‘कर्नाटक-पंजाब में EC सही और हार वाले राज्यों में गलत?’ राहुल गांधी के ‘वोट चोरी’ आरोप पर स्मृति ईरानी का सीधा सवाल

कांग्रेस की CWC बैठक में चुनाव आयोग और SIR को लेकर उठे सवालों पर बीजेपी महासचिव स्मृति ईरानी ने पलटवार किया। उन्होंने पूछा कि जिन राज्यों में कांग्रेस और उसके सहयोगियों की सरकार बनी, क्या वहां चुनाव आयोग निष्पक्ष था?

राहुल गांधी के ‘वोट चोरी’ और चुनावी गड़बड़ी के आरोपों पर स्मृति ईरानी ने कांग्रेस को घेरा है। उन्होंने कर्नाटक, पंजाब और हिमाचल प्रदेश के चुनावी नतीजों का उदाहरण देते हुए विपक्ष से अपना रुख स्पष्ट करने को कहा।

राहुल गांधी के ‘वोट चोरी’ आरोप पर स्मृति ईरानी का पलटवार, पूछा—कांग्रेस की जीत वाले राज्यों में चुनाव आयोग सही कैसे?

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चुनाव आयोग और SIR विवाद को लेकर राहुल गांधी के आरोपों पर बीजेपी महासचिव स्मृति ईरानी ने पलटवार किया।

प्रत्यक्षदर्शी समाचार | राष्ट्रीय डेस्क | 29 सितंबर 2026

खबर में खास

  • राहुल गांधी ने 2024 के लोकसभा चुनाव पर उठाए गंभीर सवाल
  • कांग्रेस ने SIR रोकने और हटाए गए नाम बहाल करने की मांग की
  • स्मृति ईरानी ने कर्नाटक, पंजाब और हिमाचल के नतीजों का दिया उदाहरण
  • बीजेपी ने कांग्रेस पर संवैधानिक संस्थाओं को निशाना बनाने का आरोप लगाया
  • 13.30 करोड़ नामों के दावे पर भी स्मृति ईरानी ने मांगा जवाब
चुनाव आयोग और मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR को लेकर कांग्रेस और बीजेपी के बीच सियासी लड़ाई तेज हो गई है। कांग्रेस नेता राहुल गांधी द्वारा चुनावी प्रक्रिया और मतदाता सूची में कथित गड़बड़ी के आरोप लगाए जाने के बाद बीजेपी महासचिव स्मृति ईरानी ने तीखा पलटवार किया है।
स्मृति ईरानी ने कांग्रेस से पूछा कि कर्नाटक, पंजाब और हिमाचल प्रदेश जैसे राज्यों में बीजेपी की सरकार नहीं है। ऐसे में क्या कांग्रेस इन राज्यों में हुए चुनावों को सही मानती है और चुनाव आयोग को निष्पक्ष होने का प्रमाण देती है? उन्होंने सवाल उठाया कि कांग्रेस चुनाव आयोग पर केवल उन्हीं राज्यों में आरोप क्यों लगाती है, जहां उसे हार का सामना करना पड़ा।

राहुल गांधी ने 2024 के चुनाव पर उठाए सवाल

कांग्रेस वर्किंग कमेटी की बैठक में राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि 2024 के लोकसभा चुनाव में चुनावी प्रक्रिया को प्रभावित किया गया। उन्होंने EVM और मतदाता सूची में कथित गड़बड़ी का मुद्दा उठाते हुए इसे लोकतंत्र से जुड़ा गंभीर मामला बताया।
राहुल गांधी ने दावा किया कि पहले चुनावी मशीनों को लेकर सवाल उठे और इसके बाद मतदाता सूची में कथित बदलाव के जरिए चुनाव को प्रभावित किया गया। उन्होंने कहा कि अगर चुनावी प्रक्रिया पर ही सवाल खड़े होते हैं तो उसके बाद चुनी गई संसद और उसमें पारित कानूनों की विश्वसनीयता पर भी बहस होगी।

कांग्रेस ने रखीं कई बड़ी मांगें

कांग्रेस की CWC बैठक में चुनाव आयोग और केंद्र सरकार के खिलाफ प्रस्ताव पारित किया गया। पार्टी ने SIR प्रक्रिया को तत्काल रोकने और मतदाता सूची से हटाए गए कथित 13.30 करोड़ नामों को दोबारा जोड़ने की मांग की।
कांग्रेस ने चुनाव आयोग से मतदाता सूची में किए गए बदलावों का पूरा विवरण सार्वजनिक करने की मांग भी उठाई है। पार्टी का कहना है कि इस मुद्दे पर दूसरे विपक्षी दलों को साथ लेकर देशव्यापी और शांतिपूर्ण आंदोलन किया जाएगा।

स्मृति ईरानी ने कांग्रेस को घेरा

राहुल गांधी के आरोपों का जवाब देते हुए स्मृति ईरानी ने कहा कि कांग्रेस अपनी चुनावी हार की समीक्षा करने के बजाय चुनाव आयोग जैसी संवैधानिक संस्था पर हमला कर रही है। उन्होंने पूछा कि जिन राज्यों में कांग्रेस या विपक्षी दलों ने जीत हासिल की है, क्या वहां चुनाव आयोग की भूमिका सही थी?
स्मृति ईरानी ने कहा कि चुनावी परिणाम अपने पक्ष में आने पर कांग्रेस आयोग पर सवाल नहीं उठाती, लेकिन हार मिलने पर उसी संस्था की निष्पक्षता पर आरोप लगाने लगती है। उनके अनुसार यह दोहरा राजनीतिक रवैया है।

13.30 करोड़ नामों पर भी पूछा सवाल

स्मृति ईरानी ने मतदाता सूची से कथित तौर पर हटाए गए 13.30 करोड़ नामों की बहाली वाली मांग पर भी कांग्रेस को घेरा। उन्होंने कहा कि अगर किसी मृत व्यक्ति का नाम मतदाता सूची में दर्ज है या एक व्यक्ति का नाम दो स्थानों पर मौजूद है तो ऐसे नामों को हटाने का विरोध क्यों किया जा रहा है?
उन्होंने दावा किया कि चुनाव आयोग पहले ही स्पष्ट कर चुका है कि SIR के दौरान जिन मतदाताओं को नोटिस जारी किया जाएगा, उनसे संपर्क करके दस्तावेज लिए जाएंगे और उनकी पात्रता की पुष्टि की जाएगी।

चुनाव आयोग पर बढ़ता सियासी टकराव

SIR विवाद अब केवल तकनीकी या चुनावी प्रक्रिया का मुद्दा नहीं रह गया है। यह कांग्रेस और बीजेपी के बीच बड़ी राजनीतिक लड़ाई में बदलता जा रहा है। कांग्रेस जहां चुनाव आयोग से पारदर्शिता और जवाबदेही की मांग कर रही है, वहीं बीजेपी विपक्ष पर चुनावी हार का ठीकरा संवैधानिक संस्थाओं पर फोड़ने का आरोप लगा रही है।
राहुल गांधी के आरोपों और स्मृति ईरानी के जवाब के बाद अब बहस इस सवाल पर केंद्रित हो गई है कि क्या चुनाव आयोग मतदाता सूची में हुए बदलावों का पूरा विवरण सार्वजनिक करेगा और कांग्रेस अपने आरोपों के समर्थन में ठोस प्रमाण सामने रखेगी।

‘वोट चोरी’ के आरोपों पर स्मृति ईरानी के सवाल ने चुनाव आयोग विवाद को नया राजनीतिक मोड़ दे दिया है। अब कांग्रेस को बताना होगा कि जीत वाले राज्यों और हार वाले राज्यों में चुनाव आयोग को लेकर उसका पैमाना अलग क्यों है। वहीं देश की निगाहें इस बात पर भी टिकी हैं कि SIR और मतदाता सूची से जुड़े आरोपों पर चुनाव आयोग आगे क्या जवाब देता है।

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