राजस्थान पंचायत चुनाव 2026: 4 चरणों में वोटिंग, 25 अक्टूबर से पंच-सरपंच चुनाव; जानें तारीखें और पूरा कार्यक्रम
जिला परिषद-पंचायत समिति के लिए 23 अक्टूबर से मतदान, पंच-सरपंच के लिए 25 अक्टूबर से वोटिंग; ग्रामीण इलाकों में आचार संहिता लागू
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राजस्थान में पंचायत चुनाव 2026 का कार्यक्रम घोषित हो गया है। जिला परिषद और पंचायत समिति सदस्यों के लिए मतदान 23 अक्टूबर, 29 अक्टूबर, 4 नवंबर और 14 नवंबर को होगा, जबकि पंच और सरपंच के चुनाव 25 अक्टूबर, 31 अक्टूबर, 6 नवंबर और 16 नवंबर को कराए जाएंगे। चुनाव कार्यक्रम जारी होते ही ग्रामीण इलाकों में आचार संहिता लागू हो गई है।
14,403 ग्राम पंचायतों में चुनाव: 41 जिला परिषद और 457 पंचायत समितियों के लिए भी वोटिंग, जानिए कब-कहां पड़ेगा वोट
प्रत्यक्षदर्शी समाचार | राजस्थान डेस्क | 3 अक्टूबर 2026
खबर में खास
- राजस्थान पंचायत चुनाव चार चरणों में कराए जाएंगे
- जिला परिषद-पंचायत समिति मतदान: 23 अक्टूबर, 29 अक्टूबर, 4 नवंबर और 14 नवंबर
- पंच-सरपंच मतदान: 25 अक्टूबर, 31 अक्टूबर, 6 नवंबर और 16 नवंबर
- 14,403 ग्राम पंचायतों में चुने जाएंगे सरपंच और वार्ड पंच
- 1,403 जिला परिषद और 8,245 पंचायत समिति सदस्यों का होगा चुनाव
- पंच-सरपंच के लिए बैलेट पेपर, जिला परिषद-पंचायत समिति सदस्य के लिए EVM
- पंचायतीराज संस्थाओं में महिलाओं के लिए 50 प्रतिशत आरक्षण
- चुनाव कार्यक्रम की घोषणा के साथ ग्रामीण क्षेत्रों में आचार संहिता लागू
इन प्रमुख बिंदुओं की पुष्टि 3 अक्टूबर की ताजा रिपोर्टों और राज्य निर्वाचन आयोग की घोषणा से होती है। State Election Commission Rajasthan
राजस्थान में पंचायत चुनाव का बिगुल बजा
जयपुर: राजस्थान में लंबे इंतजार के बाद पंचायतीराज संस्थाओं के आम चुनाव 2026 का कार्यक्रम घोषित कर दिया गया है। राज्य निर्वाचन आयोग ने चार चरणों में मतदान कराने का फैसला किया है। चुनाव कार्यक्रम सामने आने के साथ ही राज्य के ग्रामीण क्षेत्रों में आदर्श आचार संहिता भी लागू हो गई है। State Election Commission Rajasthan
इस चुनाव में ग्राम पंचायत से लेकर पंचायत समिति और जिला परिषद तक ग्रामीण स्थानीय निकायों के प्रतिनिधि चुने जाएंगे। प्रदेश की 14,403 ग्राम पंचायतों, 457 पंचायत समितियों और 41 जिला परिषदों में चुनाव प्रक्रिया होगी। रिपोर्टों के मुताबिक 1,403 जिला परिषद सदस्य और 8,245 पंचायत समिति सदस्य भी चुने जाएंगे।
जिला परिषद और पंचायत समिति के लिए कब होगी वोटिंग?
जिला परिषद और पंचायत समिति सदस्यों का चुनाव चार चरणों में कराया जाएगा।
पहला चरण — 23 अक्टूबर 2026
दूसरा चरण — 29 अक्टूबर 2026
तीसरा चरण — 4 नवंबर 2026
चौथा चरण — 14 नवंबर 2026
मतदान सुबह 7 बजे से शाम 6 बजे तक चलेगा।
पंच और सरपंच चुनाव की तारीखें
ग्राम पंचायतों में पंच और सरपंच का चुनाव भी चार चरणों में होगा।
पहला चरण — 25 अक्टूबर 2026
दूसरा चरण — 31 अक्टूबर 2026
तीसरा चरण — 6 नवंबर 2026
चौथा चरण — 16 नवंबर 2026
राजस्थान राज्य निर्वाचन आयोग ने पंच और सरपंच पदों का मतदान मतपेटी यानी बैलेट पेपर के जरिए कराने के संबंध में 2 अक्टूबर को दिशा-निर्देश भी जारी किए थे। State Election Commission Rajasthan
8 अक्टूबर से शुरू होगी नामांकन प्रक्रिया
चुनाव प्रक्रिया के पहले चरण की लोक सूचना 8 अक्टूबर को जारी होगी। पहले चरण के उम्मीदवार 13 अक्टूबर तक सुबह 11 बजे से दोपहर 3 बजे के बीच नामांकन दाखिल कर सकेंगे। 14 अक्टूबर को नामांकन पत्रों की जांच और 15 अक्टूबर को नाम वापसी की प्रक्रिया रखी गई है।
पंचायत समिति चुनावों के लिए अलग-अलग चरणों में अधिसूचनाएं जारी की जाएंगी, इसलिए प्रत्याशियों को अपने क्षेत्र से संबंधित आधिकारिक कार्यक्रम को राज्य निर्वाचन आयोग की अधिसूचना से मिलाना जरूरी होगा।
पंच-सरपंच बैलेट से, इन पदों के लिए EVM
चुनाव में दो तरह की मतदान व्यवस्था होगी। सरपंच और वार्ड पंच का चुनाव बैलेट पेपर से कराया जाएगा, जबकि पंचायत समिति और जिला परिषद सदस्यों के चुनाव में EVM का इस्तेमाल किया जाएगा।
कितने पदों पर होगा चुनाव?
राजस्थान में इस चुनाव का दायरा काफी बड़ा है। राज्य में 41 जिला परिषद, 457 पंचायत समितियां और 14,403 ग्राम पंचायतें चुनाव प्रक्रिया में शामिल हैं।
इसके तहत 1,403 जिला परिषद सदस्य, 8,245 पंचायत समिति सदस्य और ग्राम पंचायत स्तर पर बड़ी संख्या में सरपंच और वार्ड पंच चुने जाएंगे। NDTV की ताजा रिपोर्ट के अनुसार कुल मिलाकर करीब 1.69 लाख पंचायतीराज जनप्रतिनिधियों का चुनाव होना है।
महिलाओं के लिए 50 प्रतिशत आरक्षण
पंचायतीराज संस्थाओं में महिलाओं के लिए 50 प्रतिशत आरक्षण लागू रहेगा। इससे ग्राम पंचायत से लेकर पंचायत समिति और जिला परिषद तक बड़ी संख्या में महिला प्रतिनिधि चुनी जाएंगी।
रिपोर्टों के मुताबिक सरपंच पदों में अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति और अन्य पिछड़ा वर्ग के लिए भी आरक्षण निर्धारित किया गया है। आरक्षण की प्रक्रिया चुनाव कार्यक्रम घोषित होने से पहले पूरी की जा चुकी है।
जयपुर में सबसे ज्यादा मतदाता
जिलों के हिसाब से जयपुर में करीब 18.99 लाख मतदाता दर्ज हैं, जबकि जैसलमेर में करीब 4.36 लाख मतदाता बताए गए हैं। उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार कुल मतदाताओं में लगभग 51.82 प्रतिशत पुरुष और 48.18 प्रतिशत महिलाएं हैं।
आचार संहिता लागू, तबादलों पर रोक
चुनाव कार्यक्रम घोषित होने के साथ ही संबंधित ग्रामीण क्षेत्रों में आदर्श आचार संहिता लागू हो गई है। इसके बाद चुनाव प्रक्रिया से जुड़े क्षेत्रों में तबादलों पर रोक सहित सरकारी संसाधनों के चुनावी इस्तेमाल पर पाबंदियां प्रभावी हो गई हैं।
मतदाताओं के लिए जरूरी बात
मतदाताओं को अपने मतदान केंद्र, मतदाता सूची और अपने क्षेत्र में किस चरण में चुनाव होना है, इसकी जानकारी राज्य निर्वाचन आयोग के आधिकारिक रिकॉर्ड से जरूर मिलानी चाहिए। चुनाव से जुड़ी सहायता के लिए मतदाता हेल्पलाइन 1950 का भी इस्तेमाल किया जा सकता है।
राजस्थान में अब कई हफ्तों तक गांव की सरकार चुनने की प्रक्रिया चलेगी। पंच और सरपंच से लेकर पंचायत समिति और जिला परिषद तक अलग-अलग चरणों में मतदान होगा। ऐसे में मतदाताओं और उम्मीदवारों के लिए अपने क्षेत्र की चरणवार तारीख, मतदाता सूची और आयोग की आधिकारिक अधिसूचना पर नजर रखना सबसे जरूरी होगा।
