बिहार के बाद UP में EBC कार्ड खेलेगी कांग्रेस? राहुल-खड़गे को भेजा गया नए कानून का प्रस्ताव

UP विधानसभा चुनाव 2027 से पहले कांग्रेस के OBC विभाग ने अतिपिछड़े वर्ग के लिए SC-ST एक्ट की तर्ज पर विशेष कानून बनाने का प्रस्ताव राहुल गांधी और मल्लिकार्जुन खड़गे को भेजा है। पार्टी नेतृत्व की मंजूरी के बाद इसे चुनावी घोषणापत्र में जगह मिल सकती है।

उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2027 से पहले कांग्रेस अतिपिछड़े वर्ग को साधने की तैयारी में है। पार्टी के OBC विभाग ने EBC अत्याचार निवारण कानून बनाने का प्रस्ताव राहुल गांधी और मल्लिकार्जुन खड़गे को भेजा है।

उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2027 से पहले कांग्रेस अतिपिछड़े वर्ग को साधने के लिए बिहार वाली रणनीति अपनाने की तैयारी में है। पार्टी के OBC विभाग ने SC-ST एक्ट की तर्ज पर EBC अत्याचार निवारण कानून बनाने का प्रस्ताव राहुल गांधी और मल्लिकार्जुन खड़गे को भेजा है।

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कांग्रेस के OBC विभाग ने राहुल गांधी और मल्लिकार्जुन खड़गे को EBC कानून का प्रस्ताव भेजा है।

प्रत्यक्षदर्शी समाचार | लखनऊ | 22 सितंबर 2026

खबर में खास

  • अतिपिछड़ों के लिए अलग कानून का प्रस्ताव
  • राहुल गांधी और मल्लिकार्जुन खड़गे को भेजा गया ड्राफ्ट
  • 25 करोड़ तक के सरकारी ठेकों में 50% हिस्सेदारी का सुझाव
  • भूमिहीन अतिपिछड़े परिवारों को जमीन देने का प्रस्ताव
  • कांग्रेस नेतृत्व की मंजूरी का अभी इंतजार
कांग्रेस के OBC विभाग के अध्यक्ष अनिल जयहिंद ने यह प्रस्ताव पार्टी नेतृत्व को भेजा है। इसमें कहा गया है कि उत्तर प्रदेश में अतिपिछड़े वर्ग की कई जातियां सामाजिक, आर्थिक और राजनीतिक रूप से कमजोर हैं। इन समुदायों के साथ होने वाले कथित भेदभाव और उत्पीड़न को रोकने के लिए उन्हें अलग कानूनी सुरक्षा मिलनी चाहिए।
प्रस्तावित कानून SC-ST अत्याचार निवारण एक्ट की तर्ज पर हो सकता है। हालांकि, इसे अभी कांग्रेस नेतृत्व की मंजूरी नहीं मिली है। मंजूरी मिलने के बाद पार्टी इसे 2027 के यूपी विधानसभा चुनाव के घोषणापत्र में शामिल कर सकती है।

किन जातियों को मिल सकता है लाभ?

प्रस्तावित कानून में नाई, प्रजापति, कश्यप और विश्वकर्मा जैसे सामाजिक और आर्थिक रूप से कमजोर समुदायों को शामिल करने की बात सामने आई है।
यादव और जाट जैसी प्रभावशाली OBC जातियों को इसके दायरे से बाहर रखा जा सकता है। हालांकि, कानून में शामिल होने वाली जातियों की अंतिम सूची अभी तैयार नहीं हुई है।

सरकारी ठेकों में 50% हिस्सेदारी का प्रस्ताव

EBC कानून के अलावा कांग्रेस पिछड़े और अतिपिछड़े वर्ग के लिए कई दूसरे चुनावी वादों पर भी विचार कर रही है।
इनमें 25 करोड़ रुपये तक के सरकारी ठेकों में OBC और अतिपिछड़े वर्ग के लिए 50 प्रतिशत हिस्सेदारी देने का प्रस्ताव शामिल है। भूमिहीन अतिपिछड़े परिवारों को घर बनाने के लिए आवासीय जमीन देने की बात भी कही गई है।
इसके साथ ही आबादी के अनुपात में OBC आरक्षण बढ़ाने और आरक्षण की 50 प्रतिशत सीमा में बदलाव से संबंधित प्रस्ताव विधानसभा से पारित कराकर केंद्र सरकार को भेजने पर भी विचार किया जा सकता है।

बिहार वाली रणनीति यूपी में दोहराने की तैयारी

कांग्रेस का यह प्रस्ताव बिहार में अपनाई गई EBC रणनीति से जुड़ा माना जा रहा है। बिहार विधानसभा चुनाव से पहले महागठबंधन ने ‘अतिपिछड़ा न्याय संकल्प’ जारी किया था।
इसमें SC-ST एक्ट की तर्ज पर EBC कानून, आरक्षण बढ़ाने, भूमिहीन परिवारों को जमीन देने और सरकारी ठेकों में हिस्सेदारी जैसे वादे किए गए थे। अब कांग्रेस इसी रणनीति को उत्तर प्रदेश में भी आगे बढ़ाना चाहती है।

2027 के चुनाव में क्यों अहम है यह दांव?

उत्तर प्रदेश की राजनीति में गैर-यादव OBC और अतिपिछड़ी जातियां महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। भाजपा इन समुदायों के बीच अपनी पकड़ मजबूत करने में लगी है। वहीं, समाजवादी पार्टी PDA यानी पिछड़ा, दलित और अल्पसंख्यक की रणनीति के जरिए इन्हें अपने साथ जोड़ने की कोशिश कर रही है।
ऐसे में कांग्रेस का EBC प्रस्ताव 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले नए राजनीतिक मुकाबले की शुरुआत कर सकता है। हालांकि, इस मुद्दे पर कांग्रेस की समाजवादी पार्टी या दूसरे संभावित सहयोगियों से अभी औपचारिक बातचीत नहीं हुई है।
अब सबसे महत्वपूर्ण सवाल यह है कि राहुल गांधी और मल्लिकार्जुन खड़गे इस प्रस्ताव को मंजूरी देते हैं या इसमें बदलाव करते हैं। फिलहाल यह केवल एक प्रस्ताव है, कानून बनाने या लागू करने का कोई अंतिम फैसला नहीं हुआ है।

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