Bihar Flood: ‘सिर्फ चिंता जताने का समय नहीं’, पवन सिंह की CM सम्राट चौधरी से बड़ी अपील—युद्धस्तर पर चलाएं राहत अभियान

पीपरपाती, आरा और भोजपुर के बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों की तस्वीरें देखकर भावुक हुए पवन सिंह; भोजन, पानी, दवाइयों और पर्याप्त नावों की व्यवस्था करने की मांग

पवन सिंह और मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के साथ बिहार बाढ़ की तस्वीर

भोजपुरी स्टार और भाजपा नेता पवन सिंह ने बिहार के बाढ़ प्रभावित पीपरपाती, आरा और भोजपुर के दूसरे इलाकों की स्थिति पर चिंता जताई है। उन्होंने मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी से राहत-बचाव अभियान युद्धस्तर पर चलाने और पीड़ित परिवारों तक भोजन, पानी, दवाइयां एवं नावें पहुंचाने की अपील की है।

बाढ़ पीड़ितों की तस्वीरें देखकर भावुक हुए पवन सिंह

pawan-singh-appeal-samrat-choudhary-bihar-flood-2026.jpg
पवन सिंह ने पीपरपाती, आरा और भोजपुर के बाढ़ प्रभावित परिवारों तक भोजन, पानी, दवाइयां और नावें पहुंचाने की मांग की है।

पटना: बिहार के कई इलाकों में बाढ़ और कटान से परेशान लोगों की स्थिति पर भोजपुरी अभिनेता, गायक और भाजपा नेता पवन सिंह ने चिंता जताई है। उन्होंने पीपरपाती, आरा और भोजपुर के अलग-अलग बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी से राहत एवं बचाव कार्य तेज करने की अपील की है।

पवन सिंह ने तीन सितंबर 2026 को अपने आधिकारिक सोशल मीडिया अकाउंट पर एक संदेश जारी किया। उन्होंने कहा कि बाढ़ प्रभावित इलाकों से सामने आ रही तस्वीरें और लोगों की परेशानी देखकर उनका मन बेहद दुखी है।

‘कहीं घरों में पानी, कहीं परिवार कैद’

पवन सिंह ने अपने संदेश में बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों की गंभीर स्थिति का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि कहीं लोगों के घरों में पानी घुस चुका है तो कहीं परिवार अपने ही घरों के अंदर फंसे हुए हैं।

उन्होंने बाढ़ के साथ हो रहे कटान पर भी चिंता जताई। पवन सिंह के अनुसार, कुछ परिवारों के सामने अपना घर और जमीन खोने का खतरा खड़ा हो गया है। लोगों ने वर्षों की मेहनत के बाद घर और परिवार बसाया, लेकिन आज वही सबकुछ उनकी आंखों के सामने संकट में दिखाई दे रहा है।

‘यह समय सिर्फ चिंता जताने का नहीं’

पवन सिंह ने कहा कि यह समय केवल चिंता प्रकट करने का नहीं, बल्कि पीड़ित लोगों की मदद के लिए खड़े होने का है। उन्होंने पीपरपाती, आरा और दूसरे बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों के लोगों को भरोसा दिलाया कि वह उनके साथ हैं।

उन्होंने कहा कि वह जल्द प्रभावित क्षेत्रों में पहुंचकर लोगों की परेशानियों को करीब से देखने और अपनी तरफ से हरसंभव सहायता करने का प्रयास करेंगे। पवन सिंह ने बाढ़ पीड़ितों के लिए सेवा और सहयोग का भरोसा भी दिया।

मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी से क्या मांग की?

पवन सिंह ने बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी से आग्रह किया कि बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में राहत और बचाव अभियान युद्धस्तर पर चलाया जाए। उन्होंने प्रशासन से पीड़ित परिवारों तक आवश्यक सुविधाएं तुरंत पहुंचाने की मांग की।

पवन सिंह की प्रमुख मांगें हैं:

  • प्रभावित परिवारों तक भोजन पहुंचाया जाए

  • पीने के साफ पानी की व्यवस्था हो

  • जरूरी दवाइयां उपलब्ध कराई जाएं

  • राहत सामग्री का नियमित वितरण किया जाए

  • फंसे हुए लोगों को निकालने के लिए पर्याप्त नावें भेजी जाएं

  • लोगों को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाया जाए

  • कोई पीड़ित परिवार खुद को अकेला महसूस न करे

बाढ़ और कटान से बढ़ी लोगों की परेशानी

बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में केवल जलभराव ही समस्या नहीं है। नदी के तेज बहाव के कारण कई स्थानों पर कटान का खतरा भी बना हुआ है। इससे नदी किनारे रहने वाले परिवारों के घरों और जमीन पर संकट पैदा हो गया है।

जिन इलाकों में घरों के भीतर पानी पहुंच गया है, वहां भोजन बनाने, पीने का पानी जुटाने और बीमार लोगों तक दवाइयां पहुंचाने में परेशानी हो सकती है। जलभराव अधिक होने पर बच्चों, बुजुर्गों, गर्भवती महिलाओं और बीमार लोगों को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाना प्रशासन की प्राथमिक जिम्मेदारी बन जाती है।

‘आपका दर्द हमारा दर्द है’

पवन सिंह ने बाढ़ पीड़ितों के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए कहा कि लोगों का दर्द उनका अपना दर्द और उनकी चिंता अपनी चिंता है। उन्होंने ईश्वर से प्रार्थना की कि बाढ़ और कटान से प्रभावित प्रत्येक परिवार सुरक्षित रहे।

उन्होंने कामना की कि किसी परिवार को जनहानि का सामना न करना पड़े और प्रभावित लोगों के जीवन में जल्द सामान्य स्थिति लौटे। पवन सिंह ने भरोसा दिलाया कि वह बाढ़ पीड़ितों की आवाज उठाने और उनकी सहायता करने का प्रयास जारी रखेंगे।

क्या पवन सिंह ने सरकार की आलोचना की?

पवन सिंह ने अपने संदेश में राहत और बचाव अभियान तेज करने की अपील की है, लेकिन उन्होंने सीधे तौर पर मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी या बिहार सरकार पर लापरवाही का आरोप नहीं लगाया।

इसलिए उनकी अपील को सरकार से नाराजगी या खुला राजनीतिक हमला कहना सही नहीं होगा। इसे बाढ़ प्रभावित लोगों के लिए प्रशासन से तत्काल और व्यापक सहायता की सार्वजनिक मांग के रूप में देखा जाना चाहिए।

मुख्यमंत्री ने भी लिया था बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का जायजा

मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने इससे पहले पटना और आसपास के बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का जायजा लिया था। उन्होंने अधिकारियों को राहत-बचाव कार्य तेज करने और प्रभावित लोगों तक आवश्यक सहायता पहुंचाने के निर्देश दिए थे।

सरकार की तरफ से बाढ़ प्रभावित लोगों तक मदद पहुंचाने को प्राथमिकता बताया गया है। वहीं, पवन सिंह की अपील के बाद अब भोजपुर, आरा और पीपरपाती में राहत व्यवस्था पर लोगों का ध्यान और बढ़ गया है।

पीपरपाती और आरा पर विशेष ध्यान देने की मांग

पवन सिंह ने अपने संदेश में विशेष रूप से पीपरपाती और आरा का नाम लिया है। ये इलाके भोजपुर जिले के अंतर्गत आते हैं और पवन सिंह का इस क्षेत्र से गहरा सामाजिक एवं राजनीतिक जुड़ाव माना जाता है।

इसी कारण उन्होंने स्थानीय लोगों की परेशानी को प्रमुखता से उठाते हुए मुख्यमंत्री से पर्याप्त नावों, राहत सामग्री और आवश्यक संसाधनों की व्यवस्था कराने का आग्रह किया है।

प्रभावित इलाकों में किन सुविधाओं की सबसे ज्यादा जरूरत?

बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में तत्काल बचाव के साथ दीर्घकालीन राहत व्यवस्था की आवश्यकता होती है। घरों में पानी भरने के बाद लोगों को सुरक्षित आश्रय, सामुदायिक रसोई, स्वच्छ पेयजल और चिकित्सा सुविधा की जरूरत पड़ती है।

इसके अलावा प्रशासन को पशुओं के चारे, बच्चों के लिए दूध, महिलाओं के लिए आवश्यक सामग्री और जलजनित बीमारियों से बचाव की व्यवस्था भी करनी होती है। प्रभावित परिवारों की सूची तैयार करना और नुकसान का सर्वे कराना मुआवजा वितरण के लिए महत्वपूर्ण होता है।

प्रशासन की कार्रवाई पर टिकी निगाहें

पवन सिंह की अपील के बाद अब लोगों की निगाह इस बात पर रहेगी कि भोजपुर के प्रभावित इलाकों में कितनी तेजी से राहत सामग्री और बचाव दल पहुंचते हैं। सबसे बड़ी चुनौती घरों में फंसे लोगों को निकालकर सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाने और उनके लिए भोजन-पानी की लगातार व्यवस्था करने की है।

बाढ़ का पानी उतरने के बाद भी लोगों की मुश्किलें तुरंत समाप्त नहीं होंगी। क्षतिग्रस्त घरों, फसलों और जमीन का आकलन करने के साथ संक्रमण तथा जलजनित बीमारियों को रोकना भी प्रशासन के लिए बड़ी चुनौती होगी।

About The Author

Advertisement

LatestNews

ससुर कांग्रेस में, दामाद सपा में: शायान मसूद ने इमरान पर ही खोला मोर्चा, 2027 से पहले सहारनपुर में बदला सियासी खेल
Bihar Flood: ‘सिर्फ चिंता जताने का समय नहीं’, पवन सिंह की CM सम्राट चौधरी से बड़ी अपील—युद्धस्तर पर चलाएं राहत अभियान
हरियाणा में ₹504 करोड़ का सरकारी फंड घोटाला: 6 IAS समेत 19 पर CBI की तीसरी चार्जशीट, छापों में मिला ₹20 करोड़ का सोना
UP Special TET 2026: टीईटी में फेल 62 हजार शिक्षकों को मिलेगा एक और मौका, सरकार ने विशेष परीक्षा को दी मंजूरी
ट्रंप के चेहरे वाला 1 डॉलर का सिक्का जारी, 25 सिक्कों के रोल के लिए चुकाने होंगे 61 डॉलर
आकाश आनंद पर तीसरी बार गिरी गाज: मायावती ने छीना राष्ट्रीय संयोजक पद, बोलीं—अभी बड़ी जिम्मेदारी के लिए अपरिपक्व
सरकारी स्कूलों में बिना अनुमति YouTubers की एंट्री पर रोक रहेगी बरकरार, सुप्रीम कोर्ट ने PIL सुनने से किया इनकार