इंटरनेट बंद होने के बीच ध्रुव राठी ने दी चेतावनी, बोले—ये 2 ऐप डाउनलोड न करें
दिल्ली में CJP प्रदर्शन के बीच इंटरनेट सेवाएं प्रभावित हैं। ध्रुव राठी ने Bridgefy और Briar जैसे ब्लूटूथ मैसेजिंग ऐप डाउनलोड न करने की सलाह साझा की है।
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दिल्ली में CJP प्रदर्शन और इंटरनेट पाबंदियों के बीच यूट्यूबर ध्रुव राठी ने Bridgefy और Briar ऐप इंस्टॉल न करने की सलाह दी है। जानिए ये ऐप बिना इंटरनेट कैसे काम करते हैं और इनसे जुड़े सुरक्षा सवाल क्या हैं।
दिल्ली में इंटरनेट पाबंदियों के बीच ब्लूटूथ मैसेजिंग ऐप चर्चा में, ध्रुव राठी ने दो ऐप डाउनलोड करने से किया मना
प्रत्यक्षदर्शी समाचार | टेक्नोलॉजी डेस्क | 10 अक्टूबर 2026
दिल्ली में 10 अक्टूबर को CJP के प्रस्तावित विरोध प्रदर्शन के बीच इंटरनेट सेवाओं पर पाबंदियों की खबर सामने आई है। इसी दौरान यूट्यूबर ध्रुव राठी की एक सोशल मीडिया पोस्ट चर्चा में है। उन्होंने लोगों को दो ब्लूटूथ आधारित मैसेजिंग ऐप—Bridgefy और Briar—डाउनलोड नहीं करने की सलाह दी है।
ये ऐप सामान्य इंटरनेट कनेक्शन के बिना भी कुछ परिस्थितियों में संदेश भेजने की सुविधा प्रदान करते हैं। हालांकि, दोनों के काम करने का तरीका अलग है।
ध्रुव राठी ने अपनी पोस्ट में इन ऐप्स को डाउनलोड न करने को कहा, लेकिन पोस्ट में इसका विस्तृत तकनीकी कारण स्पष्ट नहीं किया। इसलिए यह कहना सही नहीं होगा कि उन्होंने ऐप्स में जासूसी या डेटा चोरी का कोई प्रमाण प्रस्तुत किया है।
खबर में खास
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ध्रुव राठी ने Bridgefy और Briar डाउनलोड न करने की सलाह साझा की।
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दोनों ऐप बिना सामान्य मोबाइल इंटरनेट के संदेश भेजने की सुविधा दे सकते हैं।
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Bridgefy ब्लूटूथ आधारित संदेश भेजने की तकनीक का इस्तेमाल करता है।
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Briar में ब्लूटूथ और दूसरे संपर्क माध्यमों के जरिए संचार की सुविधा है।
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दिल्ली में CJP प्रदर्शन के बीच इंटरनेट सेवाओं पर पाबंदियों की रिपोर्ट सामने आई है।
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ऐप्स को खतरनाक घोषित करने वाला कोई पुष्ट तकनीकी निष्कर्ष इस खबर में उपलब्ध नहीं है।
ध्रुव राठी ने किन दो ऐप्स को डाउनलोड करने से किया मना?
यूट्यूबर ध्रुव राठी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर एक पोस्ट साझा की। इसमें उन्होंने लोगों को कुछ ऐप डाउनलोड नहीं करने की सलाह दी।
साझा की गई जानकारी में Bridgefy और Briar का नाम शामिल था।
ये दोनों ऐसे मैसेजिंग ऐप हैं जिनका इस्तेमाल सामान्य मोबाइल इंटरनेट उपलब्ध न होने की स्थिति में कुछ प्रकार के संचार के लिए किया जा सकता है।
ध्रुव राठी ने इन्हें डाउनलोड न करने की सलाह दी है, लेकिन उनकी पोस्ट से यह स्पष्ट नहीं होता कि इसके पीछे किसी सुरक्षा जांच, ऐप में मिली तकनीकी खामी या किसी अन्य कारण की भूमिका थी।
Bridgefy ऐप क्या है और कैसे काम करता है?
Bridgefy एक मैसेजिंग ऐप है जो ब्लूटूथ आधारित तकनीक के जरिए आसपास मौजूद उपकरणों के बीच संदेश भेजने की सुविधा देता है।
सामान्य मैसेजिंग ऐप की तरह हर संदेश भेजने के लिए मोबाइल डेटा या वाई-फाई इंटरनेट की जरूरत हमेशा नहीं पड़ती।
हालांकि, इसका मतलब यह नहीं है कि यह किसी भी दूरी पर बिना नेटवर्क काम कर सकता है।
ब्लूटूथ की सीमा, आसपास मौजूद दूसरे उपयोगकर्ता और उपकरणों की स्थिति जैसी बातें संदेश पहुंचने की क्षमता को प्रभावित करती हैं।
किसी विशेष परिस्थिति में ऐप की उपलब्धता और उसकी सुरक्षा उसके संस्करण तथा इस्तेमाल किए जा रहे संचार तरीके पर निर्भर करती है।
Briar ऐप क्या है?
Briar एक मैसेजिंग ऐप है जिसे इंटरनेट उपलब्ध न होने की स्थिति में भी कुछ माध्यमों से संचार जारी रखने के उद्देश्य से विकसित किया गया है।
यह समर्थित उपकरणों के बीच ब्लूटूथ या स्थानीय नेटवर्क का इस्तेमाल कर सकता है। इंटरनेट उपलब्ध होने पर यह दूसरे नेटवर्क माध्यमों का भी उपयोग कर सकता है।
Briar का डिजाइन सामान्य केंद्रीकृत मैसेजिंग सेवाओं से अलग है।
हालांकि, किसी ऐप में निजी संचार की सुविधा होने का अर्थ यह नहीं है कि उपयोगकर्ता हर परिस्थिति में पूरी तरह सुरक्षित या पहचान से मुक्त रहेगा।
क्या ये दोनों ऐप खतरनाक हैं?
ध्रुव राठी की पोस्ट में इन्हें डाउनलोड न करने की सलाह सामने आई है, लेकिन इससे यह साबित नहीं होता कि Bridgefy और Briar अपने आप में खतरनाक ऐप हैं।
किसी ऐप की सुरक्षा जांचने के लिए उसकी आधिकारिक जानकारी, स्वतंत्र सुरक्षा परीक्षण, ऐप का संस्करण और उसमें इस्तेमाल होने वाली तकनीक को देखना जरूरी होता है।
ऑफलाइन मैसेजिंग ऐप में भी संदेशों की गोपनीयता, दूसरे उपयोगकर्ताओं की पहचान, फोन की सुरक्षा और स्थानीय नेटवर्क से जुड़े जोखिम हो सकते हैं।
इसलिए केवल सोशल मीडिया पर किसी व्यक्ति की सलाह देखकर दोनों ऐप को जासूसी या डेटा चोरी करने वाला घोषित करना उचित नहीं होगा।
दिल्ली में इंटरनेट पाबंदियों के बीच क्यों चर्चा में आए ऐप?
दिल्ली में 10 अक्टूबर के प्रदर्शन को देखते हुए कई इलाकों में पुलिस और सुरक्षा बलों की तैनाती बढ़ाई गई है।
कुछ क्षेत्रों में मोबाइल इंटरनेट सेवाएं प्रभावित होने की जानकारी भी सामने आई है। ऐसे समय बिना सामान्य इंटरनेट कनेक्शन के चलने वाले मैसेजिंग ऐप चर्चा में आ जाते हैं।
हालांकि, दिल्ली के सभी इलाकों में इंटरनेट बंद होने की पुष्टि नहीं है। इंटरनेट संबंधी पाबंदियों का वास्तविक क्षेत्र और समय आधिकारिक आदेशों से ही स्पष्ट होगा।
Bitchat को लेकर भी सामने आई जानकारी
इस विवाद के बीच Bitchat नाम का एक अन्य ब्लूटूथ आधारित मैसेजिंग ऐप भी चर्चा में आया है।
रिपोर्ट में दावा किया गया है कि भारत में इसे ऐप स्टोर से हटाया गया है।
हालांकि, किसी ऐप का स्टोर पर उपलब्ध न होना और उसके सभी संस्करणों पर देशव्यापी प्रतिबंध लगना अलग-अलग बातें हैं। इसकी कानूनी स्थिति समझने के लिए आधिकारिक आदेश जरूरी होगा।
बिना इंटरनेट चलने वाले ऐप इस्तेमाल करते समय क्या सावधानी रखें?
किसी भी मैसेजिंग ऐप को इंस्टॉल करने से पहले उसका वास्तविक डेवलपर, आधिकारिक वितरण स्रोत और मांगी जा रही अनुमतियां देखनी चाहिए।
अनजान वेबसाइटों से APK डाउनलोड करने से बचना चाहिए। इसके अलावा ऐप के सुरक्षा अपडेट और गोपनीयता संबंधी जानकारी पर ध्यान देना जरूरी है।
ब्लूटूथ या स्थानीय नेटवर्क पर काम करने वाले ऐप का इस्तेमाल करते समय भी व्यक्तिगत जानकारी साझा करने के जोखिम बने रह सकते हैं।
ध्रुव राठी की हिरासत की खबर भी सामने आई
दिल्ली में CJP के प्रदर्शन से पहले ध्रुव राठी को गुरुग्राम के सेक्टर 56 स्थित उनके निवास से हिरासत में लेने की खबर सामने आई है।
राठी ने इससे पहले बेंगलुरु में CJP के विरोध प्रदर्शन में भाग लिया था और दिल्ली में प्रस्तावित प्रदर्शन में शामिल होने की बात कही थी।
हालांकि, उनकी हिरासत और ब्लूटूथ मैसेजिंग ऐप्स को लेकर साझा की गई पोस्ट अलग-अलग घटनाक्रम हैं। इनके बीच किसी सीधे कारणात्मक संबंध की पुष्टि नहीं है।
अब इस मामले में आगे क्या देखना होगा?
