सपा की ‘नीली ड्रेस’ पर चंद्रशेखर आजाद का तंज, बोले- BSP जैसा दिख सकते हो, चरित्र कैसे बदलोगे?
सीतापुर के मिश्रिख में चंद्रशेखर आजाद ने सपा छात्रसभा की नीली ड्रेस पर तंज कसा। उन्होंने कहा कि नीले कपड़े पहनाकर कार्यकर्ताओं को BSP जैसा दिखाया जा सकता है, लेकिन इससे चरित्र कैसे बदलेगा?
आजाद समाज पार्टी (कांशीराम) के प्रमुख और नगीना सांसद चंद्रशेखर आजाद ने समाजवादी पार्टी की छात्र इकाई के नए नीले ड्रेस कोड को लेकर निशाना साधा है। सीतापुर के मिश्रिख में आयोजित सम्मेलन में उन्होंने BSP का जिक्र करते हुए कहा कि सिर्फ रंग बदलने से किसी पार्टी का चरित्र नहीं बदलता।
प्रत्यक्षदर्शी समाचार | सीतापुर | 19 सितंबर 2026
चंद्रशेखर आजाद ने सपा छात्रसभा के नए नीले ड्रेस कोड को लेकर तंज कसा।
खबर में खास
सपा छात्रसभा की नीली ड्रेस पर चंद्रशेखर आजाद का बयान
BSP कार्यकर्ताओं का जिक्र कर सपा पर साधा निशाना
मिश्रिख में सामाजिक न्याय कार्यकर्ता सम्मेलन में बोले आजाद
सपा छात्रसभा ने हाल में अपनाया है नया नीला ड्रेस कोड
उत्तर प्रदेश में 2027 विधानसभा चुनाव से पहले अलग-अलग दलों के बीच बयानबाजी तेज हो रही है। अब आजाद समाज पार्टी (कांशीराम) के प्रमुख और नगीना सांसद चंद्रशेखर आजाद ने समाजवादी पार्टी की छात्र इकाई के नए नीले ड्रेस कोड को लेकर तंज कसा है।
सीतापुर जिले की मिश्रिख विधानसभा में आयोजित सामाजिक न्याय कार्यकर्ता सम्मेलन को संबोधित करते हुए चंद्रशेखर ने कहा कि नीले कपड़े पहनाकर कार्यकर्ताओं को BSP कार्यकर्ताओं जैसा दिखाया जा सकता है, लेकिन सवाल यह है कि उनका चरित्र कैसे बदलेगा।
सपा की नीली ड्रेस पर क्या बोले चंद्रशेखर?
चंद्रशेखर आजाद ने समाजवादी पार्टी पर निशाना साधते हुए कहा कि केवल रंग बदलने से चरित्र नहीं बदलता।
उन्होंने कहा, “आप उन्हें नीले कपड़े पहनाकर BSP कार्यकर्ताओं जैसा दिखा सकते हैं, लेकिन उनका चरित्र कैसे बदलेंगे?” यह टिप्पणी समाजवादी छात्रसभा के हाल में बदले गए ड्रेस कोड के संदर्भ में की गई।
स्थानीय रिपोर्ट के मुताबिक चंद्रशेखर ने यह भी कहा कि लोगों को राजनीतिक दलों के पुराने काम याद रहते हैं और केवल रंग बदलना पर्याप्त नहीं है।
सपा छात्रसभा ने क्यों अपनाई नीली ड्रेस?
समाजवादी पार्टी ने हाल में अपनी छात्र इकाई समाजवादी छात्रसभा के कार्यकर्ताओं के लिए नया ड्रेस कोड निर्धारित किया है।
इसके तहत कार्यकर्ता नीली पैंट-शर्ट या नीली जींस और नीली टी-शर्ट में नजर आ सकते हैं। टी-शर्ट पर समाजवादी छात्रसभा का लोगो और पार्टी का चुनाव चिह्न साइकिल भी दिया गया है।
अखिलेश यादव ने नीले रंग को लोकतंत्र, संविधान, बहुजन समाज और डॉ. भीमराव आंबेडकर से जुड़ा बताया था। उन्होंने इसे नई पीढ़ी की नई सोच से भी जोड़ा था।
मायावती को लेकर भी बोले चंद्रशेखर
कार्यक्रम के दौरान चंद्रशेखर आजाद ने BSP प्रमुख मायावती का भी जिक्र किया। उन्होंने मायावती को अपना नेता बताते हुए दावा किया कि BSP से दलित वोट इसलिए दूर हुए क्योंकि उनके अनुसार दलितों के उत्पीड़न के मुद्दे पर मायावती ने पर्याप्त आवाज नहीं उठाई। यह चंद्रशेखर आजाद का राजनीतिक आकलन है।
उन्होंने सपा और भाजपा दोनों की नीतियों की आलोचना भी की और अपनी पार्टी के लिए समर्थन मांगा।
2027 से पहले नीले रंग पर क्यों बढ़ी चर्चा?
उत्तर प्रदेश की राजनीति में नीला रंग लंबे समय से BSP और बहुजन राजनीति से जुड़ा रहा है। ऐसे में समाजवादी छात्रसभा के नए ड्रेस कोड को लेकर राजनीतिक प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं।
सपा नेतृत्व ने खुद नीले रंग को संविधान, बहुजन समाज और आंबेडकर से जोड़कर इसकी व्याख्या की है। दूसरी तरफ चंद्रशेखर आजाद जैसे विपक्षी नेता इस बदलाव को लेकर सपा पर सवाल उठा रहे हैं।
चंद्रशेखर के इस बयान के बाद सपा छात्रसभा का नया नीला ड्रेस कोड एक बार फिर यूपी की राजनीतिक चर्चा में आ गया है।