दिल्ली में 38 ट्रेनें रद्द, 57 मेट्रो स्टेशनों पर पाबंदी की तैयारी; नोएडा बॉर्डर पर BSF

10 अक्टूबर के CJP प्रदर्शन से पहले दिल्ली में सुरक्षा बढ़ाई गई है। पुलिस ने 57 मेट्रो स्टेशनों के गेट बंद करने का प्रस्ताव भेजा है। चिल्ला बॉर्डर पर BSF तैनात है।

दिल्ली में CJP के प्रस्तावित प्रदर्शन से पहले सुरक्षा कड़ी कर दी गई है। 38 ट्रेनें रद्द होने की खबर है। पुलिस ने 57 मेट्रो स्टेशनों पर प्रवेश और निकास रोकने का अनुरोध किया है। नोएडा-दिल्ली के चिल्ला बॉर्डर पर BSF तैनात की गई है।

जंतर-मंतर प्रदर्शन से पहले दिल्ली में कड़े सुरक्षा इंतजाम, मेट्रो और रेल यात्रियों को हो सकती है परेशानी

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दिल्ली में 10 अक्टूबर के प्रदर्शन से पहले सुरक्षा व्यवस्था बढ़ाई गई है। मेट्रो और रेल सेवाओं पर भी असर पड़ने की आशंका है।

प्रत्यक्षदर्शी समाचार | दिल्ली डेस्क | 9 अक्टूबर 2026

दिल्ली में शनिवार, 10 अक्टूबर को प्रस्तावित कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के विरोध प्रदर्शन से पहले सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। नई दिल्ली के जंतर-मंतर और आसपास के इलाकों में पुलिस सतर्क है। वहीं दिल्ली-नोएडा के चिल्ला बॉर्डर पर सीमा सुरक्षा बल (BSF) की तैनाती की गई है।
प्रदर्शन से पहले रेल और मेट्रो यात्रियों की परेशानी भी बढ़ सकती है। रेलवे की 38 ट्रेनें रद्द होने की जानकारी सामने आई है। दूसरी तरफ दिल्ली पुलिस ने दिल्ली मेट्रो रेल कॉरपोरेशन (DMRC) को 57 मेट्रो स्टेशनों के प्रवेश और निकास गेट बंद करने का अनुरोध भेजा है।
हालांकि, उपलब्ध जानकारी के अनुसार मेट्रो गेट बंद करने के प्रस्ताव पर DMRC का अंतिम फैसला अभी बाकी है। इसलिए सभी 57 स्टेशनों के बंद होने की पुष्टि नहीं हुई है

खबर में खास

  • 10 अक्टूबर को CJP ने जंतर-मंतर पर प्रदर्शन करने का ऐलान किया है।
  • दिल्ली-नोएडा के चिल्ला बॉर्डर पर BSF की तैनाती की गई है।

  • दिल्ली पुलिस ने 57 मेट्रो स्टेशनों के गेट बंद करने का अनुरोध किया है।

  • प्रदर्शन से पहले 38 ट्रेनें रद्द होने की रिपोर्ट सामने आई है।

  • दिल्ली पुलिस ने जंतर-मंतर पर CJP के प्रदर्शन को अनुमति नहीं दी।

  • नई दिल्ली इलाके में BNSS की धारा 163 के तहत पाबंदियां लागू हैं

दिल्ली-नोएडा के चिल्ला बॉर्डर पर BSF तैनात

10 अक्टूबर के प्रस्तावित प्रदर्शन को लेकर दिल्ली की सीमाओं पर सुरक्षा बढ़ाई गई है।
दिल्ली और नोएडा को जोड़ने वाले चिल्ला बॉर्डर पर BSF के जवान तैनात किए गए हैं। पुलिस और सुरक्षा एजेंसियां आने-जाने वाले वाहनों तथा संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रख रही हैं।
प्रदर्शन में दूसरे राज्यों से लोगों के दिल्ली पहुंचने की संभावना को देखते हुए सीमावर्ती इलाकों में अतिरिक्त सतर्कता बरती जा रही है।
हालांकि, चिल्ला बॉर्डर पूरी तरह बंद होने की पुष्टि नहीं हुई है। सीमा पर सुरक्षा बलों की तैनाती और बॉर्डर बंद होना अलग-अलग बातें हैं।

57 मेट्रो स्टेशनों के गेट बंद करने का प्रस्ताव

दिल्ली पुलिस ने DMRC को पत्र भेजकर 57 मेट्रो स्टेशनों पर प्रवेश और निकास बंद करने का अनुरोध किया है।
इस प्रस्ताव का उद्देश्य प्रदर्शन के दौरान संवेदनशील इलाकों में बड़ी भीड़ पहुंचने से रोकना और कानून-व्यवस्था बनाए रखना बताया गया है।
रिपोर्टों के अनुसार, इन पाबंदियों को 9 अक्टूबर की रात से लागू करने का प्रस्ताव है। हालांकि, अंतिम व्यवस्था DMRC की आधिकारिक घोषणा पर निर्भर करेगी।
यात्रियों के लिए जरूरी बात: मेट्रो स्टेशन के प्रवेश और निकास गेट बंद होने का मतलब जरूरी नहीं कि पूरी मेट्रो लाइन बंद हो। इसलिए किसी स्टेशन या लाइन के बंद होने की पुष्टि आधिकारिक अपडेट से ही करें।
10 अक्टूबर को 38 ट्रेनें रद्द होने की खबर
दिल्ली में सुरक्षा व्यवस्था और यातायात प्रभावित होने की आशंका के बीच रेलवे ने कई ट्रेनों का परिचालन रद्द किया है।
9 अक्टूबर की रिपोर्ट में 10 अक्टूबर के लिए 38 ट्रेनें रद्द होने की जानकारी सामने आई है।
नई दिल्ली और हजरत निजामुद्दीन रेलवे स्टेशनों पर पहुंचने वाली कई ट्रेनें इससे प्रभावित हो रही हैं।
रेलवे का कहना है कि दिल्ली के प्रमुख रास्तों पर यातायात जाम की आशंका के कारण यात्रियों को स्टेशनों तक पहुंचने और वहां से निकलने में परेशानी हो सकती है।
हालांकि, यात्रियों को यह नहीं मानना चाहिए कि दिल्ली की सभी ट्रेनें बंद हैं। ट्रेन का वास्तविक स्टेटस उसके नंबर और यात्रा की तारीख से जांचना जरूरी है।
पहले 5 हजार से ज्यादा यात्रियों की ट्रेन छूटी
इससे पहले दिल्ली में विरोध प्रदर्शनों और यातायात पाबंदियों के कारण 5,000 से ज्यादा यात्रियों के ट्रेन नहीं पकड़ पाने की खबर सामने आई थी।
नई दिल्ली रेलवे स्टेशन की ओर जाने वाले कई रास्तों पर आवाजाही प्रभावित होने से यात्री निर्धारित समय पर स्टेशन नहीं पहुंच सके।
इस घटना के बाद रेलवे और सुरक्षा एजेंसियों की तैयारियों पर सवाल उठे थे।
हालांकि, 5,000 यात्रियों का यह आंकड़ा पहले की घटना से संबंधित है। इसे 10 अक्टूबर को रद्द हुई ट्रेनों के यात्रियों की संख्या नहीं समझना चाहिए।

दिल्ली पुलिस ने प्रदर्शन को अनुमति क्यों नहीं दी?

CJP ने 10 अक्टूबर को जंतर-मंतर पर मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ प्रदर्शन करने की घोषणा की है।
दिल्ली पुलिस ने इस प्रदर्शन की अनुमति देने से इनकार किया है।
पुलिस का कहना है कि प्रदर्शन के लिए आवेदन निर्धारित समयसीमा के भीतर नहीं दिया गया था। अधिकारियों ने पहले के कुछ प्रदर्शनों में नियमों के कथित उल्लंघन और कानून-व्यवस्था की आशंकाओं का भी हवाला दिया है।
नई दिल्ली जिले में BNSS की धारा 163 के तहत निषेधाज्ञा लागू होने की जानकारी भी दी गई है।
धारा 163 के तहत क्या पाबंदियां हैं?
भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता यानी BNSS की धारा 163 के तहत प्रशासन तत्काल खतरे या कानून-व्यवस्था की स्थिति को देखते हुए कुछ गतिविधियों पर प्रतिबंध लगाने के आदेश जारी कर सकता है।
दिल्ली पुलिस ने प्रदर्शन के दौरान भीड़ जुटने और सार्वजनिक व्यवस्था प्रभावित होने की आशंका जताई है।
हालांकि, किसी इलाके में धारा 163 लागू होने का मतलब यह नहीं है कि पूरी दिल्ली में हर प्रकार की आवाजाही बंद हो गई है। लागू पाबंदियों को संबंधित आदेश के अनुसार समझना जरूरी है।

चुनाव आयोग के खिलाफ क्यों हो रहा प्रदर्शन?

CJP और अन्य छात्र संगठनों ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग पर प्रदर्शन का ऐलान किया है।
विरोध का प्रमुख मुद्दा मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR में कथित गड़बड़ियां हैं।
प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि मतदाता सूची से नाम हटाने की प्रक्रिया में अनियमितताएं हुई हैं और इससे योग्य मतदाताओं के अधिकार प्रभावित हो सकते हैं।
दूसरी ओर चुनाव आयोग इन आरोपों से इनकार करता रहा है। आयोग का कहना है कि मतदाता सूची को सही रखने और गलत या दोहरे नामों की पहचान के लिए पुनरीक्षण जरूरी है।

दिल्ली में राहुल गांधी और विपक्ष का भी विरोध जारी

CJP के प्रदर्शन से पहले कांग्रेस और INDIA गठबंधन के नेता भी चुनाव आयोग के खिलाफ विरोध प्रदर्शन कर चुके हैं।
राहुल गांधी, प्रियंका गांधी और मल्लिकार्जुन खड़गे समेत कई विपक्षी नेताओं ने मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की मांग उठाई है।
विरोध प्रदर्शन के दौरान कुछ सांसदों को पुलिस ने हिरासत में भी लिया था।
अब विपक्ष के नेता चुनाव आयोग से जुड़े मुद्दों को लेकर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से मिलने की तैयारी कर रहे हैं।

दिल्ली आने-जाने वाले यात्री क्या करें?

10 अक्टूबर को दिल्ली में मेट्रो, रेलवे या सड़क मार्ग से यात्रा करने वाले लोगों को घर से निकलने से पहले संबंधित सेवाओं की स्थिति जांचनी चाहिए।
रेल यात्रियों को अपनी ट्रेन का नंबर डालकर रद्दीकरण या समय परिवर्तन की जानकारी लेनी चाहिए।
मेट्रो यात्रियों को DMRC की आधिकारिक सूचना देखनी चाहिए, क्योंकि कुछ स्टेशनों के गेट बंद होने का प्रस्ताव है।
नोएडा से दिल्ली आने वाले यात्रियों को चिल्ला बॉर्डर पर सुरक्षा जांच और संभावित देरी को ध्यान में रखना चाहिए।
बिना पुष्टि किए किसी पूरे मार्ग, मेट्रो लाइन या रेलवे स्टेशन को बंद मानकर यात्रा रद्द करना सही नहीं होगा।

अब 10 अक्टूबर को क्या होगा?

10 अक्टूबर के प्रस्तावित प्रदर्शन से पहले दिल्ली में सुरक्षा बलों की तैनाती बढ़ा दी गई है।
पुलिस ने जंतर-मंतर पर प्रदर्शन की अनुमति नहीं दी है, लेकिन CJP के नेताओं ने विरोध जारी रखने की बात कही है।
रेलवे की रद्द ट्रेनों, DMRC की अंतिम व्यवस्था और सीमा पर यातायात से जुड़े नए आदेश यात्रियों के लिए महत्वपूर्ण रहेंगे।
CJP के 10 अक्टूबर प्रदर्शन से पहले दिल्ली में सुरक्षा बढ़ाई गई है। चिल्ला बॉर्डर पर BSF तैनात है और रेल सेवाओं में बदलाव हुआ है। वहीं 57 मेट्रो स्टेशनों के गेट बंद करने का प्रस्ताव सामने आया है। यात्रियों के लिए सबसे जरूरी है कि वे अपनी ट्रेन, मेट्रो स्टेशन और सड़क मार्ग की स्थिति आधिकारिक सूचना के आधार पर जांचें।

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