Maharashtra Politics: ₹500 करोड़ के आरोपों पर मनोज जरांगे ने जारी किया ऑडियो! एकनाथ शिंदे का इनकार, BJP-शिवसेना में नए सवाल
मराठा आरक्षण आंदोलन के नेता मनोज जरांगे ने ₹500 करोड़ के आरोपों को लेकर ऑडियो क्लिप जारी की। डिप्टी CM एकनाथ शिंदे ने आरोप खारिज किए। शिवसेना ने रिकॉर्डिंग की सत्यता की जांच की मांग की है।
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महाराष्ट्र में मराठा आरक्षण आंदोलन को लेकर नया राजनीतिक विवाद सामने आया है। मनोज जरांगे ने ₹500 करोड़ के कथित भुगतान से जुड़ी ऑडियो क्लिप जारी की, जबकि एकनाथ शिंदे ने आरोपों से इनकार किया है। जानिए पूरा मामला।
प्रत्यक्षदर्शी समाचार | मुंबई/जालना | 22 अक्टूबर 2026
महाराष्ट्र की राजनीति में मराठा आरक्षण आंदोलन को लेकर नया विवाद सामने आया है। आंदोलन के प्रमुख नेता मनोज जरांगे पाटील ने गुरुवार को जालना में प्रेस कॉन्फ्रेंस करके एक ऑडियो क्लिप जारी की। उन्होंने दावा किया कि यह रिकॉर्डिंग उनके खिलाफ कथित साजिश और ₹500 करोड़ के भुगतान संबंधी आरोपों से जुड़ी है।
मामले में महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे, भारतीय जनता पार्टी और शिवसेना के नेताओं के बयान भी सामने आए हैं। शिंदे ने आरोपों को खारिज किया है। ऑडियो की स्वतंत्र फॉरेंसिक जाँच की पुष्टि अभी नहीं हुई है।
खबर में खास
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मनोज जरांगे ने 22 अक्टूबर को ऑडियो क्लिप सार्वजनिक की।
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रिकॉर्डिंग में ₹500 करोड़ के कथित भुगतान का उल्लेख होने का दावा।
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एकनाथ शिंदे ने पैसे लेने या देने के आरोपों से इनकार किया।
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शिवसेना नेता रामदास कदम ने ऑडियो में भाजपा नेताओं की आवाज होने का दावा किया।
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रिकॉर्डिंग की प्रामाणिकता और उसमें शामिल व्यक्तियों की पहचान की पुष्टि बाकी है।
ऑडियो क्लिप में क्या होने का दावा?
मनोज जरांगे के अनुसार, रिकॉर्डिंग में कुछ व्यक्ति उनके आंदोलन और कथित ₹500 करोड़ के भुगतान पर बातचीत कर रहे हैं।
उनका दावा है कि बातचीत में यह उल्लेख किया गया कि कथित रकम सांसद श्रीकांत शिंदे के माध्यम से उन तक पहुँचाई गई थी। श्रीकांत शिंदे, एकनाथ शिंदे के बेटे हैं।
जरांगे ने यह भी आरोप लगाया कि उनके मराठा आरक्षण आंदोलन को कमजोर करने और उनकी छवि खराब करने की कोशिश की गई।
हालांकि, रिकॉर्डिंग में सुनाई देने वाली बातचीत को किसी वास्तविक भुगतान या साजिश का प्रमाण मानने से पहले उसकी प्रामाणिकता, संदर्भ और वक्ताओं की पहचान स्थापित करना जरूरी है।
एकनाथ शिंदे ने क्या जवाब दिया?
इस विवाद की शुरुआत 20 अक्टूबर को जरांगे द्वारा उठाए गए सवालों से हुई थी।
21 अक्टूबर को दिल्ली में पत्रकारों से बातचीत करते हुए एकनाथ शिंदे ने आरोपों से इनकार किया।
शिंदे ने कहा कि उन्होंने न किसी को ₹500 करोड़ दिए और न किसी से इतनी रकम ली। उन्होंने जरांगे से सवाल किया कि बिना तथ्यों की पुष्टि किए इतने गंभीर आरोप किस आधार पर लगाए जा रहे हैं।
उन्होंने यह भी कहा कि अगर किसी के पास प्रमाण हैं तो वे संबंधित एजेंसियों को दिए जाने चाहिए, ताकि मामले की जाँच हो सके।
शिवसेना नेता ने BJP को लेकर क्या कहा?
ऑडियो सामने आने के बाद शिवसेना नेता और पूर्व मंत्री रामदास कदम ने भी प्रतिक्रिया दी।
कदम ने दावा किया कि क्लिप में बातचीत करने वाले लोग भाजपा से जुड़े हैं। उन्होंने सवाल उठाया कि कथित तौर पर दो वर्ष पुरानी रिकॉर्डिंग अब क्यों सार्वजनिक की गई।
उन्होंने एकनाथ शिंदे को बदनाम करने की कोशिश होने की आशंका जताई और पूरे मामले की जाँच की मांग की।
कदम का यह बयान भी उनकी ओर से किया गया दावा है। रिकॉर्डिंग में किसी विशेष दल के नेताओं की मौजूदगी की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
भाजपा ने क्या प्रतिक्रिया दी?
महाराष्ट्र भाजपा नेता चंद्रशेखर बावनकुले ने इस विवाद से पार्टी को अलग बताते हुए कहा कि संबंधित पक्षों को आरोपों पर स्पष्टीकरण देना चाहिए।
वहीं शिवसेना प्रवक्ता संजय शिरसाट ने ऑडियो की तकनीकी जाँच की जरूरत बताई। उन्होंने यह जाँचने की बात भी कही कि रिकॉर्डिंग में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस या किसी अन्य तकनीकी बदलाव का इस्तेमाल तो नहीं किया गया।
महाराष्ट्र की राजनीति में अब आगे क्या?
