Jantar Mantar Protest: योगेंद्र यादव समेत करीब 150 हिरासत में, कपिल सिब्बल-प्रशांत भूषण भी पहुंचे; CEC के इस्तीफे की मांग
दूसरे दिन भी जंतर-मंतर की ओर बढ़े प्रदर्शनकारी, दिल्ली पुलिस ने रास्ते में रोका; SIR को लेकर मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ प्रदर्शन
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दिल्ली के जंतर-मंतर पर मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर दूसरे दिन भी प्रदर्शन हुआ। शनिवार को योगेंद्र यादव, AISA की राष्ट्रीय अध्यक्ष नेहा बोरा और वरिष्ठ वकील प्रशांत भूषण समेत करीब 150 प्रदर्शनकारियों को पुलिस ने हिरासत में लिया। राज्यसभा सांसद कपिल सिब्बल भी प्रदर्शनकारियों के मार्च में शामिल हुए। दिल्ली पुलिस का कहना है कि प्रदर्शन के लिए अनुमति नहीं दी गई थी।
CEC के खिलाफ दूसरे दिन भी प्रदर्शन: जंतर-मंतर की ओर बढ़े योगेंद्र यादव-कपिल सिब्बल, पुलिस ने कई प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया
प्रत्यक्षदर्शी समाचार | दिल्ली डेस्क | 3 अक्टूबर 2026
खबर में खास
- योगेंद्र यादव समेत करीब 150 प्रदर्शनकारी हिरासत में
- AISA अध्यक्ष नेहा बोरा और प्रशांत भूषण भी हिरासत में लिए गए
- राज्यसभा सांसद कपिल सिब्बल मार्च में शामिल
- प्रदर्शनकारी CEC ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग कर रहे हैं
- विवाद के केंद्र में मतदाता सूची की Special Intensive Revision (SIR) प्रक्रिया
- दिल्ली पुलिस का कहना है कि प्रदर्शन के लिए अनुमति नहीं दी गई थी
- नई दिल्ली जिले में BNSS की धारा 163 के तहत प्रतिबंध लागू
- शुक्रवार के प्रदर्शन के बाद पुलिस ने तीन FIR भी दर्ज की हैं
जंतर-मंतर की ओर बढ़ते प्रदर्शनकारियों को पुलिस ने रोका
नई दिल्ली: मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ दिल्ली में लगातार दूसरे दिन प्रदर्शन देखने को मिला। शनिवार, 3 अक्टूबर को प्रदर्शनकारी पटेल चौक से जंतर-मंतर की ओर बढ़ रहे थे, तभी दिल्ली पुलिस ने उन्हें रास्ते में रोकना शुरू कर दिया।
PTI के मुताबिक करीब 150 प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया गया, जिनमें सामाजिक कार्यकर्ता योगेंद्र यादव, AISA की राष्ट्रीय अध्यक्ष नेहा बोरा और वरिष्ठ वकील प्रशांत भूषण शामिल थे। OrissaPOST
कपिल सिब्बल भी प्रदर्शन में हुए शामिल
प्रदर्शन के दौरान राज्यसभा सांसद और वरिष्ठ वकील कपिल सिब्बल भी जंतर-मंतर की ओर मार्च में शामिल हुए। उनके साथ प्रशांत भूषण, नित्या रामकृष्णन, पल्लव सिसोदिया, योगेंद्र यादव और छात्र संगठनों से जुड़े कार्यकर्ता मौजूद थे। OrissaPOST
Indian Express की रिपोर्ट के मुताबिक प्रदर्शनकारी सुरक्षा की पहली बैरिकेडिंग पार करके आगे बढ़े थे, जिसके बाद पुलिस ने उन्हें जंतर-मंतर रोड के पास रोक दिया और कई प्रदर्शनकारियों को बसों में बैठाकर ले जाया गया।
योगेंद्र यादव ने क्या कहा?
हिरासत में लिए जाने के दौरान योगेंद्र यादव ने प्रदर्शन जारी रखने की बात कही। उन्होंने सोशल मीडिया पर लिखा कि उनका विरोध तब तक जारी रहेगा जब तक ज्ञानेश कुमार पद पर हैं। उन्होंने जंतर-मंतर पर शांतिपूर्ण प्रदर्शन को लोकतांत्रिक अधिकार बताया। यह योगेंद्र यादव का राजनीतिक बयान और आरोप है, कोई स्वतंत्र निष्कर्ष नहीं।
प्रदर्शनकारी क्या मांग कर रहे हैं?
प्रदर्शन में शामिल संगठन और नेता मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग कर रहे हैं। उनका आरोप है कि मतदाता सूचियों की Special Intensive Revision यानी SIR प्रक्रिया में गंभीर अनियमितताएं हुई हैं और पात्र मतदाताओं के नाम हटाए गए हैं। ये आरोप प्रदर्शनकारियों और विपक्षी नेताओं के हैं। OrissaPOST
हाल के विवाद को उस रिपोर्ट से भी बल मिला जिसमें Indian Express ने बताया था कि चुनाव आयुक्त सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी ने पिछले करीब 10 महीनों में चुनाव आयोग से जुड़े कुछ फैसलों और प्रक्रियाओं पर रिकॉर्ड में कई आपत्तियां या टिप्पणियां दर्ज की थीं।
चुनाव आयोग ने क्या कहा?
Election Commission ने इन रिपोर्टों के बाद कहा कि किसी बहु-सदस्यीय संस्था में विचार और टिप्पणियों का अलग-अलग होना निर्णय प्रक्रिया का सामान्य हिस्सा है। आयोग के मुताबिक SIR समेत अंतिम प्रमुख फैसले तीनों चुनाव आयुक्तों की सहमति से लिए गए थे।
चुनाव आयोग पहले भी कह चुका है कि SIR का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि कोई पात्र मतदाता सूची से बाहर न रहे और कोई अपात्र व्यक्ति मतदाता सूची में शामिल न हो। Election Commission of India
पुलिस ने क्यों हिरासत में लिया?
दिल्ली पुलिस का कहना है कि जंतर-मंतर पर इस प्रदर्शन के लिए अनुमति नहीं दी गई थी। नई दिल्ली जिले में BNSS की धारा 163 के तहत प्रतिबंध लागू हैं, जिसके तहत बिना पूर्व लिखित अनुमति के पांच या उससे अधिक लोगों के जमावड़े, प्रदर्शन, जुलूस और धरने पर रोक लगाई जा सकती है।
शनिवार को भी जंतर-मंतर और आसपास के इलाकों में सुरक्षा बढ़ाई गई थी। Indian Express के मुताबिक करीब 5,000 पुलिस और अर्धसैनिक बल के जवान तैनात किए गए और कई स्तर पर बैरिकेडिंग की गई। एक दिन पहले भी बड़े पैमाने पर हिरासत
यह लगातार दूसरे दिन की कार्रवाई है। शुक्रवार, 2 अक्टूबर को भी जंतर-मंतर और आसपास प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया गया था। अलग-अलग समय पर सामने आई पुलिस की संख्या बदलती रही; PTI की देर रात की रिपोर्ट में करीब 1,000 लोगों को हिरासत में लेने की बात कही गई। कई लोगों को बाद में छोड़ दिया गया था।
