गांधीनगर नगर निगम चुनाव में BJP को 38 सीटें, कांग्रेस ने बढ़ाईं सीटें; AAP का खाता भी नहीं खुला

गुजरात के गांधीनगर नगर निगम की 44 सीटों में भाजपा ने 38 और कांग्रेस ने 5 सीटें जीतीं। एक सीट निर्दलीय के खाते में गई, जबकि आम आदमी पार्टी को कोई सीट नहीं मिली।

गांधीनगर नगर निगम चुनाव 2026 के नतीजे घोषित हो गए हैं। भाजपा ने 38 सीटों पर जीत दर्ज की है। कांग्रेस को 5 और एक निर्दलीय को एक सीट मिली। AAP का खाता नहीं खुला। जानिए 2021 के मुकाबले किस पार्टी की कितनी सीटें बदलीं।

अमित शाह के संसदीय क्षेत्र में भाजपा ने बरकरार रखा नगर निगम, लेकिन पिछली बार से तीन सीटें कम; कांग्रेस को फायदा

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गांधीनगर नगर निगम की सभी 44 सीटों के नतीजों में भाजपा को 38, कांग्रेस को 5 और निर्दलीय को एक सीट मिली।

प्रत्यक्षदर्शी समाचार | गांधीनगर, गुजरात | 13 अक्टूबर 2026

गुजरात की राजधानी गांधीनगर में नगर निगम चुनाव के परिणाम घोषित हो गए हैं। मंगलवार, 13 अक्टूबर को हुई मतगणना में भारतीय जनता पार्टी ने कुल 44 सीटों में से 38 सीटों पर जीत दर्ज करके नगर निगम में अपना बहुमत बरकरार रखा है।
कांग्रेस ने पांच सीटों पर जीत हासिल की, जबकि एक सीट निर्दलीय उम्मीदवार के खाते में गई। आम आदमी पार्टी इस चुनाव में एक भी सीट नहीं जीत सकी।
गांधीनगर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के लोकसभा निर्वाचन क्षेत्र का हिस्सा है। इस कारण नगर निगम चुनाव के परिणाम राजनीतिक चर्चा में हैं।
हालांकि, इस बार भाजपा की सीटें पिछले चुनाव की तुलना में तीन कम हुई हैं। वर्ष 2021 में भाजपा ने 41 सीटें जीती थीं, जबकि कांग्रेस के पास दो और आम आदमी पार्टी के पास एक सीट थी। इस बार कांग्रेस की संख्या बढ़कर पांच हो गई है
खबर में खास
  • गांधीनगर नगर निगम की कुल 44 सीटों में भाजपा को 38 पर जीत।
  • कांग्रेस ने पांच सीटें हासिल कीं, एक निर्दलीय उम्मीदवार भी जीता।

  • आम आदमी पार्टी ने 32 उम्मीदवार उतारे, लेकिन एक भी सीट नहीं जीती।

  • वर्ष 2021 के मुकाबले भाजपा की तीन सीटें कम हुईं।

  • कांग्रेस ने वार्ड नंबर 6 की चारों सीटों पर जीत हासिल की।

गांधीनगर नगर निगम चुनाव में किस पार्टी को कितनी सीटें मिलीं?

गांधीनगर नगर निगम के 11 वार्डों की कुल 44 सीटों के लिए 11 अक्टूबर को मतदान हुआ था।
मंगलवार को मतगणना पूरी होने के बाद भाजपा सबसे अधिक 38 सीटों के साथ सामने आई। कांग्रेस को पांच सीटें मिलीं और एक सीट पर निर्दलीय उम्मीदवार की जीत हुई।
आम आदमी पार्टी ने भी चुनाव मैदान में अपने उम्मीदवार उतारे थे, लेकिन उसे कोई सीट नहीं मिली।
नगर निगम में बहुमत के लिए 23 सीटों की आवश्यकता होती है। भाजपा ने इससे अधिक सीटें हासिल की हैं, इसलिए नगर निगम में उसका बहुमत बरकरार है।

2021 और 2026 के चुनाव में कितना बदला परिणाम?

गांधीनगर नगर निगम चुनाव के पिछले और मौजूदा परिणामों की तुलना करने पर एक महत्वपूर्ण बदलाव दिखाई देता है।

पार्टी

2021

2026

बदलाव

भाजपा

41

38

−3

कांग्रेस

2

5

+3

आम आदमी पार्टी

1

0

−1

निर्दलीय

0

1

+1

कुल

44

44

—



इस तुलना से स्पष्ट है कि भाजपा ने अपना बहुमत बरकरार रखा है, लेकिन उसकी सीटों की संख्या पहले से कम हुई है।

दूसरी ओर कांग्रेस ने तीन अतिरिक्त सीटें जीती हैं, जबकि आम आदमी पार्टी अपनी पिछली एक सीट भी नहीं बचा सकी।
वार्ड नंबर 6 में कांग्रेस ने जीतीं सभी चार सीटें
इस चुनाव में कांग्रेस के लिए वार्ड नंबर 6 का परिणाम महत्वपूर्ण रहा।
इस वार्ड की सभी चार सीटों पर कांग्रेस उम्मीदवारों ने जीत दर्ज की।
विजेता उम्मीदवारों में हंसाबेन निनामा, मेघनाबेन देसाई, मेहुलकुमार राठौड़ और कर्मजीत सिंह वाघेला शामिल हैं।
इसके अलावा वार्ड नंबर 7 में कांग्रेस के नगीणभाई नाडिया को जीत मिली।
इस तरह कांग्रेस की कुल पांच सीटों में चार वार्ड नंबर 6 से और एक वार्ड नंबर 7 से आई है।
वार्ड नंबर 2 में निर्दलीय उम्मीदवार की जीत
गांधीनगर के वार्ड नंबर 2 में भी एक अलग परिणाम सामने आया।
यहां भाजपा ने चार में से तीन सीटें जीतीं, जबकि एक सीट निर्दलीय उम्मीदवार दीपिकाबेन वाघेला ने हासिल की।
दीपिकाबेन की जीत के कारण इस वार्ड में भाजपा का चारों सीटों पर जीतने का लक्ष्य पूरा नहीं हुआ।
बाकी कई वार्डों में भाजपा के पूरे पैनल को सफलता मिली।
आम आदमी पार्टी को क्यों नहीं मिली कोई सीट?
गांधीनगर चुनाव में आम आदमी पार्टी ने कुल 32 उम्मीदवार मैदान में उतारे थे।
लेकिन मतगणना पूरी होने के बाद पार्टी एक भी सीट नहीं जीत सकी।
वर्ष 2021 में AAP को गांधीनगर नगर निगम में एक सीट मिली थी। इस बार वह सीट भी पार्टी के पास नहीं रही।
हालांकि, सीटों के परिणाम से यह स्पष्ट नहीं होता कि AAP को कुल कितने वोट मिले या किन क्षेत्रों में उसका मत प्रतिशत बढ़ा या घटा। इसके लिए विस्तृत आधिकारिक मतदान आंकड़ों की जरूरत होगी।

गांधीनगर में कितना मतदान हुआ था?

गांधीनगर नगर निगम चुनाव के लिए 11 अक्टूबर को मतदान हुआ था।
राज्य निर्वाचन आयोग के आंकड़ों के अनुसार, शहर में 59.25 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया।
चुनाव में कुल 2,59,985 पंजीकृत मतदाता थे। इनमें से 1,54,045 लोगों ने अपने मताधिकार का इस्तेमाल किया।
मतदान के लिए शहर में 295 मतदान केंद्र बनाए गए थे।
वर्ष 2021 में गांधीनगर नगर निगम चुनाव में लगभग 56 प्रतिशत मतदान हुआ था। इस बार मतदान प्रतिशत उससे तीन प्रतिशत अंक से अधिक रहा।
गांधीनगर चुनाव में कितने उम्मीदवार मैदान में थे?
नगर निगम की 44 सीटों के लिए कुल 130 उम्मीदवार मैदान में थे।
भाजपा और कांग्रेस ने सभी 44 सीटों पर अपने-अपने उम्मीदवार उतारे थे।
आम आदमी पार्टी ने 32 उम्मीदवारों को चुनाव में उतारा था। इसके अलावा निर्दलीय और अन्य दलों के उम्मीदवार भी मैदान में थे।
इस चुनाव में स्थानीय विकास, बुनियादी सुविधाएं, शिक्षा और शहर के भविष्य से जुड़े मुद्दों पर अलग-अलग दलों ने अपने वादे किए थे।
भाजपा ने बुनियादी ढांचे और विकास योजनाओं पर जोर दिया था। कांग्रेस ने युवाओं तथा शिक्षा संबंधी योजनाएं सामने रखीं, जबकि AAP ने नगर सुविधाओं को लेकर अपने प्रस्ताव दिए थे।
गांधीनगर नगर निगम चुनाव का क्या महत्व है?
गांधीनगर गुजरात की राजधानी है और इसका नगर निगम शहर की साफ-सफाई, स्थानीय सड़कों, जल निकासी, सार्वजनिक सुविधाओं और अन्य नागरिक सेवाओं के प्रबंधन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
इस चुनाव में भाजपा को स्पष्ट बहुमत मिला है। वहीं कांग्रेस की सीटों की संख्या बढ़ी है और आम आदमी पार्टी को प्रतिनिधित्व नहीं मिल पाया।
हालांकि, नगर निगम के एक चुनाव के आधार पर पूरे गुजरात के मतदाताओं की राजनीतिक पसंद के बारे में व्यापक निष्कर्ष नहीं निकाला जा सकता।

अब आगे क्या होगा?

चुनाव परिणाम घोषित होने के बाद नगर निगम के निर्वाचित सदस्यों से जुड़ी आगे की औपचारिक प्रक्रियाएं पूरी होंगी।
इसके बाद महापौर और नगर निगम की अन्य जिम्मेदारियों से जुड़े फैसले संबंधित नियमों के अनुसार किए जाएंगे।
शहर के नागरिकों के लिए सबसे महत्वपूर्ण सवाल यह होगा कि चुनाव के दौरान किए गए विकास संबंधी वादों पर नया नगर निगम किस तरह काम करता है।
 गांधीनगर नगर निगम की 44 सीटों पर भाजपा ने 38 सीटें जीतकर अपना बहुमत बरकरार रखा है। कांग्रेस पांच सीटों तक पहुंची है, जबकि AAP एक भी सीट नहीं जीत सकी। अब नवनिर्वाचित प्रतिनिधियों के सामने शहर की नागरिक सुविधाओं और विकास संबंधी वादों पर काम करने की जिम्मेदारी होगी।

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