दिपके के तिरंगा मार्च पर हाईकोर्ट ने नहीं लगाई रोक, पुलिस बोली- कानून के तहत कार्रवाई करेंगे
दिल्ली में 16 अक्टूबर के तिरंगा मार्च पर हाईकोर्ट ने अलग से रोक नहीं लगाई। पुलिस ने CJP और अभिजीत दिपके के मामले में कानून के अनुसार कदम उठाने का भरोसा दिया। व्यापारियों ने कारोबार और यातायात प्रभावित होने की आशंका जताई।
Delhi CJP Protest: अभिजीत दिपके के 16 अक्टूबर के तिरंगा मार्च पर दिल्ली हाईकोर्ट में सुनवाई हुई। जानिए पुलिस ने क्या कहा, कोर्ट का आदेश और 3 नवंबर की अगली सुनवाई।
प्रत्यक्षदर्शी समाचार | नई दिल्ली | 15 अक्टूबर 2026
16 अक्टूबर के तिरंगा मार्च को लेकर दिल्ली हाईकोर्ट में सुनवाई, पुलिस ने कानूनी कदम उठाने का दिया आश्वासन।
दिल्ली के कनॉट प्लेस में 16 अक्टूबर को प्रस्तावित 'लहराओ तिरंगा' प्रदर्शन को लेकर दिल्ली हाईकोर्ट में गुरुवार को महत्वपूर्ण सुनवाई हुई। अदालत ने कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) और उसके संस्थापक अभिजीत दिपके के प्रदर्शन पर अलग से रोक लगाने का आदेश नहीं दिया। हालांकि, दिल्ली पुलिस ने अदालत को भरोसा दिलाया कि कानून-व्यवस्था बनाए रखने और CJP की गतिविधियों को नियंत्रित करने के लिए सभी जरूरी कानूनी कदम उठाए जाएंगे।
खबर में खास
अभिजीत दिपके ने 16 अक्टूबर की शाम 5 बजे कनॉट प्लेस में तिरंगा मार्च का आह्वान किया है।
पालिका बाजार के एक रेहड़ी-पटरी विक्रेता ने प्रदर्शन से कारोबार प्रभावित होने की आशंका जताई।
दिल्ली पुलिस ने हाईकोर्ट में CJP और दिपके के संबंध में कानूनी कार्रवाई का आश्वासन दिया।
अदालत ने पुलिस का आश्वासन रिकॉर्ड पर लिया, अगली सुनवाई 3 नवंबर को होगी।
तिरंगा मार्च के खिलाफ हाईकोर्ट क्यों पहुंचा मामला?
पालिका बाजार में कपड़ों का कारोबार करने वाले लाइसेंस प्राप्त रेहड़ी-पटरी विक्रेता अनिल कुमार गुप्ता ने दिल्ली हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की थी।
उनका कहना है कि दिल्ली में लगातार हो रहे विरोध प्रदर्शनों, बैरिकेडिंग और यातायात प्रतिबंधों से छोटे व्यापारियों की आजीविका प्रभावित होती है।
याचिकाकर्ता ने आशंका जताई कि त्योहारों के समय कनॉट प्लेस के सेंट्रल पार्क में बड़ा प्रदर्शन हुआ तो दुकानदारों, ग्राहकों और आम नागरिकों की आवाजाही बाधित हो सकती है।
उन्होंने अदालत से गैर-अधिकृत प्रदर्शन स्थलों पर भीड़ जुटाने से रोकने और यातायात व्यवस्था बनाए रखने के निर्देश देने की मांग की।
हाईकोर्ट में दिल्ली पुलिस ने क्या कहा?
मामले की सुनवाई कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश नितिन वासुदेव सांब्रे और न्यायमूर्ति संजय शर्मा की पीठ ने की।
दिल्ली पुलिस की ओर से अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल चेतन शर्मा पेश हुए। उन्होंने अदालत को बताया कि प्रस्तावित प्रदर्शन को नियंत्रित करने के लिए कदम उठाए जा चुके हैं और आगे भी कानून के अनुसार आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
याचिकाकर्ता की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता सचिन पुरी ने दिपके और उनके सहयोगियों की गतिविधियों पर रोक लगाने की मांग की।
अदालत ने पुलिस का आश्वासन रिकॉर्ड पर लेते हुए अगली सुनवाई 3 नवंबर तय कर दी।
महत्वपूर्ण बात यह है कि हाईकोर्ट ने तिरंगा मार्च को अलग से प्रतिबंधित नहीं किया, लेकिन प्रदर्शन आयोजित करने की अनुमति भी नहीं दी।
अभिजीत दिपके 16 अक्टूबर को क्यों निकालना चाहते हैं मार्च?
CJP संस्थापक अभिजीत दिपके ने लोगों से शुक्रवार शाम 5 बजे कनॉट प्लेस के सेंट्रल पार्क में राष्ट्रीय ध्वज लेकर एकत्र होने की अपील की है।
यह घोषणा CJP नेता सौरव दास और आशुतोष रांका की गिरफ्तारी तथा न्यायिक हिरासत के बाद की गई थी।
दिपके का आरोप है कि उनके सहयोगियों को तिरंगा फहराने के कारण गिरफ्तार किया गया। वहीं, पुलिस की कार्रवाई के संबंध में जंतर-मंतर पर अनधिकृत प्रवेश और सुरक्षा नियमों के उल्लंघन के आरोप भी सामने आए हैं।
दिपके ने दिल्ली से बाहर रहने वाले समर्थकों से अपने-अपने शहरों में तिरंगा मार्च निकालने की अपील की है।
क्या 16 अक्टूबर को कनॉट प्लेस में प्रदर्शन होगा?
हाईकोर्ट के आदेश के बाद भी प्रदर्शन की अंतिम प्रशासनिक स्थिति स्पष्ट होना जरूरी है।
अदालत ने पुलिस को कानून के तहत कार्रवाई करने की जिम्मेदारी याद दिलाई है। इसलिए आयोजन, अनुमति और संभावित यातायात प्रतिबंधों के बारे में दिल्ली पुलिस की आधिकारिक सूचना महत्वपूर्ण होगी।
कनॉट प्लेस जाने वाले यात्रियों और व्यापारियों को शुक्रवार को निकलने से पहले यातायात संबंधी आधिकारिक अपडेट देखना चाहिए।
अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि 16 अक्टूबर को प्रस्तावित तिरंगा मार्च किस रूप में आयोजित हो पाएगा और दिल्ली पुलिस कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए क्या कदम उठाएगी।