“प्रयागराज में भीषण धमाका! अमोनिया टैंक फटा, ताश के पत्तों की तरह ढही इमारत—4 मजदूरों की मौत”
प्रयागराज। प्रयागराज से एक दिल दहला देने वाली खबर सामने आई है, जहां सोमवार दोपहर करीब 1:30 बजे एक कोल्ड स्टोरेज में ऐसा भीषण हादसा हुआ जिसने पूरे इलाके को दहशत में डाल दिया। फाफामऊ क्षेत्र के चंदापुर गांव स्थित आदर्श कोल्ड स्टोरेज में अचानक जोरदार धमाका हुआ, जिसके बाद पूरी इमारत ताश के पत्तों की तरह भरभराकर गिर गई। इस हादसे में 4 मजदूरों की दर्दनाक मौत हो गई, जबकि 12 लोग घायल हो गए। मलबे से कुल 17 लोगों को बाहर निकाला गया है।बताया जा रहा है कि हादसा अमोनिया गैस टैंक फटने की वजह से हुआ। धमाका इतना जोरदार था कि तीन मंजिला इमारत के RCC पिलर तक टूट गए और पूरी छत ढह गई। हादसे के बाद करीब 1 किलोमीटर तक अमोनिया गैस की तीखी दुर्गंध फैल गई, जिससे आसपास के गांवों में अफरा-तफरी मच गई। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार पहले जोरदार विस्फोट हुआ और फिर देखते ही देखते पूरी बिल्डिंग जमीन पर आ गई।
मृतकों की पहचान पिलट चौधरी, मशिंदर, ज्योतिष (बिहार) और जगदीश (प्रयागराज) के रूप में हुई है। घायलों को तुरंत स्वरूप रानी नेहरू अस्पताल और तेज बहादुर सप्रू अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां कई की हालत गंभीर बताई जा रही है। हादसे के बाद परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है और पूरे इलाके में मातम पसरा हुआ है।जानकारी के मुताबिक यह कोल्ड स्टोरेज करीब 20 साल पुराना था और इसकी हालत पहले से ही जर्जर बताई जा रही थी। यहां आलू भंडारण का काम चल रहा था और बड़ी संख्या में मजदूर अंदर मौजूद थे। यह कोल्ड स्टोरेज पूर्व सपा नेता और पूर्व विधायक अंसार अहमद से जुड़ा बताया जा रहा है, जो जिले के बड़े स्टोरेज में गिना जाता था।
हादसे के तुरंत बाद प्रशासन हरकत में आया। NDRF, SDRF, फायर ब्रिगेड, पुलिस और 7 JCB मशीनों के साथ बचाव कार्य शुरू किया गया। अमोनिया गैस के रिसाव के कारण राहत कार्य में काफी मुश्किलें आईं, लेकिन टीमों ने कड़ी मेहनत के बाद फंसे लोगों को बाहर निकाला। जिलाधिकारी मनीष कुमार वर्मा और पुलिस आयुक्त जोगिंदर कुमार खुद मौके पर पहुंचे और पूरे ऑपरेशन की निगरानी की।
प्रशासन ने मामले को गंभीरता से लेते हुए मजिस्ट्रेट जांच के आदेश दे दिए हैं। कोल्ड स्टोरेज के मैनेजर और कुछ स्टाफ को हिरासत में लिया गया है और लापरवाही की जांच शुरू कर दी गई है। इसके साथ ही जिले के सभी कोल्ड स्टोरेज की जांच के निर्देश भी दिए गए हैं, ताकि भविष्य में इस तरह के हादसे रोके जा सकें।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने हादसे पर गहरा दुख जताते हुए मृतकों के परिजनों को 2-2 लाख रुपये और घायलों को 50 हजार रुपये की सहायता राशि देने का ऐलान किया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी एक्स-ग्रेशिया मुआवजे के तहत यही राशि देने की घोषणा की है।
हादसे के बाद पूरे इलाके में बिजली सप्लाई बंद कर दी गई है और गैस रिसाव की जांच अभी भी जारी है। यह हादसा एक बार फिर यह सवाल खड़ा करता है कि आखिर जर्जर इमारतों और खतरनाक गैस टैंकों की समय पर जांच क्यों नहीं होती? मजदूरों की सुरक्षा को लेकर लापरवाही कब तक जारी रहेगी?
