CM Yogi on PDA: 'पहले P से पिछड़ा, फिर पंडित... किसी दिन पाकिस्तान भी कर देंगे', सपा पर योगी का तीखा तंज
कल्याण सिंह की पांचवीं पुण्यतिथि पर लखनऊ में ‘हिंदू गौरव दिवस’; योगी ने राम मंदिर आंदोलन में ‘बाबूजी’ की भूमिका याद की और सपा पर सम्मान न देने का आरोप लगाया
लखनऊ में पूर्व मुख्यमंत्री कल्याण सिंह की पांचवीं पुण्यतिथि पर आयोजित ‘हिंदू गौरव दिवस’ में CM योगी आदित्यनाथ ने सपा के PDA फॉर्मूले पर निशाना साधा। योगी बोले- पहले P का मतलब पिछड़ा बताया, फिर पंडित और किसी दिन पाकिस्तान भी बता देंगे।
लखनऊ: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने समाजवादी पार्टी के PDA फॉर्मूले को लेकर सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव पर तीखा राजनीतिक हमला बोला है। शुक्रवार को पूर्व मुख्यमंत्री और पद्म विभूषण कल्याण सिंह की पांचवीं पुण्यतिथि पर लखनऊ के भारत रत्न अटल बिहारी वाजपेयी इकाना क्रिकेट स्टेडियम में आयोजित ‘हिंदू गौरव दिवस’ कार्यक्रम को संबोधित करते हुए योगी ने कहा कि समाजवादी पार्टी अपने राजनीतिक हिसाब से ‘P’ की परिभाषा बदल रही है।
‘किसी दिन P का मतलब पाकिस्तान भी बता देंगे’
योगी आदित्यनाथ ने सपा पर तंज कसते हुए कहा कि ये लोग “गिरगिट की तरह रंग बदलने वाले” हैं। उन्होंने कहा कि पहले PDA में ‘P’ का अर्थ पिछड़ा बताया गया, उसके बाद पंडित बताया जाने लगा और किसी दिन इसे पाकिस्तान भी बता दिया जाएगा।
योगी का यह हमला अखिलेश यादव की हालिया ब्राह्मण राजनीति के संदर्भ में आया है। 5 अगस्त को लखनऊ में जनेश्वर मिश्र की जयंती पर आयोजित प्रबुद्ध सम्मेलन में अखिलेश यादव ने कहा था कि PDA के ‘P’ में पंडित भी शामिल हैं। समाजवादी पार्टी का PDA मूल रूप से पिछड़ा, दलित और अल्पसंख्यक के राजनीतिक-सामाजिक गठजोड़ के रूप में सामने आया था।
अखिलेश की ब्राह्मण आउटरीच पर BJP का वार
2027 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव से पहले सपा ब्राह्मण समुदाय तक अपनी पहुंच बढ़ाने की कोशिश कर रही है। इसी क्रम में अखिलेश यादव ने कहा था कि ‘P’ का मतलब पंडित भी है और ब्राह्मण समाज को PDA का हिस्सा बताया था। इसके बाद BJP और BSP दोनों ने सपा पर राजनीतिक सुविधा के हिसाब से PDA की व्याख्या बदलने का आरोप लगाया।
योगी ने शुक्रवार के कार्यक्रम में उसी मुद्दे को आगे बढ़ाते हुए सपा पर अवसरवादी राजनीति करने का आरोप लगाया।
कल्याण सिंह को किया याद
PDA पर राजनीतिक हमले से पहले मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पूर्व मुख्यमंत्री कल्याण सिंह को श्रद्धांजलि दी और उनके राजनीतिक जीवन तथा राम जन्मभूमि आंदोलन में भूमिका को याद किया।
योगी ने कहा कि कोई व्यक्ति केवल पद मिलने से महान नहीं होता, बल्कि अपने विचारों और कार्यों के कारण महान बनता है। उन्होंने कल्याण सिंह को उन लोगों के लिए प्रेरणा बताया जिनके लिए भारत के सनातन मूल्य और आदर्श सर्वोपरि हैं।
‘कल्याण सिंह टूट सकता है, झुक नहीं सकता’
मुख्यमंत्री ने कल्याण सिंह के चर्चित कथन को याद करते हुए कहा कि ‘बाबूजी’ कहा करते थे—“कल्याण सिंह टूट सकता है, लेकिन झुक नहीं सकता।”
योगी के मुताबिक कल्याण सिंह ने जीवन भर इस सिद्धांत को निभाया। उन्होंने कहा कि राम जन्मभूमि आंदोलन के दौरान कल्याण सिंह सत्ता जाने के खतरे से भी पीछे नहीं हटे।
योगी ने कहा कि कल्याण सिंह ने RSS के मार्गदर्शन, संतों के समर्थन और विश्व हिंदू परिषद के नेतृत्व में चले राम जन्मभूमि आंदोलन का खुलकर समर्थन किया था।
राम मंदिर आंदोलन में कल्याण सिंह की भूमिका
कल्याण सिंह 1991 से दिसंबर 1992 तक उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री रहे थे। बाद में वह दूसरी बार भी प्रदेश के मुख्यमंत्री बने। अयोध्या राम मंदिर आंदोलन के दौर में उनकी भूमिका BJP की राजनीति में लंबे समय तक महत्वपूर्ण मानी जाती रही। उत्तर प्रदेश विधान परिषद की आधिकारिक सूची में भी उनके दोनों मुख्यमंत्री कार्यकाल दर्ज हैं।
योगी ने कहा कि आज अयोध्या में भव्य राम मंदिर और रामलला को देखकर कल्याण सिंह की स्मृतियां फिर ताजा होती हैं।
सपा पर कल्याण सिंह को सम्मान न देने का आरोप
योगी आदित्यनाथ ने कार्यक्रम में समाजवादी पार्टी पर कल्याण सिंह को पर्याप्त सम्मान नहीं देने का आरोप भी लगाया।
उन्होंने कहा कि कल्याण सिंह के निधन के समय बसपा प्रमुख मायावती स्वयं उन्हें श्रद्धांजलि देने पहुंची थीं, जबकि अखिलेश यादव व्यक्तिगत रूप से श्रद्धांजलि देने नहीं पहुंचे। योगी ने इसे सामान्य राजनीतिक शिष्टाचार से भी जोड़ा।
यह मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का राजनीतिक आरोप है और इसे उन्हीं के आरोप के रूप में प्रस्तुत करना उचित होगा।
पीएम मोदी भी पहुंचे थे लखनऊ
योगी ने याद दिलाया कि अगस्त 2021 में कल्याण सिंह के निधन के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी दिल्ली से लखनऊ आए थे और उन्हें अंतिम श्रद्धांजलि दी थी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि उनकी सरकार ने कल्याण सिंह की स्मृति को जीवित रखने के लिए कई संस्थानों का नाम उनके नाम पर रखा है। PTI के मुताबिक योगी ने राज्य के पहले कैंसर संस्थान, बुलंदशहर के एक मेडिकल कॉलेज और अलीगढ़ के Habitat Centre का उल्लेख किया।
‘हिंदू गौरव दिवस’ के रूप में पुण्यतिथि
कल्याण सिंह की पांचवीं पुण्यतिथि पर आयोजित कार्यक्रम को ‘हिंदू गौरव दिवस’ नाम दिया गया। योगी ने कहा कि कल्याण सिंह के जीवन और योगदान को इसी रूप में स्मरण किया जाना चाहिए।
कार्यक्रम में कल्याण सिंह के बेटे पूर्व सांसद राजवीर सिंह और उनके पौत्र व उत्तर प्रदेश सरकार में मंत्री संदीप सिंह समेत BJP के कई नेता और कार्यकर्ता शामिल हुए।
2027 चुनाव से पहले PDA पर तेज हुई लड़ाई
योगी का यह बयान ऐसे समय आया है जब उत्तर प्रदेश में 2027 विधानसभा चुनाव को लेकर सामाजिक और जातीय समीकरणों पर राजनीतिक दलों की गतिविधियां तेज हो गई हैं।
सपा 2024 लोकसभा चुनाव में PDA रणनीति को अपनी सफलता का प्रमुख आधार बताती रही है। 2024 में उत्तर प्रदेश में समाजवादी पार्टी ने 37 लोकसभा सीटें जीती थीं। अब पार्टी ब्राह्मण समेत दूसरे समुदायों तक इस गठजोड़ का विस्तार करने की कोशिश कर रही है।
दूसरी ओर BJP सपा की इसी रणनीति को राजनीतिक अवसरवाद बताते हुए लगातार हमला कर रही है। योगी का ‘पिछड़ा-पंडित-पाकिस्तान’ वाला बयान अब इसी राजनीतिक लड़ाई का नया और तीखा अध्याय बन गया है।
फिलहाल इस ताजा बयान पर समाजवादी पार्टी या अखिलेश यादव की कोई नई विस्तृत प्रतिक्रिया उपलब्ध विश्वसनीय रिपोर्टों में सामने नहीं आई है। प्रतिक्रिया आने पर खबर को अपडेट किया जा सकता है।
