TMC के 20 बागी सांसदों की सदस्यता पर खतरा! लोकसभा स्पीकर से मांगे 15 दिन और

ममता बनर्जी से अलग हुए 20 सांसदों को अयोग्यता के नोटिस का जवाब देना है। आज इसकी आखिरी तारीख है, लेकिन सांसदों ने दस्तावेज तैयार न होने की बात कहकर अतिरिक्त समय मांगा है।

तृणमूल कांग्रेस के 20 बागी सांसदों ने लोकसभा स्पीकर ओम बिरला से नोटिस का जवाब देने के लिए 15 दिन और मांगे हैं। सांसद काकोली घोष दस्तीदार ने बताया कि सभी जरूरी दस्तावेज अभी तैयार नहीं हुए हैं। इसी मुद्दे पर आज कोलकाता में बैठक भी बुलाई गई है।

ममता के अल्टीमेटम के बीच 20 बागी सांसदों ने मांगी मोहलत, कोलकाता में बुलाई अहम बैठक

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TMC के 20 बागी सांसदों ने लोकसभा स्पीकर से नोटिस का जवाब देने के लिए 15 दिन का अतिरिक्त समय मांगा है।
प्रत्यक्षदर्शी समाचार | राष्ट्रीय डेस्क | 8 अक्टूबर 2026
पश्चिम बंगाल की राजनीति में तृणमूल कांग्रेस (TMC) के 20 बागी सांसदों को लेकर विवाद बढ़ गया है। पार्टी से अलग होकर नेशनलिस्ट सिटिजन्स पार्टी ऑफ इंडिया (NCPI) के साथ जुड़े इन सांसदों के खिलाफ लोकसभा में अयोग्यता की प्रक्रिया चल रही है। सांसदों को 8 अक्टूबर तक नोटिस का जवाब देना था, लेकिन अब उन्होंने लोकसभा स्पीकर ओम बिरला से 15 दिन का अतिरिक्त समय मांगा है।
इस बीच सांसद काकोली घोष दस्तीदार ने बताया कि गुरुवार को कोलकाता में बागी सांसदों की बैठक बुलाई गई है। इसमें नोटिस का जवाब देने और आगे की रणनीति पर चर्चा होनी है।

4. खबर में खास

  • TMC के 20 बागी सांसदों के खिलाफ अयोग्यता की प्रक्रिया चल रही है।
  • लोकसभा के नोटिस का जवाब देने की आखिरी तारीख 8 अक्टूबर है।

  • बागी सांसदों ने स्पीकर ओम बिरला से 15 दिन और मांगे हैं।

  • काकोली घोष दस्तीदार ने कहा कि जरूरी दस्तावेज अभी तैयार नहीं हैं।

  • कोलकाता में दोपहर 3 बजे सांसदों की बैठक बुलाई गई।

  • ममता बनर्जी पहले ही बागी नेताओं को 15 दिनों में वापस लौटने का अल्टीमेटम दे चुकी हैं।
तृणमूल कांग्रेस से अलग हुए 20 सांसदों को लोकसभा सचिवालय की ओर से अयोग्यता संबंधी नोटिस जारी किए गए थे। सांसदों को 8 अक्टूबर तक अपना जवाब देना था।
लेकिन तय समय पूरा होने से पहले इन सांसदों ने 15 दिन की अतिरिक्त मोहलत मांग ली है।
बागी सांसद काकोली घोष दस्तीदार के मुताबिक, नोटिस का जवाब तैयार करने के लिए जरूरी दस्तावेज अभी पूरे नहीं जुटाए जा सके हैं। कानूनी टीम भी तय समय में जवाब तैयार नहीं कर पाई है।
इसी वजह से लोकसभा स्पीकर को अतिरिक्त समय देने का अनुरोध भेजा गया है।

कोलकाता में 20 बागी सांसदों की अहम बैठक

गुरुवार को कोलकाता में दोपहर 3 बजे बागी सांसदों की बैठक बुलाई गई है।
इस बैठक में लोकसभा के नोटिस, अयोग्यता की याचिका और आगे की कानूनी रणनीति पर चर्चा होनी है।
काकोली घोष दस्तीदार ने बैठक की जानकारी दी है। हालांकि, बैठक में क्या निर्णय लिया गया, इसकी अभी पुष्टि नहीं हुई है।

इन सांसदों की सदस्यता पर क्यों उठे सवाल?

ये सांसद पहले ममता बनर्जी की तृणमूल कांग्रेस के साथ थे, लेकिन बाद में अलग होकर NCPI के साथ जुड़ गए।
इसके बाद TMC नेता अभिषेक बनर्जी ने लोकसभा स्पीकर ओम बिरला के सामने इन सांसदों की सदस्यता समाप्त करने की मांग वाली याचिकाएं दाखिल की थीं।
TMC का कहना है कि सांसदों ने दूसरे राजनीतिक दल का साथ देकर पार्टी की सदस्यता छोड़ दी है। इसलिए उन पर दल-बदल विरोधी कानून के तहत कार्रवाई होनी चाहिए।
वहीं, बागी सांसदों का तर्क है कि उनका NCPI के साथ जुड़ना दल-बदल कानून का उल्लंघन नहीं है।
फिलहाल इस विवाद पर अंतिम फैसला नहीं हुआ है।

पहले भी मिल चुका है अतिरिक्त समय

यह पहली बार नहीं है जब बागी सांसदों ने नोटिस का जवाब देने के लिए समय मांगा है।
सितंबर में भी सांसदों ने चार सप्ताह का अतिरिक्त समय देने का अनुरोध किया था। हालांकि, उन्हें 8 अक्टूबर तक जवाब देने की मोहलत मिली थी।
अब उसी समयसीमा के खत्म होने पर उन्होंने फिर 15 दिनों का समय मांगा है।

ममता बनर्जी ने दिया था 15 दिनों का अल्टीमेटम

इस पूरे विवाद के बीच TMC प्रमुख और पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पहले ही बागी नेताओं के खिलाफ कड़ा रुख अपना चुकी हैं।
उत्तर दिनाजपुर में पार्टी कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए ममता बनर्जी ने बागी नेताओं को 15 दिन के भीतर पार्टी में वापस लौटने का मौका दिया था।
उन्होंने आरोप लगाया था कि कुछ नेताओं ने पार्टी कार्यकर्ताओं की मेहनत से चुनाव जीतने के बाद पार्टी छोड़ दी।
ममता ने बागी नेताओं पर पैसे लेकर दल बदलने का आरोप भी लगाया था। हालांकि, यह उनका राजनीतिक आरोप है, कोई स्थापित तथ्य नहीं।
ममता ने कहा था कि जो नेता वापस आना चाहते हैं, उन्हें 15 दिनों के भीतर लौटना होगा। इसके बाद पार्टी अपने हिसाब से आगे का फैसला करेगी।

सुप्रीम कोर्ट तक पहुंच चुका है विवाद

TMC के बागी सांसदों का मामला सुप्रीम कोर्ट तक भी पहुंच चुका है।
अभिषेक बनर्जी ने लोकसभा स्पीकर के सामने लंबित अयोग्यता याचिकाओं पर जल्द फैसला कराने की मांग उठाई थी।
25 अगस्त को सुप्रीम कोर्ट ने संबंधित सांसदों को नोटिस जारी किया था। इसके बावजूद लोकसभा में उनकी सदस्यता से जुड़ा अंतिम निर्णय अभी बाकी है

अब आगे क्या होगा?

फिलहाल सभी की नजर लोकसभा स्पीकर के अगले फैसले पर है।
अगर बागी सांसदों को अतिरिक्त समय दिया जाता है, तो उन्हें अपना जवाब तैयार करने का और मौका मिलेगा। यदि समय नहीं बढ़ाया जाता, तो मौजूदा प्रक्रिया के अनुसार आगे की कार्रवाई तय होगी।

ममता बनर्जी की पार्टी छोड़ने वाले 20 सांसदों की लोकसभा सदस्यता को लेकर अभी अंतिम फैसला नहीं हुआ है। ऐसे में बड़ा सवाल यह है कि स्पीकर उन्हें 15 दिन की और मोहलत देंगे या अयोग्यता के मामले में अगला कदम उठाएंगे।

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