काशी विश्वनाथ धाम में श्रृंगार गौरी पूजन संग नौ दिवसीय रामकथा का शुभारंभ

68वें वर्ष में प्रवेश कर रहा रामचरितमानस नवाहन पारायण ज्ञान महायज्ञ

श्री काशी विश्वनाथ मंदिर परिसर में शनिवार से नौ दिवसीय श्रीराम कथा का विधिवत शुभारंभ श्रृंगार गौरी माता के पूजन के साथ हुआ। परंपराओं के अनुरूप प्रशासन की अनुमति से वर्ष में निर्धारित दिनों में होने वाले श्रृंगार गौरी पूजन के अवसर पर इस रामकथा की शुरुआत की गई। बाबा काशी विश्वनाथ के धाम में कथा वाचकों द्वारा रामकथा का रसपान कराया जा रहा है, जिससे संपूर्ण परिसर भक्तिरस में डूब गया है।

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श्रंगार गौरी पूजन के साथ ही हुआ भव्य राम कथा का श्री गणेश

 

वाराणसी।
श्री काशी विश्वनाथ मंदिर परिसर में शनिवार से नौ दिवसीय श्रीराम कथा का विधिवत शुभारंभ श्रृंगार गौरी माता के पूजन के साथ हुआ। परंपराओं के अनुरूप प्रशासन की अनुमति से वर्ष में निर्धारित दिनों में होने वाले श्रृंगार गौरी पूजन के अवसर पर इस रामकथा की शुरुआत की गई। बाबा काशी विश्वनाथ के धाम में कथा वाचकों द्वारा रामकथा का रसपान कराया जा रहा है, जिससे संपूर्ण परिसर भक्तिरस में डूब गया है।


111 ब्राह्मणों के वैदिक मंत्रोच्चार से हुआ पूजन
श्री काशी सत्संग मंडल के तत्वावधान में आयोजित श्री रामचरितमानस नवाहन पारायण ज्ञान महायज्ञ के 68वें वर्ष के उपलक्ष्य में आयोजित इस कार्यक्रम की शुरुआत माता श्रृंगार गौरी के पूजन से हुई। पूजन के दौरान 11 नारियल अर्पित किए गए तथा धूप, दीप और भोग अर्पण के साथ 111 ब्राह्मणों ने वैदिक मंत्रोच्चार किया।

इसके बाद नंदी महाराज का दर्शन-पूजन एवं भोग आरती संपन्न हुई। इस दौरान मंदिर परिसर “जय श्रीराम”, “श्रृंगार गौरी माता की जय” और “हर हर महादेव” के जयघोष से गूंज उठा।


विश्व शांति के संकल्प के साथ नौ दिवसीय महायज्ञ
विश्वनाथ मंदिर की परिक्रमा के पश्चात श्रीराम कथा एवं विश्व शांति के उद्देश्य से नौ दिवसीय महायज्ञ का विधिवत उद्घाटन किया गया। उद्घाटन समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में हरिद्वार से पधारे स्वामी जितेंद्रानंद सरस्वती शामिल हुए।

इस अवसर पर महामंडलेश्वर अरुण दास जी महाराज (प्रयाग पीठाधीश्वर योगीराज पागल बाबा), आचार्य सूर्यलाल जी मिश्र, सिद्धपीठ हनुमानगढ़ी अयोध्या से डॉ. देवेशाचार्य जी महाराज, कथा व्यास एवं ज्योतिषाचार्य आचार्य विपिन वशिष्ठ सहित अनेक संत-महात्मा और विद्वान आचार्य मौजूद रहे।


राजनीतिक व सामाजिक हस्तियों की रही मौजूदगी
कार्यक्रम में भाजपा नेता संजय गुप्ता, साधना गुप्ता एवं वाराणसी के पूर्व महापौर प्रत्याशी सहित कई सामाजिक एवं राजनीतिक हस्तियां भी उपस्थित रहीं। मंदिर प्रशासन द्वारा सुरक्षा व्यवस्था के व्यापक इंतजाम किए गए थे। पुलिस, सीआरपीएफ, खुफिया एवं इंटेलिजेंस विभाग के जवान पूरे परिसर में तैनात रहे।


अतिथियों का सम्मान, श्रद्धालुओं की उमड़ी भीड़
संस्थान के कार्यकारी अध्यक्ष डॉ. देवेंद्र कुमार पाठक एवं मीडिया प्रभारी डॉ. प्रकाश पांडे ने मुख्य अतिथियों का अंगवस्त्र भेंट कर स्वागत किया। श्रीराम दरबार की प्रतिमा भेंट कर अतिथियों का सम्मान किया गया। कार्यक्रम में मानस व्यास पंडित रवि मिश्र, ब्रजेश उपाध्याय, सर्वज्ञ मिश्र, लल्लन प्रसाद प्रजापति सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे।


आस्था और संस्कृति का दुर्लभ संगम
रामकथा के माध्यम से श्रद्धालुओं को भगवान श्रीराम के जीवन, मर्यादा और आदर्शों से जुड़ने का अवसर मिलेगा। काशी विश्वनाथ मंदिर में आयोजित यह रामकथा धार्मिक ही नहीं बल्कि सांस्कृतिक दृष्टि से भी विशेष महत्व रखती है। नौ दिनों तक चलने वाले इस महायज्ञ में श्रद्धा और सनातन परंपराओं का अद्भुत संगम देखने को मिल रहा है।

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