शुभेंदु की छोड़ी नंदीग्राम सीट पर BJP का भावुक दांव? मारे गए करीबी चंद्रनाथ रथ की मां हासी रथ टिकट की रेस में आगे
नंदीग्राम उपचुनाव में BJP की संभावित उम्मीदवार के रूप में हासी रथ का नाम चर्चा में है। वह मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी के मारे गए करीबी सहयोगी चंद्रनाथ रथ की मां हैं। हालांकि, पार्टी ने अभी उनके नाम की आधिकारिक घोषणा नहीं की है।
मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी के इस्तीफे से खाली हुई नंदीग्राम सीट पर छह अक्टूबर को उपचुनाव होगा। BJP उम्मीदवारों की सूची में हासी रथ का नाम सबसे आगे बताया जा रहा है। जानिए कौन हैं हासी रथ और पार्टी उनके नाम पर विचार क्यों कर रही है।
कोलकाता/नंदीग्राम। पश्चिम बंगाल की सबसे चर्चित विधानसभा सीटों में शामिल नंदीग्राम में एक बार फिर बड़े चुनावी मुकाबले की तैयारी शुरू हो गई है। मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी के इस्तीफे से खाली हुई इस सीट पर छह अक्टूबर को उपचुनाव कराया जाएगा। भारतीय जनता पार्टी किसे उम्मीदवार बनाएगी, इसे लेकर जारी अटकलों के बीच हासी रथ का नाम सबसे आगे बताया जा रहा है।
हासी रथ मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी के बेहद करीबी रहे चंद्रनाथ रथ की मां हैं। पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के नतीजे आने के कुछ दिन बाद चंद्रनाथ रथ की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। वह शुभेंदु अधिकारी के चुनाव प्रबंधन और संगठन से जुड़े महत्वपूर्ण कार्य संभालते थे।
मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक, BJP नंदीग्राम में हासी रथ को उम्मीदवार बनाकर राजनीतिक और भावनात्मक—दोनों संदेश देने पर विचार कर रही है। हालांकि, पार्टी ने अभी आधिकारिक रूप से उम्मीदवार की घोषणा नहीं की है। इसलिए हासी रथ को फिलहाल संभावित उम्मीदवार ही कहा जाना उचित होगा।
नंदीग्राम में क्यों हो रहा उपचुनाव?
पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 में शुभेंदु अधिकारी ने नंदीग्राम और भवानीपुर, दोनों विधानसभा सीटों से चुनाव लड़ा था। उन्होंने दोनों सीटों पर जीत दर्ज की। नियमों के अनुसार, एक व्यक्ति एक ही समय पर दो विधानसभा सीटों का प्रतिनिधित्व नहीं कर सकता।
मुख्यमंत्री बनने के बाद शुभेंदु अधिकारी ने भवानीपुर सीट अपने पास रखने और नंदीग्राम सीट छोड़ने का फैसला किया। उनके इस्तीफे के बाद नंदीग्राम विधानसभा सीट खाली हो गई और यहां उपचुनाव कराना आवश्यक हो गया।
एनडीटीवी की रिपोर्ट के मुताबिक, निर्वाचन आयोग ने नंदीग्राम में छह अक्टूबर को मतदान और नौ अक्टूबर को मतगणना कराने की घोषणा की है।
कौन हैं हासी रथ?
हासी रथ पूर्व मेदिनीपुर की स्थानीय राजनीति में सक्रिय रही हैं। वह पहले तृणमूल कांग्रेस से जुड़ी थीं और स्थानीय पंचायत संस्था में जिम्मेदारी भी संभाल चुकी हैं। शुभेंदु अधिकारी के BJP में जाने के बाद रथ परिवार भी वर्ष 2020 में भारतीय जनता पार्टी में शामिल हो गया था।
हासी रथ का परिवार लंबे समय से शुभेंदु अधिकारी के परिवार और राजनीतिक गतिविधियों से जुड़ा रहा है। उनके बेटे चंद्रनाथ रथ शुभेंदु अधिकारी के सबसे विश्वसनीय सहयोगियों में गिने जाते थे।
हासी रथ की स्थानीय पहचान, पंचायत राजनीति का अनुभव और अधिकारी परिवार से पुराने संबंध उनके पक्ष में जाने वाले प्रमुख कारण बताए जा रहे हैं।
चंद्रनाथ रथ कौन थे?
चंद्रनाथ रथ भारतीय वायुसेना में अपनी सेवाएं दे चुके थे। स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति लेने के बाद उन्होंने कुछ समय कॉरपोरेट क्षेत्र में काम किया और फिर सक्रिय रूप से राजनीतिक एवं संगठनात्मक जिम्मेदारियां संभालनी शुरू कीं।
करीब 2019 में वह शुभेंदु अधिकारी की मुख्य टीम का हिस्सा बने। उस समय शुभेंदु अधिकारी तृणमूल कांग्रेस की सरकार में मंत्री थे। चंद्रनाथ पर्दे के पीछे रहकर कार्यालय संचालन, राजनीतिक कार्यक्रमों, बूथ प्रबंधन और चुनावी रणनीतियों पर काम करते थे।
वर्ष 2026 के विधानसभा चुनाव में नंदीग्राम और भवानीपुर सीट पर शुभेंदु अधिकारी के प्रचार तथा संगठनात्मक समन्वय में चंद्रनाथ रथ की महत्वपूर्ण भूमिका बताई गई थी।
हिन्दुस्तान टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक, पार्टी के भीतर चंद्रनाथ रथ को शुभेंदु अधिकारी का भरोसेमंद सहयोगी माना जाता था।
चुनाव परिणाम के बाद हुई थी चंद्रनाथ की हत्या
पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के नतीजे आने के कुछ दिन बाद उत्तर 24 परगना के मध्यमग्राम इलाके में अज्ञात हमलावरों ने चंद्रनाथ रथ की गोली मारकर हत्या कर दी थी। हमलावरों ने उनके वाहन को निशाना बनाया था। घटना में वाहन चालक भी घायल हुआ था।
BJP ने इस घटना को राजनीतिक हत्या बताया और इसके पीछे चुनावी बदले का आरोप लगाया था। शुभेंदु अधिकारी ने दावा किया था कि चुनाव में उनके लिए काम करने के कारण चंद्रनाथ को निशाना बनाया गया।
दूसरी तरफ तृणमूल कांग्रेस ने हत्या की निंदा करते हुए आरोपों को खारिज किया था। पार्टी ने मामले की अदालत की निगरानी में CBI जांच कराने की मांग भी उठाई थी। हत्या के मामले की जांच और आरोपियों की भूमिका पर अंतिम निष्कर्ष संबंधित जांच एजेंसियों और अदालत के रिकॉर्ड के आधार पर ही निकलेगा।
बेटे की हत्या पर हासी रथ ने क्या कहा था?
चंद्रनाथ की हत्या के बाद हासी रथ ने दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की मांग की थी। उन्होंने कहा था कि आरोपियों को फांसी के बजाय आजीवन कारावास दिया जाना चाहिए।
उनका कहना था कि वह एक मां होने के कारण किसी दूसरी मां की गोद उजड़ते नहीं देखना चाहतीं, लेकिन अपने बेटे के हत्यारों को कानून के तहत कड़ी से कड़ी सजा दिलाना चाहती हैं।
उनके इस बयान की काफी चर्चा हुई थी। अब उपचुनाव में उनका नाम सामने आने से नंदीग्राम की चुनावी लड़ाई में भावनात्मक पहलू भी जुड़ गया है।
BJP हासी रथ पर क्यों लगा सकती है दांव?
हासी रथ का नाम BJP के लिए कई कारणों से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। वह स्थानीय राजनीति से परिचित हैं और क्षेत्र में उनकी अपनी पहचान है। उनका परिवार लंबे समय से नंदीग्राम और पूर्व मेदिनीपुर के राजनीतिक-सामाजिक कार्यक्रमों से जुड़ा रहा है।
इसके अतिरिक्त चंद्रनाथ रथ की हत्या के बाद BJP लगातार बंगाल में अपने कार्यकर्ताओं और नेताओं की सुरक्षा का मुद्दा उठाती रही है। हासी रथ को टिकट दिए जाने पर पार्टी कार्यकर्ताओं के बीच एकजुटता और राजनीतिक हिंसा के खिलाफ संदेश देने का प्रयास कर सकती है।
लेकिन उम्मीदवार चुनते समय BJP को जातीय, सामाजिक और बूथ स्तर के स्थानीय समीकरणों को भी ध्यान में रखना होगा। नंदीग्राम में ग्रामीण मतदाता, किसान आंदोलन की विरासत और अलग-अलग समुदायों की राजनीतिक भूमिका चुनाव परिणाम को प्रभावित करती रही है।
और किन नामों पर हो रही चर्चा?
हासी रथ के अलावा BJP के संभावित उम्मीदवारों में अंजन भारती, मेघनाद पाल और
