UP चुनाव 2027 के लिए BJP-RSS का बड़ा मंथन, पूर्वांचल-अवध की नब्ज टटोलेंगे विनोद तावड़े; बूथ तक बनेगा प्लान

UP चुनाव 2027 को लेकर BJP और RSS ने संगठनात्मक तैयारी तेज कर दी है। प्रदेश प्रभारी विनोद तावड़े छह दिन के दौरे में गोरखपुर, अवध और काशी क्षेत्रों से जमीनी फीडबैक लेंगे, वहीं संघ-भाजपा की समन्वय बैठकों में क्षेत्रवार रणनीति पर चर्चा होगी।

उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2027 से पहले BJP और RSS ने संगठनात्मक तैयारियां तेज कर दी हैं। BJP प्रदेश प्रभारी विनोद तावड़े छह दिन के यूपी दौरे में गोरखपुर, अवध और काशी क्षेत्र की बैठकें कर जमीनी फीडबैक लेंगे। दूसरी ओर RSS और BJP के वरिष्ठ पदाधिकारी प्रांतवार समन्वय बैठकों के जरिए संगठन, कार्यकर्ताओं और क्षेत्रीय मुद्दों की समीक्षा कर रहे हैं। 20 सितंबर को सहारनपुर में BJP अध्यक्ष नितिन नवीन की मौजूदगी में पश्चिमी यूपी के करीब 4,800 शक्ति केंद्र संयोजकों का सम्मेलन भी प्रस्तावित है।

प्रत्यक्षदर्शी समाचार | लखनऊ | 16 सितंबर 2026

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UP विधानसभा चुनाव 2027 से पहले BJP-RSS ने क्षेत्रवार संगठनात्मक समीक्षा और समन्वय की प्रक्रिया तेज कर दी है।

खबर में खास

  • BJP-RSS की प्रांतवार समन्वय बैठकों की तैयारी
  • विनोद तावड़े का छह दिन का UP दौरा
  • गोरखपुर, अवध और काशी क्षेत्र से लिया जाएगा फीडबैक
  • 20 सितंबर को पश्चिमी UP के करीब 4,800 शक्ति केंद्र संयोजकों का सम्मेलन
उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2027 से पहले BJP ने संगठनात्मक तैयारियों की रफ्तार बढ़ा दी है।
एक तरफ BJP के प्रदेश प्रभारी विनोद तावड़े क्षेत्रवार बैठकें कर संगठन की जमीनी स्थिति और चुनावी तैयारियों का फीडबैक लेने जा रहे हैं, तो दूसरी तरफ राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ और BJP के बीच समन्वय बैठकों का दौर भी आगे बढ़ रहा है।
फोकस सिर्फ लखनऊ में बैठकर रणनीति बनाने पर नहीं, बल्कि अलग-अलग क्षेत्रों में जाकर संगठन की स्थिति जानने पर है।

6 दिन UP में रहेंगे विनोद तावड़े

BJP के राष्ट्रीय महामंत्री और उत्तर प्रदेश प्रभारी विनोद तावड़े बुधवार को लखनऊ पहुंचने वाले हैं।
प्रस्तावित कार्यक्रम के मुताबिक तावड़े 17 और 18 सितंबर को गोरखपुर में गोरक्ष क्षेत्र की बैठकें करेंगे।
इसके बाद अवध क्षेत्र की बैठकें अयोध्या और काशी क्षेत्र की बैठकें प्रयागराज में प्रस्तावित हैं।
इन बैठकों में क्षेत्र से लेकर जिला स्तर तक संगठन की स्थिति और चुनावी तैयारियों पर चर्चा होने की खबर है।

पूर्वांचल पर क्यों है नजर?

उत्तर प्रदेश की चुनावी राजनीति में पूर्वांचल का बड़ा संख्यात्मक महत्व है।
BJP के संगठनात्मक विभाजन के अनुसार गोरखपुर क्षेत्र में 62 विधानसभा सीटें और काशी क्षेत्र में 71 सीटें आती हैं। अवध क्षेत्र में 82, पश्चिम में 71, ब्रज में 65 और कानपुर क्षेत्र में 52 विधानसभा सीटें हैं।
इसीलिए क्षेत्रवार बैठकों के जरिए स्थानीय संगठन, जनप्रतिनिधियों और कार्यकर्ताओं से फीडबैक लेने की तैयारी की गई है।
हालांकि किसी क्षेत्र को BJP के लिए “कमजोर” या “मजबूत” घोषित करना अभी उचित नहीं होगा; अलग-अलग मीडिया रिपोर्टें आंतरिक सर्वे और फीडबैक का हवाला दे रही हैं, लेकिन उनका पूरा डेटा सार्वजनिक नहीं है।

BJP-RSS की समन्वय बैठक

इसी चुनावी तैयारी के बीच RSS और BJP के बीच समन्वय की कवायद भी तेज हुई है।
लखनऊ के बंथरा में अवध और कानपुर प्रांत से जुड़ी समन्वय बैठक प्रस्तावित है। इसमें RSS के सह सरकार्यवाह अरुण कुमार, BJP के राष्ट्रीय महामंत्री संगठन बीएल संतोष समेत वरिष्ठ पदाधिकारी शामिल होने वाले हैं।
BJP की ओर से प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी, प्रदेश महामंत्री संगठन धर्मपाल सिंह और संबंधित क्षेत्रों के अध्यक्ष व प्रभारी भी इस प्रक्रिया का हिस्सा हैं।

क्या होगा इन बैठकों का एजेंडा?

मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक बैठकों में केवल चुनावी प्रचार नहीं बल्कि सरकार और संगठन के बीच समन्वय, स्थानीय स्तर का फीडबैक, कार्यकर्ताओं की स्थिति और क्षेत्रीय मुद्दों पर भी चर्चा होनी है।
जागरण की रिपोर्ट के मुताबिक जनप्रतिनिधियों और संगठन के बीच आंतरिक मतभेद, सामाजिक समीकरण, विपक्ष की PDA राजनीति, धार्मिक-सामाजिक मुद्दे और स्थानीय फीडबैक जैसे विषय भी चर्चा में आ सकते हैं।
ये विवरण मीडिया रिपोर्टों में सूत्रों के हवाले से हैं; BJP या RSS की ओर से पूरी चुनावी रणनीति सार्वजनिक रूप से जारी नहीं की गई है।

विधायकों का फीडबैक भी अहम

UP चुनाव से पहले BJP के मौजूदा विधायकों और मंत्रियों को लेकर भी फीडबैक जुटाए जाने की रिपोर्टें सामने आई हैं।
पहले की BJP-RSS बैठकों को लेकर प्रकाशित रिपोर्टों में मौजूदा विधायकों की क्षेत्र में सक्रियता, स्थानीय स्वीकार्यता, संगठन का फीडबैक, सामाजिक समीकरण और सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन जैसे पहलुओं की समीक्षा का जिक्र किया गया था।
लेकिन अभी यह कहना कि किसी निश्चित संख्या में विधायकों के टिकट कटना तय है, समय से पहले होगा। अलग-अलग मीडिया रिपोर्टों में संभावित संख्या अलग-अलग बताई गई है और पार्टी ने कोई अंतिम सूची घोषित नहीं की है।

20 सितंबर को पश्चिमी UP पर फोकस

पूर्वांचल और अवध के साथ पश्चिमी उत्तर प्रदेश में भी BJP बूथ स्तर की तैयारी पर काम कर रही है।
20 सितंबर को सहारनपुर में BJP अध्यक्ष नितिन नवीन की मौजूदगी में करीब 4,800 शक्ति केंद्र संयोजकों का सम्मेलन प्रस्तावित है।
BJP छह से आठ बूथों को मिलाकर एक शक्ति केंद्र बनाती है। शक्ति केंद्र संयोजक बूथ कार्यकर्ताओं, मतदाता संपर्क और पार्टी के कार्यक्रमों के बीच समन्वय की भूमिका निभाते हैं।
इस सम्मेलन में संगठन की सक्रियता, बूथ प्रबंधन और स्थानीय फीडबैक पर चर्चा होने की संभावना है।

अक्टूबर में बड़ी कार्यसमिति

BJP की तैयारियां सितंबर तक सीमित नहीं हैं।
लखनऊ में 2 और 3 अक्टूबर को प्रदेश कार्यसमिति की बैठक प्रस्तावित है। रिपोर्ट के मुताबिक इसमें गृह मंत्री अमित शाह, BJP अध्यक्ष नितिन नवीन, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह समेत राष्ट्रीय और प्रदेश स्तर के कई नेताओं के शामिल होने की तैयारी है।
यानी सितंबर की क्षेत्रवार बैठकों और समन्वय प्रक्रिया के बाद अक्टूबर में पार्टी अपनी व्यापक संगठनात्मक दिशा पर आगे बढ़ सकती है।
UP की सभी 403 विधानसभा सीटों पर चुनाव 2027 में होने हैं। फिलहाल BJP-RSS की गतिविधियां यह दिखाती हैं कि चुनाव से कई महीने पहले ही संगठनात्मक समीक्षा, क्षेत्रवार फीडबैक और बूथ नेटवर्क पर काम तेज कर दिया गया है।

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