Lucknow Murder CCTV: 30 मिनट में तीन मौतें, कैमरे में कैद दिव्या की हत्या; पुलिस को सुनियोजित साजिश का शक
गोमतीनगर के ICICI बैंक के बाहर दिव्या मिश्रा की हत्या का CCTV सामने आया; पुलिस सूत्रों के मुताबिक वारदात से पहले मानस पत्नी की दिनचर्या पर रख रहा था नजर
गोमतीनगर के ICICI बैंक के बाहर दिव्या मिश्रा की हत्या का CCTV सामने आया; पुलिस सूत्रों के मुताबिक वारदात से पहले मानस पत्नी की दिनचर्या पर रख रहा था नजर
लखनऊ: गोमतीनगर के चर्चित दिव्या मिश्रा हत्याकांड में CCTV फुटेज सामने आने के बाद वारदात की कई नई परतें खुल रही हैं। पुलिस की शुरुआती जांच में अब इस बात पर भी फोकस किया जा रहा है कि क्या आरोपी मानस वाजपेयी ने पत्नी की हत्या की पहले से योजना बनाई थी। रिपोर्ट्स के मुताबिक घटना से पहले वह दिव्या की दिनचर्या और बैंक आने-जाने के समय पर नजर रख रहा था।
गुरुवार दोपहर शुरू हुआ घटनाक्रम करीब आधे घंटे के भीतर तीन मौतों पर जाकर खत्म हुआ। पहले ICICI बैंक के बाहर दिव्या मिश्रा की हत्या हुई, इसके बाद मानस घर पहुंचा, जहां उसकी बहन की गोली लगने से मौत हुई और फिर मानस ने खुद को गोली मारकर जान दे दी।
CCTV में क्या दिखाई दिया?
गोमतीनगर स्थित ICICI बैंक के बाहर लगे CCTV कैमरों में घटना से जुड़े महत्वपूर्ण दृश्य रिकॉर्ड हुए हैं।
फुटेज में गोली चलने के बाद बैंक के अंदर से कर्मचारी बाहर की ओर दौड़ते दिखाई देते हैं। प्रत्यक्षदर्शियों और पुलिस की शुरुआती जांच के मुताबिक जब कुछ कर्मचारी दिव्या की मदद के लिए आगे बढ़े तो मानस ने हथियार दिखाकर उन्हें पीछे हटने के लिए मजबूर किया।
एडीसीपी पूर्वी अमोल मुर्कुट के हवाले से रिपोर्ट में कहा गया है कि दिव्या की मदद करने आए एक कर्मचारी की तरफ मानस ने हथियार तान दिया। इसके बाद दूसरा कर्मचारी भी आगे आया, लेकिन उसे भी हथियार दिखाकर धमकाया गया।
पहले हथियार से नहीं चली गोली, दूसरे से किया फायर
पुलिस जांच में सामने आए घटनाक्रम के मुताबिक विवाद के दौरान मानस ने दिव्या के साथ मारपीट की। रिपोर्ट में कहा गया है कि उसने एक जगह दिव्या का सिर भी पटक दिया।
इसके बाद एक हथियार से गोली चलाने की कोशिश की गई लेकिन वह नहीं चला। पुलिस के अनुसार इसके बाद मानस ने दूसरा हथियार निकाला और दिव्या के सिर के पास से फायर किया।
घटना के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई और मानस वहां से निकल गया।
ऑटो से बैंक पहुंचा था मानस
पुलिस अधिकारियों के मुताबिक मानस दोपहर करीब 12 बजे ऑटो से बैंक के पास पहुंचा था।
उसने पहले बैंक के अंदर जाने की कोशिश की, लेकिन सुरक्षा गार्ड ने उसे रोक दिया। इसके बाद उसने दिव्या को फोन कर बाहर बुलाया। दोनों के बीच बातचीत जल्दी ही विवाद में बदल गई।
CCTV और प्रत्यक्षदर्शियों के बयान अब पुलिस को इस पूरे घटनाक्रम की minute-by-minute timeline तैयार करने में मदद कर रहे हैं।
वारदात के बाद सीधे घर पहुंचा
दिव्या की हत्या के बाद मानस उसी इलाके से अपने घर की तरफ निकल गया।
रिपोर्ट के मुताबिक करीब दो किलोमीटर दूर घर पहुंचने के बाद उसने खुद को कमरे में बंद कर लिया। इसके बाद उसकी बहन की भी गोली लगने से मौत हुई और फिर मानस ने खुद को गोली मार ली।
इस तरह बैंक के बाहर शुरू हुआ हिंसक घटनाक्रम करीब 30 मिनट के भीतर तीन मौतों में बदल गया। पुलिस इस पूरी sequence को CCTV, कॉल रिकॉर्ड और फोरेंसिक साक्ष्यों के जरिए reconstruct कर रही है।
क्या दो दिन से कर रहा था रेकी?
Amar Ujala ने पुलिस सूत्रों के हवाले से बताया है कि घटना से पहले करीब दो दिनों तक दिव्या की गतिविधियों की निगरानी किए जाने के संकेत मिले हैं।
जांच में यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि मानस कब से पत्नी के बैंक आने-जाने का समय देख रहा था और हथियार कब जुटाए गए।
दिव्या की बहन प्रज्ञा मिश्रा ने भी आरोप लगाया है कि मानस हत्या से पहले दिव्या का पीछा कर रहा था और उसकी गतिविधियों पर नजर रख रहा था। हालांकि pre-planning की अंतिम पुष्टि पुलिस जांच पूरी होने के बाद ही होगी।
तीन अवैध हथियार मिलने से गहराया शक
Hindustan Times की रिपोर्ट के मुताबिक पुलिस को मानस से जुड़े स्थान से तीन बिना लाइसेंस वाले हथियार मिले हैं। इसी बरामदगी के बाद पुलिस यह जांच कर रही है कि दो हत्याएं पहले से बनाई गई योजना का हिस्सा थीं या घटना किसी अचानक हुए विवाद के बाद हिंसक रूप ले गई।
हथियार कहां से आए, उन्हें किसने उपलब्ध कराया और मानस ने उन्हें कब हासिल किया—ये सवाल अब जांच के सबसे महत्वपूर्ण हिस्सों में शामिल हैं।
तलाक की सुनवाई के दो दिन बाद वारदात
पति-पत्नी के बीच लंबे समय से वैवाहिक विवाद चल रहा था।
पुलिस आयुक्त तरुण गाबा के मुताबिक दिव्या ने जनवरी में तलाक की अर्जी दाखिल की थी। उन्होंने स्त्रीधन की वापसी और करीब एक करोड़ रुपये के हर्जाने से जुड़ी मांग भी अदालत में रखी थी।
18 अगस्त को इसी मामले में फैमिली कोर्ट में सुनवाई हुई थी। इसके दो दिन बाद 20 अगस्त को हत्याकांड हुआ।
पुलिस सूत्रों के मुताबिक अदालत की सुनवाई और एलिमनी को लेकर हुए विवाद को भी संभावित पृष्ठभूमि के रूप में जांचा जा रहा है। लेकिन हत्या का अंतिम motive पुलिस ने अभी आधिकारिक रूप से तय नहीं किया है।
मानस तलाक नहीं चाहता था
रिश्तेदारों के मुताबिक मानस पत्नी से अलग नहीं होना चाहता था और दोनों के साथ रहने को लेकर विवाद चलता रहता था।
मार्च 2026 में मानस ने अदालत में पत्नी के साथ रहने से संबंधित अर्जी भी दाखिल की थी। इससे पहले वह दिव्या से मिलने बैंक भी गया था, जहां दोनों के बीच विवाद होने की बात सामने आई थी।
इन घटनाओं को पुलिस मौजूदा हत्याकांड की पृष्ठभूमि समझने के लिए देख रही है।
WhatsApp Status भी जांच के दायरे में
घटना के बाद मानस के नाम से एक WhatsApp Status सामने आया था, जिसमें पत्नी पर कथित बेवफाई का आरोप लगाते हुए हत्या और आगे खुद तथा बहन की मौत से जुड़ी बातें लिखी गई थीं।
पुलिस इस डिजिटल सामग्री की भी जांच कर रही है।
जब तक फोरेंसिक जांच यह पुष्टि न कर दे कि पोस्ट किस डिवाइस और किस व्यक्ति ने किया, इसे औपचारिक suicide note या स्थापित motive मानना उचित नहीं होगा।
CCTV से क्या नई बात सामने आई?
CCTV का सबसे महत्वपूर्ण पहलू यह है कि अब बैंक के बाहर का घटनाक्रम केवल प्रत्यक्षदर्शियों के बयान पर निर्भर नहीं है।
कैमरों में कर्मचारियों का बाहर आना, घटना के बाद मची अफरा-तफरी और आरोपी की गतिविधियों से जुड़े हिस्से दिखाई दे रहे हैं। दूसरी रिपोर्ट्स में सामने आए फुटेज में बैंक का armed guard भी स्थिति देखकर पीछे हटता दिखाई देता है।
पुलिस अब CCTV को कॉल डिटेल, ऑटो/ई-रिक्शा की आवाजाही, बरामद हथियार और फोरेंसिक रिपोर्ट से मिलाकर पूरी timeline तैयार कर रही है।
कई सवालों के जवाब अभी बाकी
इस मामले में सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या मानस ने केवल दिव्या की हत्या की योजना बनाई थी या पत्नी, बहन और खुद की मौत की पूरी sequence पहले से तय थी।
इसके अलावा तीन हथियार कहां से आए, कथित रेकी कब शुरू हुई, घटना में इस्तेमाल वाहन के चालक को क्या जानकारी थी और डिजिटल evidence क्या साबित करता है—इन सभी पहलुओं की जांच जारी है।
फिलहाल CCTV और हथियारों की बरामदगी ने पुलिस के सामने pre-planned crime की संभावना जरूर मजबूत की है, लेकिन अंतिम निष्कर्ष जांच पूरी होने के बाद ही सामने आएगा।
