‘72 घंटे में होगी स्वतंत्र भारद्वाज की गिरफ्तारी’, निशु आजाद ने बताया पुलिस से मिला आश्वासन
पिता से मारपीट के मामले में कार्रवाई की मांग के बीच निशु का बयान सामने आया; संसद मार्ग थाने के बाहर जुटे CJP सदस्य, पुलिस की आगे की कार्रवाई पर नजर।
निशु आजाद ने कहा है कि पुलिस ने स्वतंत्र भारद्वाज को 72 घंटे के भीतर गिरफ्तार करने का आश्वासन दिया है। मामला जंतर-मंतर पर उनके पिता से कथित मारपीट का है। पढ़ें नया बयान, घटना की पृष्ठभूमि और पुलिस का पहले दिया गया जवाब।
गिरफ्तारी के आश्वासन पर निशु आजाद का बयान
नई दिल्ली: जंतर-मंतर पर अपने पिता से कथित मारपीट के मामले में कार्रवाई मांग रहीं निशु आजाद का नया बयान सामने आया है। साझा सोशल मीडिया पोस्ट में उनके हवाले से कहा गया है कि पुलिस ने स्वतंत्र भारद्वाज को 72 घंटे के भीतर गिरफ्तार करने का आश्वासन दिया है। यह जानकारी निशु के कथन पर आधारित है; उपलब्ध सामग्री में संबंधित पुलिस अधिकारी का सीधे दिया गया बयान नहीं है। स्रोत: साझा पोस्ट
टाइम्स ऑफ इंडिया ने भी शुक्रवार को निशु के हवाले से 72 घंटे में कार्रवाई का आश्वासन मिलने की खबर दी है। रिपोर्ट के अनुसार, CJP सदस्य संसद मार्ग थाने के बाहर जुटे और उनके पिता से कथित मारपीट पर सख्त कार्रवाई की मांग की। स्रोत: टाइम्स ऑफ इंडिया
क्या है जंतर-मंतर पर मारपीट का पूरा मामला?
आजतक की रिपोर्ट के अनुसार, घटना 23 जून 2026 को CJP के प्रदर्शन के दौरान हुई थी। निशु के पिता संजय कुमार अपनी बेटी और एक दोस्त के साथ वहां पहुंचे थे। शिकायत में कहा गया है कि मोबाइल से वीडियो बनाने पर आपत्ति के बाद विवाद शुरू हुआ। संजय का कहना था कि वह प्रदर्शन की रिकॉर्डिंग कर रहे थे।
आरोप है कि बहस बढ़ने पर कुछ लोगों ने उन्हें घेरकर पीटा और कड़े जैसी ठोस वस्तु से सिर पर वार किया। रिपोर्ट में स्वतंत्र भारद्वाज और सूरज कुमार को आरोपी बताया गया है। स्वतंत्र भारद्वाज ने भी आजतक से बातचीत में विवाद की शुरुआत वीडियो बनाने को लेकर होने की बात कही। स्रोत: आजतक
पॉडकास्ट की क्लिप से मामले पर दोबारा उठे सवाल
इस मामले को लेकर नई चर्चा स्वतंत्र भारद्वाज की एक पॉडकास्ट क्लिप सामने आने के बाद हुई। हिन्दुस्तान की रिपोर्ट में बताया गया कि क्लिप में घटना को लेकर किए गए उनके कथित दावों से विवाद बढ़ा। मारपीट के आरोपों से जुड़े इस बयान ने मामले को दोबारा सार्वजनिक चर्चा में ला दिया।
यहां वीडियो में किया गया दावा और जांच में प्रमाणित तथ्य अलग-अलग हैं। किसी क्लिप को उसके संदर्भ से अलग करके अंतिम निष्कर्ष नहीं माना जा सकता। संबंधित कथन की पूरी रिकॉर्डिंग और मामले के साक्ष्य महत्वपूर्ण हैं। स्रोत: हिन्दुस्तान
निशु ने पुलिस की कार्रवाई पर जताया था असंतोष
नवभारत टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक, निशु ने पहले पुलिस की कार्यप्रणाली पर असंतोष जताते हुए राहुल गांधी से मदद मांगी थी। उन्होंने आरोपी के सार्वजनिक बयानों को लेकर सवाल उठाए और कार्रवाई की मांग की। CJP से जुड़े लोग भी इस मुद्दे पर संसद मार्ग थाने पहुंचे थे।
अब आश्वासन मिलने का उनका बयान इसी घटनाक्रम में नया पहलू है। हालांकि, इससे यह निष्कर्ष नहीं निकलता कि गिरफ्तारी हो चुकी है या मामले की सभी मांगों पर पुलिस ने निर्णय ले लिया है। आगे हुई कार्रवाई की पुष्टि अलग से आवश्यक होगी।
पुलिस ने पहले मेडिकल रिपोर्ट और पूछताछ का दिया था हवाला
नवभारत टाइम्स ने डीसीपी सचिन शर्मा के हवाले से बताया था कि मेडिकल जांच में चोटें मामूली बताई गई थीं और सिर में क्रैक होने का दावा रिकॉर्ड से मेल नहीं खाता। पुलिस ने कहा था कि दोनों आरोपियों को उस समय हिरासत में लेकर पूछताछ की गई थी तथा चार्जशीट दाखिल की जाएगी। अनुचित प्रभाव या हस्तक्षेप के आरोप भी पुलिस ने नकारे थे। स्रोत: नवभारत टाइम्स
72 घंटे की बात में क्या स्पष्ट होना बाकी है?
निशु के कथन से आश्वासन मिलने की जानकारी सामने आती है, लेकिन उपलब्ध सामग्री में उसकी सटीक शुरुआत का समय या लिखित विवरण नहीं है। इसलिए गिरफ्तारी की निश्चित तारीख और घंटे की गणना करना उचित नहीं होगा।
फिलहाल खबर का मुख्य बिंदु निशु का नया बयान है। इसे किसी अदालत की समयसीमा, पुलिस की लिखित घोषणा या कार्रवाई पूरी होने के रूप में प्रस्तुत नहीं किया जाना चाहिए। मामले में अगली महत्वपूर्ण जानकारी वास्तविक कार्रवाई और उसकी आधिकारिक पुष्टि होगी।
