राहुल गांधी की 'वोट बचाओ' रैली पर अमित शाह का जवाब! बोले—'घुसपैठिया बचाओ रैली थी', मॉक पार्लियामेंट पर भी कसा तंज

हैदराबाद में भाजपा की पदयात्रा के बाद गृह मंत्री ने SIR का समर्थन करते हुए कांग्रेस पर गंभीर आरोप लगाए। राहुल गांधी की प्रधानमंत्री बनने की आकांक्षा पर भी टिप्पणी की।

Amit Shah Rahul Gandhi News: हैदराबाद में अमित शाह ने दिल्ली की विपक्षी रैली को 'घुसपैठिया बचाओ रैली' बताया। SIR, मतदाता सूची और मॉक पार्लियामेंट को लेकर कांग्रेस पर लगाए आरोप।

राहुल गांधी की 'वोट बचाओ' रैली पर अमित शाह का जवाब! हैदराबाद से बोले—'घुसपैठिया बचाओ रैली थी'

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केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने 2 नवंबर 2026 को हैदराबाद में भाजपा के कार्यक्रम के दौरान राहुल गांधी और विपक्ष के SIR विरोध पर प्रतिक्रिया दी।
प्रत्यक्षदर्शी समाचार | हैदराबाद/नई दिल्ली | 2 नवंबर 2026

खबर में खास

  • अमित शाह ने हैदराबाद में राहुल गांधी की दिल्ली रैली पर पलटवार किया।
  • विपक्ष की 'वोट बचाओ' रैली को 'घुसपैठिया बचाओ रैली' बताया।

  • SIR का समर्थन करते हुए कांग्रेस पर कथित अवैध प्रवासियों के नाम मतदाता सूची में बनाए रखने का आरोप लगाया।

  • मॉक पार्लियामेंट को लेकर राहुल गांधी की प्रधानमंत्री बनने की आकांक्षा पर तंज कसा।

  • आरोपों के समर्थन में बताए गए आंकड़ों की स्वतंत्र पुष्टि अभी उपलब्ध नहीं है।

दिल्ली की रैली के अगले दिन अमित शाह का जवाब

देश में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR को लेकर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच विवाद तेज हो गया है। रविवार को दिल्ली के रामलीला मैदान में INDIA गठबंधन की रैली के बाद सोमवार, 2 नवंबर को केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने हैदराबाद में कांग्रेस और राहुल गांधी पर आरोप लगाए।
भाजपा की 'लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ' पदयात्रा को संबोधित करते हुए अमित शाह ने विपक्ष के चुनाव आयोग संबंधी आरोपों को खारिज किया।
उन्होंने दावा किया कि राहुल गांधी की दिल्ली रैली का वास्तविक उद्देश्य मतदाताओं के अधिकारों की रक्षा नहीं, बल्कि कथित घुसपैठियों को बचाना था।
यह अमित शाह का आरोप है। विपक्ष की रैली में अवैध प्रवासियों को संरक्षण देने का कोई स्वतंत्र प्रमाण इस भाषण के आधार पर स्थापित नहीं होता।

राहुल गांधी को लेकर क्या बोले अमित शाह?

अमित शाह ने कांग्रेस के मॉक पार्लियामेंट कार्यक्रम का उल्लेख करते हुए राहुल गांधी की प्रधानमंत्री बनने की आकांक्षा पर टिप्पणी की।
उन्होंने तंज किया कि राहुल गांधी नकली संसद में ही प्रधानमंत्री बन सकते हैं और वास्तविक संसद में उन्हें यह अवसर नहीं मिलेगा।
उन्होंने राहुल गांधी की राजनीतिक गतिविधियों और विदेश यात्राओं पर भी सवाल उठाए।
यह टिप्पणी एक राजनीतिक प्रतिद्वंद्वी का बयान है। इससे भविष्य के चुनावी परिणामों के बारे में कोई निष्कर्ष नहीं निकाला जा सकता।

SIR और मतदाता सूची पर क्या आरोप लगाए?

अमित शाह ने कहा कि भाजपा मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण का समर्थन करती है। उनके अनुसार, गलत और दोहराई गई प्रविष्टियों की पहचान आवश्यक है।
उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस और उसके सहयोगी SIR का विरोध इसलिए कर रहे हैं क्योंकि कथित अवैध प्रवासियों के नाम मतदाता सूची में बने रहने से उन्हें राजनीतिक लाभ मिलता है।
शाह ने मतदाता सूची में करोड़ों संदिग्ध नामों का भी उल्लेख किया।
हालांकि, विभिन्न श्रेणियों में हटाई या चिह्नित की गई प्रविष्टियों को बिना जांच के अवैध प्रवासियों की संख्या मानना उचित नहीं होगा। इन दावों के लिए निर्वाचन आयोग के आधिकारिक दस्तावेज और सत्यापित आंकड़े आवश्यक हैं।

दिल्ली में राहुल गांधी ने क्या आरोप लगाए थे?

रविवार, 1 नवंबर को दिल्ली के रामलीला मैदान में INDIA गठबंधन ने मतदाता सूची, चुनाव आयोग और कथित चुनावी अनियमितताओं के खिलाफ रैली की थी।
राहुल गांधी ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार की भूमिका पर गंभीर सवाल उठाए थे और उन्हें पद से हटाने की मांग की थी।
समाजवादी पार्टी अध्यक्ष अखिलेश यादव, कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे और तृणमूल कांग्रेस प्रमुख ममता बनर्जी सहित अन्य विपक्षी नेता भी कार्यक्रम में शामिल हुए।
विपक्ष का आरोप है कि मतदाता सूची के पुनरीक्षण में पात्र मतदाताओं के नाम हटाए जाने से उनके मतदान अधिकार प्रभावित हो सकते हैं।
दूसरी ओर, चुनाव आयोग का कहना है कि पुनरीक्षण का उद्देश्य मतदाता सूची को सही और अद्यतन रखना है।

हैदराबाद में BJP की पदयात्रा

अमित शाह सोमवार को तेलंगाना भाजपा के 'लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ' अभियान में शामिल हुए।
पदयात्रा हैदराबाद के बशीरबाग स्थित बाबू जगजीवन राम की प्रतिमा से शुरू होकर मोजमजाही मार्केट तक पहुंची।
कार्यक्रम में केंद्रीय मंत्री जी. किशन रेड्डी सहित भाजपा के कई नेता और कार्यकर्ता शामिल हुए।
भाजपा इस अभियान के माध्यम से SIR के समर्थन में अपना पक्ष रख रही है। वहीं कांग्रेस और उसके सहयोगी दल निर्वाचन प्रक्रिया की निष्पक्षता पर सवाल उठा रहे हैं।

अब राजनीतिक विवाद का मुख्य सवाल क्या है?

इस पूरे विवाद के केंद्र में मतदाता सूची की शुद्धता और पात्र नागरिकों के मतदान अधिकार हैं।
मतदाता सूची में मृत व्यक्तियों, दोहरी प्रविष्टियों और अपात्र नामों को हटाना एक प्रशासनिक आवश्यकता है। लेकिन यह सुनिश्चित करना भी उतना ही आवश्यक है कि किसी पात्र मतदाता का नाम गलत तरीके से न हटे।
आने वाले दिनों में महत्वपूर्ण होगा कि राजनीतिक दल अपने आरोपों के समर्थन में कौन-से प्रमाण प्रस्तुत करते हैं और निर्वाचन आयोग मतदाता सूची से संबंधित शिकायतों का निपटारा कैसे करता है।
सोमवार के हैदराबाद भाषण पर कांग्रेस की कोई नई, विशेष आधिकारिक प्रतिक्रिया इस रिपोर्ट के लिए सत्यापित नहीं हो सकी है।

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