कौन हैं डॉ. राजेश्वर सिंह? ED के तेजतर्रार अधिकारी से सरोजनीनगर विधायक बनने तक का सफर
यूपी पुलिस और प्रवर्तन निदेशालय में करीब 24 वर्षों तक सेवा देने वाले डॉ. राजेश्वर सिंह ने 2022 में राजनीति में कदम रखा और पहले ही चुनाव में 56 हजार से अधिक मतों से जीत दर्ज की।
डॉ. राजेश्वर सिंह लखनऊ की सरोजनीनगर विधानसभा सीट से भाजपा विधायक और प्रवर्तन निदेशालय के पूर्व संयुक्त निदेशक हैं। जानिए उनकी शिक्षा, परिवार, पुलिस-ED करियर, चर्चित जांच और राजनीतिक सफर।
कौन हैं डॉ. राजेश्वर सिंह? ED के अधिकारी से विधायक बनने तक की पूरी कहानी
लखनऊ। उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ की सरोजनीनगर विधानसभा सीट से भाजपा विधायक डॉ. राजेश्वर सिंह का राजनीतिक सफर दूसरे नेताओं से काफी अलग है। राजनीति में आने से पहले वह उत्तर प्रदेश पुलिस में अधिकारी और प्रवर्तन निदेशालय यानी ED में संयुक्त निदेशक रह चुके हैं।
करीब 24 वर्षों तक पुलिस और जांच एजेंसी में अलग-अलग जिम्मेदारियां निभाने के बाद उन्होंने वर्ष 2022 में सरकारी सेवा छोड़कर राजनीति में कदम रखा। भाजपा ने उन्हें लखनऊ की सरोजनीनगर विधानसभा सीट से प्रत्याशी बनाया और उन्होंने अपने पहले ही चुनाव में समाजवादी पार्टी के उम्मीदवार अभिषेक मिश्रा को 56 हजार से अधिक मतों से हराया।
डॉ. राजेश्वर सिंह का संक्षिप्त परिचय
डॉ. राजेश्वर सिंह उत्तर प्रदेश की 18वीं विधानसभा के सदस्य हैं। वह लखनऊ जिले की विधानसभा सीट संख्या 170-सरोजनीनगर का प्रतिनिधित्व करते हैं और भारतीय जनता पार्टी से जुड़े हैं।
उनका जन्म 11 मार्च 1973 को लखनऊ में हुआ था। मीडिया रिपोर्टों में उनके परिवार की जड़ें उत्तर प्रदेश के सुल्तानपुर जिले से जुड़ी बताई गई हैं।
उनके पिता रण बहादुर सिंह पुलिस विभाग में DIG पद से सेवानिवृत्त हुए थे। राजेश्वर सिंह के परिवार के कई अन्य सदस्य भी पुलिस और प्रशासनिक सेवाओं से जुड़े रहे हैं।
IIT धनबाद से की इंजीनियरिंग
डॉ. राजेश्वर सिंह ने तत्कालीन इंडियन स्कूल ऑफ माइंस, धनबाद—जिसे अब IIT (ISM) धनबाद के नाम से जाना जाता है—से माइनिंग इंजीनियरिंग में स्नातक की पढ़ाई की।
पुलिस सेवा के दौरान उन्होंने अपनी पढ़ाई जारी रखी। वर्ष 2003 में उन्होंने समाजशास्त्र में MA किया। इसके बाद मानवाधिकार, पुलिस और सामाजिक न्याय से जुड़े विषय पर शोध पूरा कर वर्ष 2011 में PhD की उपाधि प्राप्त की।
ED में कार्यरत रहते हुए उन्होंने कानून की पढ़ाई भी की और वर्ष 2018 में LLB की डिग्री हासिल की। वर्ष 2022 के चुनावी हलफनामे में भी उनकी शैक्षणिक योग्यता Doctorate दर्ज है।
वर्ष 1996 में यूपी पुलिस से करियर की शुरुआत
डॉ. राजेश्वर सिंह वर्ष 1996 बैच के प्रांतीय पुलिस सेवा यानी PPS अधिकारी रहे हैं। उन्होंने उत्तर प्रदेश पुलिस में लगभग 10 वर्षों तक विभिन्न पदों पर काम किया।
पुलिस सेवा के दौरान उन्हें अपराध के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने वाले अधिकारी के रूप में पहचान मिली। उनके आधिकारिक परिचय के मुताबिक पुलिस सेवा में किए गए कार्यों के लिए उन्हें राष्ट्रपति के वीरता पदक से भी सम्मानित किया गया था।
यहां एक महत्वपूर्ण तथ्य समझना जरूरी है। कुछ मीडिया रिपोर्टों में उन्हें पूर्व IPS अधिकारी लिखा गया है, लेकिन उनका मूल चयन उत्तर प्रदेश की प्रांतीय पुलिस सेवा यानी PPS में हुआ था। इसलिए उन्हें पूर्व PPS अधिकारी लिखना अधिक सटीक है।
वर्ष 2007 में प्रवर्तन निदेशालय पहुंचे
वर्ष 2007 में डॉ. राजेश्वर सिंह प्रतिनियुक्ति पर प्रवर्तन निदेशालय पहुंचे। बाद में वर्ष 2014 में उन्हें ED में स्थायी रूप से समाहित कर लिया गया।
प्रवर्तन निदेशालय में वह संयुक्त निदेशक और लखनऊ जोन के प्रमुख जैसे महत्वपूर्ण पदों तक पहुंचे। ED में लगभग 14-15 वर्षों की सेवा के दौरान वह आर्थिक अपराध, मनी लॉन्ड्रिंग और कथित वित्तीय घोटालों से जुड़े कई हाई-प्रोफाइल मामलों की जांच से जुड़े रहे।
किन चर्चित मामलों की जांच से जुड़े रहे?
प्रवर्तन निदेशालय में अपने कार्यकाल के दौरान डॉ. राजेश्वर सिंह जिन प्रमुख मामलों की जांच से जुड़े रहे, उनमें शामिल हैं:
- 2G स्पेक्ट्रम आवंटन मामला
- एयरसेल-मैक्सिस मामला
- कॉमनवेल्थ गेम्स से जुड़े मामले
- सहारा समूह से जुड़ी जांच
- कोयला आवंटन से संबंधित मामले
- गोमती रिवरफ्रंट घोटाला
- आम्रपाली समूह से जुड़े मामले
- पोंजी स्कीम से जुड़ी जांच
- अगस्ता वेस्टलैंड हेलीकॉप्टर सौदे से जुड़े मामले
- INX मीडिया मामला
इन चर्चित मामलों से जुड़ाव के कारण उन्हें ED के प्रमुख अधिकारियों में गिना जाता था। हालांकि प्रत्येक मामले में उनकी भूमिका और जांच का दायरा अलग-अलग था। इसलिए उन्हें इन सभी मामलों का अकेला जांचकर्ता या अंतिम निर्णय लेने वाला अधिकारी लिखना सही नहीं होगा।
VRS लेकर राजनीति में रखा कदम
राजेश्वर सिंह ने वर्ष 2021 में सरकारी सेवा से स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति यानी VRS की मांग की थी। केंद्र सरकार ने 31 जनवरी 2022 को उनका VRS स्वीकार कर लिया।
VRS स्वीकार होने के बाद उन्होंने भारतीय जनता पार्टी की सदस्यता ग्रहण की। भाजपा ने उन्हें लखनऊ की सरोजनीनगर विधानसभा सीट से चुनाव मैदान में उतारा।
इस सीट से वर्ष 2017 में भाजपा की स्वाति सिंह विधायक चुनी गई थीं। वर्ष 2022 में पार्टी ने स्वाति सिंह की जगह राजेश्वर सिंह को टिकट दिया।
पहले चुनाव में कितने वोट मिले?
उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2022 में डॉ. राजेश्वर सिंह को कुल 1,60,626 वोट मिले। उनका मत प्रतिशत लगभग 49 प्रतिशत रहा।
उन्होंने समाजवादी पार्टी के उम्मीदवार और पूर्व मंत्री अभिषेक मिश्रा को 56,186 मतों के अंतर से हराया। अभिषेक मिश्रा को कुल 1,04,440 वोट मिले थे।
पहली बार चुनाव लड़ रहे राजेश्वर सिंह ने बड़े मतांतर से जीत दर्ज करते हुए सरोजनीनगर विधानसभा सीट भाजपा के पास बरकरार रखी।
राजनीति में क्यों अलग है उनकी पहचान?
डॉ. राजेश्वर सिंह की पहचान केवल भाजपा विधायक के रूप में नहीं है। पुलिस सेवा, कानून और आर्थिक अपराधों की जांच में उनका लंबा अनुभव उन्हें दूसरे जनप्रतिनिधियों से अलग बनाता है।
विधायक बनने के बाद वह सरोजनीनगर क्षेत्र में शिक्षा, युवाओं के कौशल विकास, डिजिटल साक्षरता, पुस्तकालय, खेल सुविधाओं और महिला स्वावलंबन से जुड़े कार्यक्रमों को आगे बढ़ाने का दावा करते रहे हैं।
क्षेत्र में उनके नाम से डिजिटल शिक्षा एवं युवा सशक्तीकरण केंद्र, पुस्तकालय, खेल प्रतियोगिताएं, सिलाई केंद्र और विद्यार्थियों को शैक्षणिक संसाधन उपलब्ध कराने जैसे कार्यक्रम भी चलाए गए हैं।
हालांकि किसी भी विधायक के विकास कार्यों का निष्पक्ष मूल्यांकन सरकारी बजट, स्वीकृत परियोजनाओं, निर्माण की वास्तविक स्थिति और स्थानीय लोगों की प्रतिक्रिया के आधार पर किया जाना चाहिए।
डॉ. राजेश्वर सिंह की प्रोफाइल एक नजर में
- पूरा नाम: डॉ. राजेश्वर सिंह
- जन्म: 11 मार्च 1973
- जन्मस्थान: लखनऊ, उत्तर प्रदेश
- विधानसभा क्षेत्र: 170-सरोजनीनगर
- जिला: लखनऊ
- राजनीतिक दल: भारतीय जनता पार्टी
- वर्तमान पद: उत्तर प्रदेश विधानसभा सदस्य
- पूर्व पद: संयुक्त निदेशक, प्रवर्तन निदेशालय
- पूर्व सेवा: उत्तर प्रदेश प्रांतीय पुलिस सेवा
- शिक्षा: माइनिंग इंजीनियरिंग, MA समाजशास्त्र, LLB और PhD
- पहला विधानसभा चुनाव: 2022
- प्राप्त वोट: 1,60,626
- जीत का अंतर: 56,186 वोट
- पराजित प्रत्याशी: अभिषेक मिश्रा, समाजवादी पार्टी
उत्तर प्रदेश के दूसरे विधायकों की शिक्षा, संपत्ति, राजनीतिक इतिहास, चुनाव परिणाम और विधानसभा क्षेत्र की महत्वपूर्ण जानकारी पढ़ने के लिए प्रत्यक्षदर्शी समाचार के Political Profile सेक्शन को जरूर देखें।
