“तमिलनाडु में बड़ा सियासी धमाका! NDA का मास्टर प्लान—क्या गिरेगा DMK का किला?”
तमिलनाडु।तमिलनाडु विधानसभा चुनाव 2026 से ठीक पहले सियासत में जबरदस्त हलचल मच गई है। चेन्नई से आई खबर ने पूरे चुनावी खेल को गरमा दिया है—NDA ने सीट शेयरिंग का फॉर्मूला फाइनल कर दिया है, और ये डील सीधी-सीधी DMK सरकार को चुनौती दे रही है। AIADMK चीफ एडप्पादी के. पलानीस्वामी और BJP के दिग्गज नेता पीयूष गोयल के बीच हुई इस डील ने साफ कर दिया है कि इस बार मुकाबला बेहद टक्कर का होने वाला है।
सीट बंटवारे पर नजर डालें तो तस्वीर और भी दिलचस्प हो जाती है। कुल 234 सीटों में से AIADMK को 178 सीटें देकर ‘लायन शेयर’ दे दिया गया है—यानी NDA में असली कमान AIADMK के हाथ में। वहीं BJP को 27 सीटें मिली हैं, जो 2021 के मुकाबले 7 सीट ज्यादा हैं—इशारा साफ है, BJP अब तमिलनाडु में अपनी जमीन तेजी से मजबूत करना चाहती है। इसके अलावा PMK को 18 और AMMK को 11 सीटें देकर गठबंधन को पूरी तरह संतुलित किया गया है।
अब नेताओं के बयान भी चुनावी तापमान बढ़ा रहे हैं। पीयूष गोयल ने साफ कहा—“हम एक परिवार हैं… और जनता अब स्टालिन सरकार से तंग आ चुकी है।” वहीं पलानीस्वामी ने तो सीधा दावा ठोक दिया—“ये जीत का गठबंधन है… 210+ सीटें जीतकर सरकार बनाएंगे!” यानी NDA पूरी आक्रामकता के साथ मैदान में उतर चुका है।
राजनीतिक जानकार मान रहे हैं कि यह सिर्फ सीट शेयरिंग नहीं… बल्कि एक ‘मास्टर स्ट्रोक’ है। AIADMK को आगे रखकर NDA ने लोकल कनेक्ट मजबूत किया है, वहीं BJP अपनी सीटें बढ़ाकर साफ संकेत दे रही है कि वो अब तमिलनाडु में सिर्फ सहयोगी नहीं, बल्कि बड़ी ताकत बनना चाहती है। 2021 में जहां BJP सीमित दायरे में थी, वहीं अब 27 सीटों के साथ पार्टी ज्यादा आक्रामक नजर आ रही है।
लेकिन असली लड़ाई अब शुरू होती है। DMK, जो पिछले चुनाव में मजबूत जीत के साथ सत्ता में आई थी, क्या इस बार NDA के इस बड़े दांव से दबाव में आएगी? NDA का दावा है कि “संस्कृति, पहचान और शासन” के मुद्दों पर जनता बदलाव चाहती है… लेकिन जमीन पर वोटर क्या सोचता है, ये अभी भी सबसे बड़ा सवाल बना हुआ है।
आने वाले कुछ दिनों में जब सभी 234 सीटों पर उम्मीदवारों के नाम सामने आएंगे, तब असली तस्वीर और साफ होगी। लेकिन फिलहाल इतना तय है कि तमिलनाडु का चुनाव अब सीधा और हाई-वोल्टेज मुकाबला बन चुका है—जहां हर सीट पर कांटे की टक्कर देखने को मिल सकती है।
