयोजक आशुतोष रांका ने राजस्थान में CJP के सह-प्रभारी दीपक बलियान को हिरासत में लेने का भी दावा किया।
रांका के मुताबिक, महाराष्ट्र, उत्तर प्रदेश और पश्चिम बंगाल में भी संगठन के कार्यकर्ताओं को प्रदर्शन में शामिल होने से रोका जा रहा है।
हालांकि, इन सभी घटनाओं की पुलिस रिकॉर्ड के आधार पर अलग-अलग पुष्टि नहीं हो सकी है। इसलिए संगठन के दावों को सत्यापित गिरफ्तारी या हिरासत की संख्या के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए।
सहारनपुर में छात्र नेता को हिरासत में लेने का आरोप
स्टूडेंट्स फेडरेशन ऑफ इंडिया (SFI) ने भी प्रदर्शन से पहले पुलिस कार्रवाई को लेकर आरोप लगाए हैं।
संगठन के अनुसार, उत्तर प्रदेश के सहारनपुर में उसके जिला संयोजक आरिफ और अखिल भारतीय किसान सभा के नेता दाऊद राव को हिरासत में लिया गया।
SFI का आरोप है कि पुलिसकर्मी छात्र संगठनों से जुड़े लोगों के घर जा रहे हैं और उनके परिजनों पर दबाव बनाया जा रहा है।
संगठन ने कहा कि इस तरह की कार्रवाई का उद्देश्य युवाओं को दिल्ली में होने वाले प्रदर्शन से दूर रखना है।
हालांकि, संबंधित पुलिस अधिकारियों की ओर से इन विशिष्ट आरोपों पर स्वतंत्र रूप से सत्यापित जवाब उपलब्ध नहीं है।
कोलकाता में भी कार्यकर्ताओं को रोकने का दावा
CJP के सह-संयोजक आशुतोष रांका ने पश्चिम बंगाल में भी कार्यकर्ताओं के खिलाफ कार्रवाई होने का आरोप लगाया।
उन्होंने दावा किया कि कोलकाता में अब्दुल नाम के एक कार्यकर्ता और उनकी टीम को सादे कपड़ों में आए कुछ लोग अपने साथ ले गए।
रांका ने कहा कि संगठन के कार्यकर्ता शांतिपूर्ण प्रदर्शन में शामिल होने जा रहे थे और उन्हें रोकना गलत है।
फिलहाल इस घटना के संबंध में संबंधित पुलिस विभाग की आधिकारिक पुष्टि उपलब्ध नहीं है।
10 अक्टूबर के प्रदर्शन को दिल्ली पुलिस ने क्यों नहीं दी अनुमति?
दिल्ली पुलिस ने CJP के 10 अक्टूबर को जंतर-मंतर पर प्रस्तावित प्रदर्शन को अनुमति देने से इनकार किया है।
पुलिस के मुताबिक, आयोजकों ने प्रदर्शन की जानकारी 7 अक्टूबर को दी थी, जबकि निर्धारित नियमों के तहत अनुमति के लिए पहले से आवेदन करना जरूरी है।
पुलिस ने पिछले प्रदर्शनों में शर्तों के कथित उल्लंघन का भी हवाला दिया है।
नई दिल्ली जिले में भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 163 के तहत निषेधाज्ञा लागू है। पुलिस का कहना है कि नियमों का उल्लंघन करने पर कानूनी कार्रवाई की जा सकती है।
CJP क्यों कर रही है विरोध प्रदर्शन?
