आजम खान से जुड़े 10 ठिकानों पर ED का एक्शन, अखिलेश यादव ने BJP को घेरा
जौहर यूनिवर्सिटी और ट्रस्ट से जुड़े परिसरों पर छापेमारी के बाद गरमाई यूपी की राजनीति, अखिलेश ने कार्रवाई पर उठाए सवाल
सपा नेता आजम खान से जुड़े जौहर ट्रस्ट और यूनिवर्सिटी समेत कई ठिकानों पर ED की छापेमारी के बाद उत्तर प्रदेश की राजनीति गरमा गई है। अखिलेश यादव ने BJP पर निशाना साधते हुए कार्रवाई के पीछे राजनीतिक मंशा होने का आरोप लगाया है।
Azam Khan ED Raid: आजम खान से जुड़े 10 ठिकानों पर ED का एक्शन, अखिलेश यादव ने BJP को घेरा

लखनऊ/रामपुर: समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता आजम खान से जुड़े ठिकानों पर प्रवर्तन निदेशालय (ED) की कार्रवाई के बाद उत्तर प्रदेश की सियासत एक बार फिर गरमा गई है। बुधवार को ED ने उत्तर प्रदेश के रामपुर और सहारनपुर के साथ दिल्ली में आजम खान से जुड़े कई परिसरों पर तलाशी अभियान चलाया। रिपोर्ट्स के मुताबिक कुल करीब 10 ठिकानों पर कार्रवाई की गई, जिनमें मौलाना मोहम्मद अली जौहर ट्रस्ट और जौहर यूनिवर्सिटी से जुड़े परिसर भी शामिल हैं।
ED की कार्रवाई पर भड़के अखिलेश यादव
छापेमारी की खबर सामने आने के बाद समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने BJP सरकार पर तीखा हमला बोला। अखिलेश ने सोशल मीडिया के जरिए आरोप लगाया कि विश्वविद्यालय और शैक्षणिक संस्थान खड़े करने वालों के खिलाफ केंद्रीय एजेंसियों की कार्रवाई की जा रही है।
सपा प्रमुख ने दावा किया कि इस तरह की कार्रवाई के जरिए BJP अपने सीमित सांप्रदायिक समर्थक वर्ग को संतुष्ट करने की कोशिश कर रही है। उन्होंने सरकार से सवाल किया कि अगर भ्रष्टाचार के खिलाफ कार्रवाई की जा रही है तो दूसरे मामलों में भी उसी तेजी से जांच क्यों नहीं दिखाई देती।
कई मुद्दों को लेकर सरकार पर साधा निशाना
अखिलेश यादव ने अपने बयान में केवल आजम खान का मुद्दा नहीं उठाया। उन्होंने राम मंदिर से जुड़े कथित चोरी के मामले, कोडीन कफ सिरप से जुड़े मामलों, स्मार्ट सिटी परियोजनाओं और उत्तर प्रदेश के विभिन्न एक्सप्रेसवे तथा निर्माण कार्यों की स्थिति का जिक्र करते हुए भी सरकार को घेरा।
सपा अध्यक्ष ने आरोप लगाया कि विपक्ष से जुड़े नेताओं के मामलों में जांच एजेंसियां सक्रिय दिखाई देती हैं, जबकि सरकार से जुड़े लोगों पर लगे आरोपों में वैसी कार्रवाई देखने को नहीं मिलती। ये सभी दावे अखिलेश यादव के राजनीतिक आरोप हैं और इनसे जुड़े अलग-अलग मामलों की जांच तथा कानूनी स्थिति अलग है।
किस मामले में जांच कर रही है ED?
आजम खान और जौहर यूनिवर्सिटी से जुड़े वित्तीय मामलों की जांच नई नहीं है। इससे पहले सितंबर 2023 में आयकर विभाग ने आजम खान और मौलाना मोहम्मद अली जौहर ट्रस्ट से जुड़े कई ठिकानों पर तलाशी ली थी। उस दौरान ट्रस्ट और यूनिवर्सिटी के वित्तीय लेन-देन तथा निर्माण पर हुए खर्च से जुड़े दस्तावेजों की जांच की गई थी।
2023 में सामने आई रिपोर्ट्स में दावा किया गया था कि जौहर यूनिवर्सिटी में विभिन्न सरकारी विभागों के जरिए करोड़ों रुपये के काम कराए जाने से जुड़े दस्तावेज जांच एजेंसियों के हाथ लगे थे। बाद में इन वित्तीय पहलुओं को लेकर ED की जांच की बात भी सामने आई थी।
हालांकि मौजूदा छापेमारी के दौरान क्या दस्तावेज या अन्य सामग्री बरामद हुई है, इसकी पूरी आधिकारिक जानकारी अभी सामने आनी बाकी है।
BJP की ओर से भी आया जवाब
इस कार्रवाई पर BJP विधायक रमेश जायसवाल ने कहा कि ED एक स्वतंत्र जांच एजेंसी है और किसी स्थान पर तलाशी तभी होती है जब एजेंसी को जांच के दौरान संबंधित सामग्री या सबूत मिलते हैं। उन्होंने इस कार्रवाई को सरकारी दबाव से जोड़ने के विपक्ष के आरोपों को खारिज किया।
वहीं योगी सरकार के मंत्री और सुभासपा नेता ओम प्रकाश राजभर ने उल्टा समाजवादी पार्टी पर ही निशाना साधा। इस तरह ED की कार्रवाई अब जांच के साथ-साथ सपा और सत्तापक्ष के बीच नए राजनीतिक टकराव का मुद्दा भी बन गई है।
2027 से पहले फिर केंद्र में आजम खान
उत्तर प्रदेश में 2027 के विधानसभा चुनाव की राजनीतिक तैयारियां तेज हो रही हैं। ऐसे में आजम खान से जुड़े मामलों और जौहर यूनिवर्सिटी पर हो रही कार्रवाई का मुद्दा सपा और BJP के बीच बड़ी सियासी बहस का रूप ले सकता है।
हाल ही में भी जौहर यूनिवर्सिटी विभिन्न प्रशासनिक और नियामकीय कार्रवाइयों को लेकर चर्चा में रही है। ऐसे में ED की ताजा कार्रवाई ने रामपुर से लेकर लखनऊ तक राजनीतिक हलचल और बढ़ा दी है।
अब नजर इस बात पर रहेगी कि ED इस तलाशी अभियान के बाद क्या आधिकारिक जानकारी सामने रखती है और समाजवादी पार्टी इस मुद्दे को आने वाले दिनों में किस तरह राजनीतिक रूप से उठाती है।
