खालिदा जिया का अंतिम संस्कार

ढाका पहुंचे एस जयशंकर, तारिक रहमान से 'हैंडशेक' के क्या हैं कूटनीतिक मायने?

शेख हसीना के सत्ता छोड़ने के बाद विदेश मंत्री का पहला बांग्लादेश दौरा; पीएम मोदी का शोक संदेश लेकर पहुंचे जयशंकर।

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विदेश मंत्री एस. जयशंकर तारिक़ रहमान को प्रधानमंत्री का शोक संदेश देते हुये

 

ढाका | बांग्लादेश की राजनीति के एक युग का आज अंत हो गया। पूर्व प्रधानमंत्री बेगम खालिदा जिया को आज राजकीय सम्मान के साथ सुपुर्द-ए-खाक किया जा रहा है। इस ऐतिहासिक और भावुक क्षण का गवाह बनने के लिए दुनिया भर के प्रतिनिधि ढाका पहुंचे हैं। भारत की ओर से विदेश मंत्री डॉ. एस जयशंकर ने इस जनाजे में शामिल होकर नई दिल्ली की ओर से संवेदनाएं प्रकट कीं।

पीएम मोदी का शोक पत्र और गर्मजोशी भरा 'हैंडशेक'

विदेश मंत्री एस जयशंकर ने ढाका पहुंचते ही खालिदा जिया के बेटे और बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (BNP) के कार्यवाहक अध्यक्ष तारिक रहमान से मुलाकात की। इस दौरान जयशंकर ने उन्हें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का विशेष शोक पत्र सौंपा। मुलाकात की सबसे चर्चित तस्वीर जयशंकर और तारिक रहमान का हाथ मिलाना रही, जिसमें तारिक की बेटी जायमा रहमान भी मौजूद थीं। तनावपूर्ण संबंधों के बीच इस 'हैंडशेक' को भविष्य की नई कूटनीति की शुरुआत माना जा रहा है।

रिश्तों की बर्फ पिघलने की उम्मीद: हसीना युग के बाद पहला दौरा

अगस्त में शेख हसीना के देश छोड़ने के बाद डॉ. जयशंकर का यह पहला बांग्लादेश दौरा है। भारत में बांग्लादेश के उच्चायुक्त रियाज हामिदुल्लाह ने कहा, "विदेश मंत्री ने लोकतंत्र में बेगम जिया के योगदान को स्वीकार किया और भारत सरकार की ओर से एकजुटता प्रकट की।" विशेषज्ञों का मानना है कि यूनुस सरकार के दौरान बढ़ती भारत-विरोधी गतिविधियों और पाकिस्तान की सक्रियता के बीच, भारत ने मुख्य विपक्षी दल BNP के साथ संवाद का रास्ता खोलकर एक सधा हुआ कदम उठाया है।

फरवरी चुनाव और तारिक रहमान की भूमिका

17 साल के निर्वासन के बाद स्वदेश लौटे तारिक रहमान आगामी फरवरी 2026 में होने वाले चुनावों में प्रधानमंत्री पद के सबसे प्रबल दावेदार हैं। ऐसे में भारत का यह रुख स्पष्ट करता है कि नई दिल्ली अब बांग्लादेश की बदलती जमीनी हकीकत और नए नेतृत्व के साथ संबंध सुधारने की दिशा में आगे बढ़ रही है।

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