मेरठ 'सांप कांड' में सजा से पहले रविता ने कोर्ट में क्या कहा? प्रेमी अमरदीप चुप, फैसले का इंतजार

अमित कश्यप हत्याकांड में दोषी रविता और अमरदीप की सजा पर मेरठ कोर्ट में सुनवाई हुई। रविता ने फैसले का सम्मान करने की बात कही, जबकि अमरदीप चुप रहे। सरकारी वकील ने शबनम केस का हवाला देकर कड़ी सजा मांगी।

Meerut Snake Murder Case: अमित कश्यप की हत्या में दोषी रविता और अमरदीप की सजा पर सुनवाई। जानिए कोर्ट में क्या हुआ, सांप की साजिश कैसे खुली और आगे क्या होगा।

प्रत्यक्षदर्शी समाचार | मेरठ | 16 अक्टूबर 2026
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अमित कश्यप हत्याकांड में दोषी रविता और अमरदीप की सजा पर मेरठ कोर्ट में 16 अक्टूबर को सुनवाई हुई।
मेरठ के चर्चित 'सांप कांड' में शुक्रवार को अदालत में सजा को लेकर महत्वपूर्ण सुनवाई हुई। पति अमित कश्यप की हत्या में दोषी ठहराई गई रविता और उसके प्रेमी अमरदीप को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए अदालत में पेश किया गया। सुनवाई के दौरान रविता ने कहा कि वह अदालत के फैसले का सम्मान करेंगी, जबकि अमरदीप ने कुछ भी कहने से इनकार कर दिया।
सरकारी वकील ने शबनम हत्याकांड का उदाहरण देते हुए दोनों के लिए कड़ी सजा की मांग की। दोपहर तक दोनों पक्षों की बहस पूरी हो चुकी थी और सजा के ऐलान का इंतजार था।

खबर में खास

  • मेरठ के 'सांप कांड' में रविता और अमरदीप की सजा पर 16 अक्टूबर को सुनवाई हुई।
  • रविता ने अदालत के फैसले का सम्मान करने की बात कही, अमरदीप चुप रहे।

  • सरकारी वकील ने शबनम केस का उदाहरण देकर कड़ी सजा मांगी।

  • अदालत 7 अक्टूबर को दोनों को अमित कश्यप की हत्या का दोषी ठहरा चुकी है।

कोर्ट में रविता ने क्या कहा, अमरदीप क्यों रहे चुप?

मेरठ की अदालत में शुक्रवार सुबह करीब 11:20 बजे रविता और अमरदीप को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से पेश किया गया।
सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने अपराध की गंभीरता का हवाला देकर सख्त सजा की मांग की। सरकारी वकील ने अमरोहा के चर्चित शबनम हत्याकांड का भी उदाहरण दिया।
करीब 11:30 बजे दोनों पक्षों की बहस पूरी होने की जानकारी सामने आई।
इसके बाद रविता ने अदालत के निर्णय का सम्मान करने की बात कही, जबकि अमरदीप ने कोई टिप्पणी नहीं की।

पति की हत्या के बाद शव के पास क्यों छोड़ा सांप?

यह मामला मेरठ के बहसूमा थाना क्षेत्र के अकबरपुर सादात गांव का है।
अप्रैल 2025 में अमित उर्फ मिक्की कश्यप की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हुई थी। उनके शव के पास सांप मिलने से परिवार को शुरुआत में लगा कि मौत सर्पदंश के कारण हुई है।
लेकिन पोस्टमार्टम रिपोर्ट ने पूरे मामले की दिशा बदल दी। जांच में सामने आया कि अमित की मौत सांप के जहर से नहीं, बल्कि दम घुटने से हुई थी।
अभियोजन पक्ष के अनुसार, रविता और अमरदीप ने मिलकर अमित की हत्या की थी। इसके बाद मौत को सांप के काटने से हुई घटना दिखाने की कोशिश की गई।
जांच में सांप खरीदने और उसे घर में लाने से जुड़ी जानकारी भी सामने आई थी।

हत्या की रात फोन कॉल से कैसे मिला सुराग?

अमित कश्यप और अमरदीप पहले से परिचित थे। दोनों टाइल्स और पत्थर लगाने का काम करते थे।
जांच के अनुसार, इसी दौरान अमरदीप और रविता के बीच संबंध बने। अमित को इसकी जानकारी होने के बाद विवाद शुरू हुआ।
अभियोजन के अनुसार, हत्या वाली रात रविता और अमरदीप के बीच 50 से अधिक बार फोन पर बातचीत हुई थी।
इसके अलावा अन्य गवाहों और परिस्थितिजन्य साक्ष्यों को भी अदालत में प्रस्तुत किया गया।
इन साक्ष्यों पर विचार करने के बाद अपर सत्र न्यायाधीश जयवीर सिंह नागर की अदालत ने 7 अक्टूबर 2026 को रविता और अमरदीप को हत्या तथा आपराधिक साजिश का दोषी ठहराया।

क्या रविता और अमरदीप को भी होगी फांसी?

14 अक्टूबर को मेरठ के अलग 'नीला ड्रम' हत्याकांड में मुस्कान रस्तोगी और साहिल शुक्ला को मौत की सजा सुनाई गई थी।
इसके बाद सांप कांड में भी संभावित सजा को लेकर चर्चा बढ़ गई है।
लेकिन दोनों मामलों के साक्ष्य और कानूनी परिस्थितियां अलग हैं। एक मामले में मौत की सजा मिलने का अर्थ यह नहीं है कि दूसरे मामले में भी वही सजा दी जाएगी।
दोपहर 12:43 बजे तक उपलब्ध रिपोर्ट में रविता और अमरदीप की सजा का अंतिम आदेश सामने नहीं आया था।

अब आगे क्या होगा?

अदालत के अंतिम आदेश से स्पष्ट होगा कि रविता और अमरदीप को उम्रकैद, मृत्युदंड या कानून के अनुरूप अन्य दंड में से क्या सजा दी गई है।
दोषसिद्धि और सजा के खिलाफ उच्च अदालत में अपील का कानूनी रास्ता भी उपलब्ध रहता है।
फिलहाल मेरठ के इस मामले में हत्या की दोषसिद्धि हो चुकी है। अब सजा का अंतिम फैसला सबसे महत्वपूर्ण अगला घटनाक्रम है।

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