दिल्ली में राहुल गांधी के मार्च पर 4 FIR, NSUI-CJP पर भी पुलिस का एक्शन; जानें क्या हैं आरोप

दिल्ली में SIR के खिलाफ INDIA गठबंधन के मार्च पर चार FIR दर्ज हुई हैं। NSUI और CJP कार्यकर्ताओं के खिलाफ भी पुलिस कार्रवाई हुई है। प्रदर्शनकारी संगठनों ने पुलिस पर बदसलूकी और विरोध की आवाज दबाने के आरोप लगाए हैं।

Delhi Protest: राहुल गांधी के नेतृत्व वाले INDIA गठबंधन के मार्च पर चार FIR दर्ज। NSUI-CJP प्रदर्शन में पुलिस कार्रवाई और दोनों पक्षों के आरोप जानिए।

राहुल गांधी के मार्च से NSUI-CJP प्रदर्शन तक पुलिस की कार्रवाई, कई FIR दर्ज; दोनों पक्षों ने लगाए आरोप

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दिल्ली में SIR के विरोध में हुए मार्च और छात्र संगठनों के प्रदर्शनों को लेकर पुलिस कार्रवाई पर विवाद जारी है।
प्रत्यक्षदर्शी समाचार | नई दिल्ली | 14 अक्टूबर 2026
दिल्ली में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे और मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के खिलाफ चल रहे प्रदर्शनों के बीच पुलिस की कार्रवाई पर विवाद बढ़ गया है। राहुल गांधी के नेतृत्व में INDIA गठबंधन के 12 अक्टूबर के मार्च को लेकर दिल्ली पुलिस ने चार FIR दर्ज की हैं।
इसके अलावा कांग्रेस के छात्र संगठन NSUI और कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के प्रदर्शनकारियों के खिलाफ भी कार्रवाई की गई है। पुलिस का आरोप है कि प्रदर्शन के दौरान प्रतिबंधात्मक आदेशों का उल्लंघन हुआ और सरकारी काम में बाधा डाली गई। दूसरी ओर, छात्र संगठनों ने पुलिस पर बल प्रयोग और कार्यकर्ताओं से बदसलूकी के आरोप लगाए हैं।

खबर में खास

  • राहुल गांधी के नेतृत्व वाले INDIA गठबंधन के मार्च पर चार FIR दर्ज।
  • पुलिस ने बैरिकेडिंग को नुकसान और बिना अनुमति प्रदर्शन के आरोप लगाए।

  • NSUI की महिला कार्यकर्ताओं और पुलिस के बीच झड़प, दोनों पक्षों पर सवाल।

  • CJP नेताओं की न्यायिक हिरासत के बीच सोशल मीडिया की लगभग 500 पोस्ट पर भी कार्रवाई।

राहुल गांधी के नेतृत्व वाले मार्च पर चार FIR क्यों दर्ज हुईं?

12 अक्टूबर को राहुल गांधी, मल्लिकार्जुन खड़गे, अखिलेश यादव और अन्य विपक्षी नेताओं ने मतदाता सूची पुनरीक्षण के विरोध में सुप्रीम कोर्ट की ओर मार्च निकाला था।
दिल्ली पुलिस के मुताबिक, प्रदर्शन के दौरान कुछ कार्यकर्ताओं ने बैरिकेडिंग तोड़ने की कोशिश की और सार्वजनिक सड़कों पर लिखावट की गई।
इन्हीं आरोपों के संबंध में तिलक मार्ग थाने में दो और मंदिर मार्ग तथा बाराखंबा रोड थाने में एक-एक FIR दर्ज की गई।
हालांकि, चार FIR दर्ज होने का यह अर्थ नहीं है कि सभी मामलों में राहुल गांधी व्यक्तिगत रूप से नामजद हैं। इसकी पुष्टि संबंधित प्राथमिकी के रिकॉर्ड से ही होगी।

NSUI की महिला कार्यकर्ताओं और पुलिस के बीच क्या हुआ?

मंगलवार, 13 अक्टूबर को NSUI कार्यकर्ताओं ने राजीव चौक मेट्रो स्टेशन के गेट नंबर सात के पास प्रदर्शन किया।
संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष विनोद जाखड़ समेत कई कार्यकर्ताओं को पुलिस ने हिरासत में लिया।
इसी दौरान महिला कार्यकर्ताओं और महिला पुलिसकर्मियों के बीच धक्का-मुक्की हुई। एक वीडियो में दोनों पक्षों के बीच बाल खींचने और थप्पड़ मारने जैसी घटनाएँ दिखाई देने की बात सामने आई है।
NSUI ने आरोप लगाया कि महिला कार्यकर्ताओं के साथ पुलिस ने मारपीट और बदसलूकी की। इस घटना को लेकर संगठन ने कनॉट प्लेस थाने के बाहर भी धरना दिया।
हालांकि, वीडियो के आधार पर पूरे घटनाक्रम की शुरुआत और जिम्मेदारी तय करना संभव नहीं है। निष्पक्ष जाँच से ही स्पष्ट होगा कि किस पक्ष ने पहले बल प्रयोग किया।

CJP नेताओं को जेल भेजने पर पुलिस ने क्या कहा?

13 अक्टूबर को CJP के सौरव दास, आशुतोष रांका और अजिंक्य शिंदे कुछ कार्यकर्ताओं के साथ जंतर-मंतर पहुंचे थे।
पुलिस के अनुसार, 14 कार्यकर्ताओं के खिलाफ कार्रवाई की गई। आरोप है कि प्रदर्शनकारी बिना अनुमति निजी परिसर से होते हुए जंतर-मंतर में दाखिल हुए और पुलिस की ड्यूटी में बाधा डाली।
पुलिस ने यह भी आरोप लगाया कि कुछ कार्यकर्ताओं ने पहले शांति बनाए रखने के लिए भरे गए मुचलके की शर्तों का उल्लंघन किया।
इसके बाद सौरव दास और आशुतोष रांका को पाँच दिन की न्यायिक हिरासत में भेजा गया।
राहुल गांधी ने इस कार्रवाई की आलोचना करते हुए शांतिपूर्ण विरोध के अधिकार का समर्थन किया है।
इसे भी पढ़ें: जंतर-मंतर पर गेट फांदकर पहुंचे CJP नेता, सौरव दास-आशुतोष रांका हिरासत में

सोशल मीडिया की 500 पोस्ट पर क्यों हुई कार्रवाई?

विरोध प्रदर्शनों के बीच दिल्ली पुलिस ने सोशल मीडिया पर कथित भ्रामक जानकारी फैलाए जाने को लेकर भी चार अलग FIR दर्ज की हैं।
पुलिस के मुताबिक, कुछ अकाउंट पुराने और संपादित वीडियो को हालिया प्रदर्शनों का बताकर साझा कर रहे थे।
जाँच एजेंसियां 100 से अधिक संदिग्ध सोशल मीडिया अकाउंट की पड़ताल कर रही हैं। पुलिस ने लगभग 500 पोस्ट हटाने के लिए संबंधित प्लेटफॉर्म से संपर्क किया है।
पाकिस्तान से संचालित कुछ अकाउंट की कथित भूमिका की भी जाँच की जा रही है। हालांकि, किसी विदेशी साजिश का अंतिम और स्वतंत्र रूप से सत्यापित निष्कर्ष सामने नहीं आया है।

SIR विवाद पर अब आगे क्या होगा?

दिल्ली में जारी विरोध प्रदर्शनों का मुख्य मुद्दा मतदाता सूची का विशेष गहन पुनरीक्षण है। विपक्षी दलों का आरोप है कि इस प्रक्रिया से पात्र मतदाताओं के अधिकार प्रभावित हो रहे हैं।
निर्वाचन आयोग राजनीतिक पक्षपात के आरोपों से इनकार करता रहा है और मतदाता सूची का सत्यापन आवश्यक बताता है।
उधर, INDIA गठबंधन के नेताओं ने SIR से संबंधित मुद्दों को सुप्रीम कोर्ट में भी उठाया है।
फिलहाल दिल्ली में विरोध प्रदर्शन, पुलिस कार्रवाई और राजनीतिक आरोपों को लेकर विवाद जारी है। अब दर्ज FIR की जाँच, प्रदर्शनकारी संगठनों की शिकायतों और अदालत की अगली कार्यवाही पर नजर रहेगी।

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