अब रील्स-शॉर्ट्स से समझेंगे कठिन पाठ! UP के सरकारी स्कूलों के लिए डिजिटल पढ़ाई की नई पहल

उत्तर प्रदेश के बेसिक और माध्यमिक शिक्षा विभाग की पहल में शैक्षिक शॉर्ट्स, रील्स और एनिमेटेड वीडियो तैयार किए जाएंगे। SIET परियोजना का संचालन करेगा और पढ़ाई की सामग्री YouTube व Facebook पर उपलब्ध कराई जाएगी।

सरकारी स्कूल की कक्षा में डिजिटल पढ़ाई का सांकेतिक चित्र

यूपी के सरकारी स्कूलों में कठिन विषयों को आसान बनाने के लिए डिजिटल लर्निंग की नई पहल शुरू की गई है। इसके तहत शैक्षिक रील्स, शॉर्ट्स और एनिमेटेड वीडियो बनाए जाएंगे। जानिए SIET की भूमिका और विद्यार्थियों तक सामग्री पहुंचाने की योजना।

कठिन पाठ समझाने के लिए अब छोटे वीडियो का सहारा

up-government-schools-digital-learning-reels-shorts.jpg
कठिन विषयों को समझाने के लिए शैक्षिक शॉर्ट्स, रील्स और एनिमेटेड वीडियो तैयार किए जाएंगे। सांकेतिक चित्र।

उत्तर प्रदेश के सरकारी स्कूलों में पढ़ाई को आसान और रुचिकर बनाने के लिए डिजिटल सामग्री तैयार करने की पहल की गई है। बेसिक और माध्यमिक शिक्षा विभाग की इस परियोजना के तहत कठिन विषयों को समझाने के लिए शॉर्ट्स, रील्स और एनिमेटेड वीडियो बनाए जाएंगे।

आजतक की रिपोर्ट के उपलब्ध सार के मुताबिक, परियोजना का संचालन SIET करेगा। तैयार शैक्षिक सामग्री YouTube और Facebook पर उपलब्ध कराई जाएगी। पहल का उद्देश्य विद्यार्थियों के लिए विषयों को समझना आसान बनाना और सीखने की प्रक्रिया में उनकी दिलचस्पी बढ़ाना है।

रील्स और शॉर्ट्स का इस्तेमाल पढ़ाई में कैसे होगा?

इस पहल में छोटे वीडियो के प्रारूप को शैक्षिक सामग्री प्रस्तुत करने के लिए इस्तेमाल किया जाएगा। यानी वीडियो का केंद्र मनोरंजन के बजाय पाठ और विषयों की समझ होगी।

छोटे वीडियो के जरिए किसी विषय की खास बात को समझाने की कोशिश की जाएगी। एनिमेटेड वीडियो भी इसी उद्देश्य से बनाए जाएंगे, ताकि कठिन विषयों को दृश्य माध्यम से प्रस्तुत किया जा सके। हालांकि उपलब्ध जानकारी में विषयवार वीडियो की सूची, उनकी अवधि या नमूने नहीं दिए गए हैं।

SIET संभालेगा परियोजना का संचालन

रिपोर्ट के अनुसार, डिजिटल लर्निंग परियोजना के संचालन की जिम्मेदारी SIET को दी गई है। बेसिक और माध्यमिक शिक्षा विभाग की पहल के अंतर्गत शैक्षिक सामग्री तैयार करने और उसे विद्यार्थियों तक पहुंचाने पर काम होगा।

कौन-कौन सी कक्षाओं के लिए पहले सामग्री बनेगी, कितने वीडियो तैयार किए जाएंगे और उनका प्रकाशन किस क्रम में होगा—इन सवालों की जानकारी उपलब्ध सार में नहीं है।

YouTube और Facebook पर मिलेगी सामग्री

शैक्षिक वीडियो YouTube और Facebook पर उपलब्ध कराने की योजना है। इस तरह इन डिजिटल मंचों का उपयोग पाठ से जुड़ी सामग्री पहुंचाने के लिए किया जाएगा।

हालांकि रिपोर्ट के उपलब्ध हिस्से में संबंधित आधिकारिक चैनल या पेज के लिंक नहीं दिए गए हैं। इसलिए किसी भी वीडियो को इस परियोजना की सामग्री मानने से पहले उसके आधिकारिक स्रोत की पहचान जरूरी होगी।

जेन अल्फा के लिए नई पहल

रिपोर्ट में इस प्रयास को जेन अल्फा के लिए नई पहल बताया गया है। इसका मुख्य उद्देश्य नई पीढ़ी के विद्यार्थियों के लिए पढ़ाई को आसान और इंटरैक्टिव बनाना है।

यहां महत्वपूर्ण अंतर समझना जरूरी है: छोटे वीडियो का प्रारूप अपनाना और बच्चों को सामान्य सोशल मीडिया रील्स देखने के लिए कहना एक ही बात नहीं है। इस परियोजना की उपलब्ध जानकारी पाठ-आधारित डिजिटल सामग्री तैयार करने की है।

क्या अब किताबों की जगह रील्स लेंगी?

उपलब्ध जानकारी में किताबों, लिखित अभ्यास या शिक्षकों की भूमिका समाप्त करने की कोई बात नहीं कही गई है। इसलिए यह निष्कर्ष निकालना सही नहीं होगा कि अब पूरी पढ़ाई सिर्फ रील्स और शॉर्ट्स से होगी।

इसी तरह बच्चों को स्कूल में निजी मोबाइल लाने की अनुमति देने या उन्हें बिना निगरानी सोशल मीडिया चलाने की छूट देने की जानकारी भी नहीं है। खबर का केंद्र कठिन विषयों को समझाने के लिए शैक्षिक वीडियो तैयार करना है।

किन जानकारियों का अभी इंतजार है?

परियोजना की कक्षावार रूपरेखा, बजट, वीडियो जारी होने की तारीख और स्कूलों में इस्तेमाल की व्यवस्था से संबंधित विवरण उपलब्ध सार में नहीं दिए गए हैं। यह भी स्पष्ट नहीं है कि सामग्री पहले किसी सीमित समूह के लिए जारी होगी या व्यापक स्तर पर उपलब्ध कराई जाएगी।

फिलहाल स्पष्ट जानकारी यही है कि उत्तर प्रदेश के बेसिक और माध्यमिक शिक्षा विभाग ने डिजिटल लर्निंग की पहल की है। इसमें SIET के संचालन में शॉर्ट्स, रील्स और एनिमेटेड वीडियो तैयार कर YouTube तथा Facebook पर उपलब्ध कराए जाएंगे।

About The Author

Advertisement

LatestNews

आकाश आनंद को फिर झटका, ईशान पर टिकी नजरें: मायावती के फैसले से BSP में बदले समीकरण
निशु आजाद के पिता से मारपीट: वायरल वीडियो से उठे सवाल, राहुल गांधी के भरोसे के बाद कानूनी मदद की पहल
अब रील्स-शॉर्ट्स से समझेंगे कठिन पाठ! UP के सरकारी स्कूलों के लिए डिजिटल पढ़ाई की नई पहल
ससुर कांग्रेस में, दामाद सपा में: शायान मसूद ने इमरान पर ही खोला मोर्चा, 2027 से पहले सहारनपुर में बदला सियासी खेल
Bihar Flood: ‘सिर्फ चिंता जताने का समय नहीं’, पवन सिंह की CM सम्राट चौधरी से बड़ी अपील—युद्धस्तर पर चलाएं राहत अभियान
हरियाणा में ₹504 करोड़ का सरकारी फंड घोटाला: 6 IAS समेत 19 पर CBI की तीसरी चार्जशीट, छापों में मिला ₹20 करोड़ का सोना
UP Special TET 2026: टीईटी में फेल 62 हजार शिक्षकों को मिलेगा एक और मौका, सरकार ने विशेष परीक्षा को दी मंजूरी