राहुल गांधी के पुणे कार्यक्रम पर पुलिस की 30 शर्तें क्यों? ड्रोन बैन, पोस्टर-बैनर पर रोक; 10 हजार तक भीड़ की उम्मीद
‘छात्रों की गूंज’ में छात्राओं से शिक्षा, सुरक्षा, बराबरी और करियर पर संवाद करेंगे राहुल गांधी; शाम 4:30 से SSPMS कॉलेज मैदान में कार्यक्रम
‘छात्रों की गूंज’ में छात्राओं से शिक्षा, सुरक्षा, बराबरी और करियर पर संवाद करेंगे राहुल गांधी; शाम 4:30 से SSPMS कॉलेज मैदान में कार्यक्रम
पुणे। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी शनिवार को महाराष्ट्र के पुणे में ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम के जरिए युवाओं और खास तौर पर छात्राओं से संवाद करने वाले हैं। कार्यक्रम को पुणे पुलिस ने मंजूरी तो दी है, लेकिन आयोजकों के सामने 30 शर्तें रखी गई हैं। इनमें ड्रोन के इस्तेमाल से लेकर आपत्तिजनक तस्वीरों, पोस्टर और बैनर तक पर पाबंदी शामिल है।
शाम 4:30 बजे शुरू होगा कार्यक्रम
कार्यक्रम पुणे के SSPMS कॉलेज मैदान में शाम 4:30 बजे से रात 9:30 बजे तक प्रस्तावित है। पुलिस के अनुसार आयोजन में करीब 8,000 से 10,000 लोगों के शामिल होने की उम्मीद है। यह वही मैदान है जहां राहुल गांधी 2024 के लोकसभा चुनाव प्रचार के दौरान भी जनसभा कर चुके हैं।
राहुल गांधी किन मुद्दों पर करेंगे बात?
‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम का मुख्य फोकस छात्राओं से जुड़े मुद्दों पर रहेगा। इसमें शिक्षा, महिलाओं की सुरक्षा, समान अवसर, प्रतियोगी परीक्षाएं और करियर से जुड़े सवालों पर बातचीत प्रस्तावित है।
इस अभियान के कार्यक्रम इससे पहले कोटा, देहरादून और प्रयागराज में भी आयोजित किए जा चुके हैं। पुणे इस अभियान का अगला पड़ाव है।
पुलिस ने क्यों लगाईं 30 शर्तें?
पुणे पुलिस का कहना है कि कार्यक्रम के दौरान कानून-व्यवस्था और सुरक्षा बनाए रखने के उद्देश्य से शर्तें लगाई गई हैं।
इनमें प्रमुख रूप से:
- आपत्तिजनक तस्वीर, पोस्टर या बैनर नहीं लगाए जाएंगे।
- ऐसा कोई बयान या सामग्री नहीं होगी जिससे धार्मिक भावनाएं आहत हों।
- कार्यक्रम स्थल पर ड्रोन से फोटोग्राफी की अनुमति नहीं होगी।
- CCTV कैमरों को कार्यक्रम के दौरान चालू रखना होगा।
- पुरुष और महिलाओं के लिए अलग व्यवस्थाएं करनी होंगी।
- पर्याप्त प्रवेश और निकास द्वार रखने होंगे।
- पानी, शौचालय, पार्किंग और अग्नि सुरक्षा की व्यवस्था आयोजकों को करनी होगी।
- महिला सुरक्षा कर्मियों और पर्याप्त स्वयंसेवकों की तैनाती करनी होगी।
- पुलिस, मेडिकल और फायर ब्रिगेड के लिए आपात रास्ता खुला रखना होगा।
किसी ऐसी गतिविधि की स्थिति में जिससे कानून-व्यवस्था प्रभावित होने की आशंका हो, अनुमति वापस भी ली जा सकती है।
30 शर्तों पर राजनीति भी शुरू
इन शर्तों को लेकर महाराष्ट्र में राजनीति भी तेज हो गई है। कांग्रेस और विपक्षी नेताओं ने इतनी बड़ी संख्या में शर्तें लगाने पर सवाल उठाए हैं, जबकि पुलिस ने इन्हें सुरक्षा और कानून-व्यवस्था से जुड़ी आवश्यकताएं बताया है।
महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने भी कार्यक्रम पर सवाल उठाते हुए कहा कि यदि कार्यक्रम सभी छात्रों के लिए खुला होता तो इसे वास्तविक संवाद कहा जा सकता था। उन्होंने इसे सीमित भागीदारी वाला कार्यक्रम बताते हुए आलोचना की।
दिल्ली के घटनाक्रम के बाद पुणे पहुंचे राहुल
पुणे कार्यक्रम से ठीक पहले राहुल गांधी दिल्ली में पैलेट गन से जुड़े एक मामले को लेकर पार्लियामेंट स्ट्रीट थाने के बाहर धरने पर बैठे थे। बाद में पुलिस ने मामले में FIR दर्ज की। इसके अगले ही दिन राहुल गांधी के पुणे छात्र संवाद कार्यक्रम पर भी राजनीतिक नजरें टिकी हुई हैं।
